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विनोद मेहता : विलक्षण पत्रकार का खामोश हो जाना
विनोद मेहता का जाना भारतीय पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। भारतीय पत्रकारिता में परंपरा और प्रोफेशन के बीच कुशल ... -
कस्बों से कम्प्यूटर क्रांति के मीठे फल
बात 1985 की है। राजीव गाँधी के कम्प्यूटर प्रेम की आलोचना होने पर हम जैसे पत्रकारों को भी लगता था कि भारत जैसे गरीब ... -
आर्थिक आजादी का परचम
आर्थिक आजादी का परचम लाल किले पर तिरंगा झंडा फहराने के बाद भारत के प्रधानमंत्री जब 'जय हिन्द' का नारा लगाते हैं, तो ... -
नाजुक अंग काटने से कैसे ताकतवर होगा भारत?
जम्मू-कश्मीर की आग बुझाने के लिए सुझाए जा रहे तरीके कितने उपयोगी और राष्ट्रविरोधी हैं? -
गनीमत है बम धमाकों से पहले हुई दुर्घटना
तालिबानी मुजाहिदीनों की तरह बम धमाकों की तैयारी कर रहे बजरंग दल के दो नेता बम बनाते हुए सोमवार को कानपुर में मारे गए। ... -
प्रतिबंध की राजनीतिक नौटंकी
विजयादशमी के पावन पर्व पर बजरंग दल ने केन्द्र सरकार को ललकारा- 'हमारे संगठन पर प्रतिबंध लगाने का दुस्साहस न करो, वरना ... -
साध्वी के कर्मों की कालिख से रक्षा
काश यह सच न हो। उन्हें क्या हमें भी सहसा विश्वास नहीं होता। कोई बुरी खबर मिलने पर हर भले मानुस के मुँह से यही निकलता ... -
अभिशापित वोट व्यवस्था
बिगुल बज गया है। नवंबर में श्रीनगर से रायपुर तक 6 राज्य विधानसभाओं के चुनाव होना हैं। इसी घड़ी भारत के बाद सबसे बड़ी ... -
अपने स्वर्ग में बेगाने पथिक
'पर्यटकों के लिए स्वर्ग है भारत।' इस नारे को लघु फिल्मों और टीवी विज्ञापनों के जरिए हिन्दी में प्रचारित करने के लिए ... -
डबडबाती आँखें, डोलता विश्वास
मुंबई। गंगाधर बहुत दुःखी है, लेकिन गुस्सा भ्रष्ट नेताओं और अफसरों पर है, "अरे, वीटी स्टेशन और होटलों के बजाय आतंकवादी ... -
आकांक्षा की जय, आतंक की पराजय
एक बार फिर राजनीतिक पंडितों के अनुमान गलत साबित हुए। मुंबई के आतंकी हमलों का असर मध्यप्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, मिजोरम, ... -
शहीदों के लिए मात्र पाखंड या नमन
टेलीविजन के समाचार चैनलों पर समझदार प्रस्तुतकर्ता चीखते रहे- 'शर्म करो, शर्म करो। संसद पर हमले के दौरान हुए शहीदों को ... -
जरूरत 'पंचमेल खिचड़ी पार्टी' की
बाहर ही नहीं, कांग्रेस के अंदर भी डॉ. मनमोहनसिंह सहित कई पढ़े-लिखे नाराज हैं। उन्हें लगता है, कांग्रेस के ही कुछ लोगों ... -
बुश से बेहतर हैं भारत में बहुत
यह ठीक है कि गोलमा देवी को समय रहते पिता, पति, परिवार, समाज और सरकार से शिक्षा की सुविधा मिलती तो बहुत अच्छा होता। -
इंतजार किसानों की हड़ताल का!
हमारी गुप्तचर एजेंसियाँ हर बार दावा करती हैं- 'हमने आतंकवादी हमले की संभावना पहले बता दी थी', 'हमने हड़ताल की आशंका पहले ... -
गणतंत्र की देन है खुशहाल समाज
गणतंत्र की जयकार कश्मीर से नगालैंड तक गूँज रही है। भारत के साथ राजनीतिक क्रांतियाँ करने वाले कई देशों में पिछले छः ... -
परदेसी गुरु और देसी पाठशाला
भारतीयों का ज्ञान बढ़ाने के लिए परदेसी विश्वविद्यालय और परदेसी गुरुओं के बिना क्या काम नहीं चल सकता? मनमोहन सरकार के ... -
पंडित-मौलाना की खिचड़ी में बदबू
बाबरी मस्जिद गिराने के लिए हुए कट्टरपंथियों के अयोध्या आंदोलन के दौरान उत्तरप्रदेश में दो नेता शीर्ष पर रहे। मस्जिद ... -
यह 'महामिलन' मंगलमय होगा!
भारतीय राजनीति के कुछ शुभचिंतकों ने एक नया राग छेड़ा है- भ्रष्ट, आपराधिक, अवसरवादी कुकुरमुत्तों की तरह उभरे नेताओं और ... -
शिक्षा के सागर में कर्ज की नैया
कांग्रेस पार्टी ने आगामी लोकसभा चुनाव के घोषणा-पत्र में दावा किया है कि 'शैक्षणिक ऋण देने के दुनिया के सबसे बड़े ...
