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चले जाना नहीं, नैन मिला के सैंया बेदर्दी: गीत सुन लता के पांव छूने को जी करता है | बड़ी बहन
यह सन् 1949 का गीत है, जब लता की आवाज किशोरियों जैसी थी। फिर फिल्म में यह गीत क्योंकि कमसिन छोकरी पर आता है इसलिए ... -
राही मतवाले तू छेड़ इक बार मन का सितार: तलत-सुरैया और अनिल बिस्वास का कमाल | गीत गंगा
राही मतवाले तू छेड़ इक बार मन का सितार: नकली संसार के इस खुदा नंबर दो के जो आदमी हैं, अनिल बिस्वास हैं, कमर जलालाबादी ... -
होऽऽऽ धन्नो की आंखों में, हां, रात का सुरमा: न ऐसी धुन कभी सुनी और न ऐसा विचित्र गीत पहले पढ़ा | Geet Ganga
आर.डी. बर्मन बताते थे कि गुलजार के गीतों को धुन में बिठाना अच्छी-खासी मशक्कत चाहता था। कारण, गुलजार गीत कम, गद्य गीत ... -
वो तीखी नजरों से मेरे दिल पर....
मुकेश को सुनना उनके गायन के पीछे एक ऐसे शख्स से मिलना है, जो शालीन और सुशील है। शरीफ और सीधा-सादा है, जिसमें चालाकी, ... -
बदरवा बरसे हो कारे-कारे....
सलिल दा को वर्षा-गीत कंपोज करने का बेहद शौक था। उनकी यह बेचैनी होती है कि साउंड-ट्रेक पर वर्षा की झड़ी और ठंडक को पेश कर ... -
झुकती घटा, गाती हवा, सपने जगाए...
इस गीत में दो-तीन विशेषताएं हैं। पहली यह कि संगीत कर्णप्रिय है और सॉफ्ट है। व्यर्थ का शोर और आर्केस्ट्रा की तड़क-भड़क ... -
सुरैया की आवाज का रेशमी गिलाफ
आज हम गीत तो सुनते हैं, पर उनमें याद बनाने वाला तत्व नहीं मिलता, और न ऐसा हिन्दुस्तान मिलता है, जिसे अपना मानकर हम सुने ... -
नींद न मुझको आए...
इस गीत की लोकप्रियता का गूढ़ कारण यह है कि इसमें एक किस्म का अतीन्द्रिय स्पर्श है। सादगी की गौरवपूर्ण भव्यता है। गीत में ... -
गाए जा गीत मिलन के, तू अपनी लगन के
एक जमाना था। देश में 'मेला' फिल्म रिलीज हुई थी। तब दिलीप कुमार नाजुक-मासूम नवजवान थे। परदे पर उनका तरसना, तड़पना, दुःख ... -
चाँद आहें भरेगा फूल दिल थाम लेंगे...
मुकेश की गंभीर, दानेदार और निर्मल आवाज वीराने में, झुलसे फूलों की लड़ी, खड़ी करती जाती है, जबकि गीत का अर्थ और धुन हर्ष ... -
अष्टावक्र की डायरी
मुझे इस बात का फख्र है कि सारे देश में मैं अकेला व्यक्ति हूँ जिसके पास भोजपत्र पर लिखित एक छोटा-सा कीमती दस्तावेज ... -
अजीब दास्ताँ है ये, कहाँ शुरू कहाँ खतम...
राजकुमार और मीनाकुमारी जैसे दिग्गज कलाकारों के कालजयी अभिनय ने फिल्म की दुःखद प्रेमकथा को अविस्मरणीय ऊंचाई प्रदान की थी ... -
ओ सजना बरखा बहार आई
गौर करें तो यह गीत वर्षा के बारे में कम, उसकी बूँदाबाँदी, फुहार, ठंडी हवा और आर्द्रता के बारे में ज्यादा है। यह वर्षा ... -
जिंदगी का नाम दोस्ती
जिंदगी की रपटीली राहों पर सफर आसान बनाने वाला हमराही है दोस्त। दगाबाजी, फरेब और स्वार्थ के बीहड़ में पूरे भरोसे के साथ ... -
मेरी आँखों से कोई नींद लिए जाता है...
एक प्रकार से यही भाव-तत्व लता मंगेशकर के व्यक्तित्व के हैं। सो गीत की मिठास और सौम्यता तथा उनसे उठने वाली भारतीय यौवना ... -
किसी का दर्द मिल सके, तो ले उधार...
तरह-तरह के अंदेशों में और रोज डूबते जा रहे दिल के दौर में, तब पुराने गीत सुनना बड़ा भला लगता है, जिनमें इंसानियत की आवाज ... -
होऽऽऽ धन्नो की आँखों में, हाँ, रात का सुरमा...
'धन्नो की आँखों में' गीत फिल्म 'किताब' का है। 'किताब' सन् 78 की फिल्म है। इस गीत की धुन और वाद्य संगीत इतना अनोखा, ... -
तसलीमा भारत में ही रहेंगी
केन्द्र सरकार ने बुधवार को लोकसभा में घोषणा कहा कि बांग्लादेश की प्रख्यात लेखिका तसलीमा नसरीन को भारत में आश्रय मिलेगा। -
ये झुकी-झुकी-झुकी निगाहें तेरी...
ये झुकी-झुकी निगाहें तेरी, मोहम्मद रफी, उषा खन्ना, बॉलीवुड, राजेन्द्र कृष्ण, गीत गंगा, अजातशत्रु, आओ प्यार करें -
नैनों में प्यार डोले दिल का करार डोले.....
पानी से बहते कोमल फ्लो में जब लता 'पिया' शब्द को उठाती हैं तो मन एक साथ बीजगुप्त और देवदास हो जाता है। समझ नहीं आता, ...