ज्योतिष में राहु काल क्यों माना गया है हानिकारक, जानें किस समय न करें शुभ कार्य। rahu kaal in astrology
ज्योतिष में राहु को छाया ग्रह माना गया है। यह ग्रह अशुभ फल प्रदान करता है। सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक के समय में से आठवें भाग का स्वामी राहु होता है। इसे ही राहु काल कहते हैं। यह प्रत्येक दिन 90 मिनिट का एक निश्चित समय होता है, जो राहुकाल कहलाता है।
शास्त्रों में राहु काल अनिष्टकारी बताया गया है। प्रतिदिन अशुभ काल में शुभ कार्य न करें बल्कि शुभ काल में ही अपने कार्यों को करना चाहिए। इसलिए राहु के आधिपत्य का जो समय रहता है, उस दौरान शुभ कार्य करना वर्जित माने गए हैं। जैसे- राहु काल में कोई शुभ कार्य व यात्रा तथा कोई व्यापार संबंधी तथा धन का लेन-देन न करें। आइए जानें दिन के अनुसार राहु काल का समय :-
जानिए राहु काल (अशुभ समय) का समय -
रविवार - सायं 4.30 से 6 बजे तक
सोमवार - प्रातः 7.30 से 9 बजे तक
मंगलवार- अपराह्न- 3 से 4.30 बजे तक
बुधवार- दोपहर 12 से 1.30 बजे तक
गुरुवार- दोपहर 1.30 से 3 बजे तक
शुक्रवार- सुबह 10.30 बजे से 12 बजे तक।
शनिवार- प्रातः 9 से 10.30 बजे तक।

