1. धर्म-संसार
  2. ज्योतिष
  3. ज्योतिष आलेख
  4. December 21st is the shortest day of the year learn 5 interesting facts
Written By WD Feature Desk
Last Modified: शनिवार, 20 दिसंबर 2025 (17:29 IST)

21 दिसंबर साल का सबसे छोटा दिन, जानिए 5 दिलचस्प बातें

साल का सबसे छोटा दिन
21 दिसंबर को 'शीतकालीन संक्रांति' (Winter Solstice) कहा जाता है। यह खगोलीय घटना उत्तरी गोलार्ध (Northern Hemisphere), जिसमें भारत भी आता है, के लिए बहुत खास होती है। यहाँ इस दिन के बारे में 5 दिलचस्प बातें दी गई हैं।
 
1. साल का सबसे छोटा दिन और सबसे लंबी रात
आज के दिन उत्तरी गोलार्ध में सूरज की रोशनी सबसे कम समय के लिए उपलब्ध होती है। इस कारण दिन की अवधि सबसे छोटी और रात की अवधि साल में सबसे लंबी होती है। भारत में आज का दिन लगभग 10 घंटे 19 मिनट का होगा, जबकि रात करीब 13 घंटे 41 मिनट लंबी होगी।
 
2. सूर्य का 'मकर रेखा' पर होना
खगोलीय दृष्टि से, इस दिन पृथ्वी अपनी धुरी पर $23.5^\circ$ झुकी होती है और सूर्य की सीधी किरणें मकर रेखा (Tropic of Capricorn) पर पड़ती हैं। इस स्थिति के कारण उत्तरी गोलार्ध से सूर्य बहुत दूर महसूस होता है और यहाँ कड़ाके की ठंड पड़ती है।
 
3. आपकी परछाई होगी सबसे लंबी
आज दोपहर के समय एक मजेदार प्रयोग किया जा सकता है। चूंकि सूरज आज आसमान में अपने सबसे निचले बिंदु (क्षितिज के करीब) पर होता है, इसलिए दोपहर के 12 बजे आपकी परछाई (Shadow) साल के किसी भी अन्य दिन की तुलना में सबसे लंबी दिखाई देगी।
 
4. 'ग्रेटर विंटर' की शुरुआत
विद्वानों और वैज्ञानिकों के अनुसार, शीतकालीन संक्रांति को आधिकारिक तौर पर सर्दियों की वास्तविक शुरुआत माना जाता है। आज के बाद से उत्तरी गोलार्ध में दिन धीरे-धीरे बड़े होने शुरू हो जाएंगे, जिसे भारत में 'दिन फिरना' भी कहा जाता है।
 
5. अलग-अलग देशों में विपरीत मौसम
जहाँ आज भारत, अमेरिका और यूरोप जैसे देशों में सबसे छोटा दिन और ठंड है, वहीं दक्षिणी गोलार्ध (Southern Hemisphere) के देशों जैसे ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका में आज साल का सबसे बड़ा दिन होगा और वहाँ भीषण गर्मी (Summer Solstice) पड़ रही होगी।
 
21 दिसंबर: साल का सबसे छोटा दिन (विंटर सोलस्टाइस)
1. खगोलीय घटना और समय: साल में एक बार ऐसा समय आता है जब दक्षिणी गोलार्ध में सूर्य की पृथ्वी से दूरी सबसे अधिक हो जाती है, जिसे 'विंटर सोलस्टाइस' कहते हैं। यह घटना आमतौर पर 21 दिसंबर को होती है (कभी-कभी 20 से 23 दिसंबर के बीच), जिसके कारण यह साल का सबसे छोटा दिन और सबसे लंबी रात होती है।
 
2. विश्व ध्यान दिवस: संयुक्त राष्ट्र महासभा ने भारत द्वारा प्रस्तावित एक प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए, इसी खास दिन यानी 21 दिसंबर को 'विश्व ध्यान दिवस' (World Meditation Day) घोषित किया है।
 
3. तापमान और विज्ञान: इस दिन सूर्य की किरणें पृथ्वी पर सबसे देरी से पहुँचती हैं और दिन की अवधि कम होती है। सूर्य के सबसे दूर होने के कारण ही इस समय तापमान में गिरावट और अधिक ठंड महसूस की जाती है।
 
4. वैश्विक सांस्कृतिक महत्व: अलग-अलग देशों में इसे त्योहार के रूप में मनाया जाता है। पश्चिमी देशों में क्रिसमस इसी के आसपास आता है, जबकि पूर्वी एशिया (जैसे चीन) में इसे एकता और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है।
 
5. भारतीय परंपरा और रीति-रिवाज: भारत में इस समय 'मलमास' या संघर्ष काल माना जाता है। इस दौरान उत्तर भारत में श्रीकृष्ण की पूजा और गीता पाठ की परंपरा है। इसी दिन से सूर्य के उत्तरायण होने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाती है, जिसे मकर संक्रांति के समान महत्वपूर्ण माना जाता है।