महिला आयोग में पब मामले पर घमासान

नई दिल्ली (भाषा)| भाषा|
मंगलूर पब हमले की जाँच को लेकर के भीतर मतभेद तब और गहरा गए जब आयोग ने अपने एक सदस्य की रिपोर्ट अस्वीकार कर दी, लेकिन सदस्य ने कहा कि वे अपने पर्यवेक्षण पर कायम हैं और पीछे नहीं हटेंगी।


राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने शुक्रवार को एक बैठक के बाद कहा कि आयोग ने की रिपोर्ट का पूरा जायजा लिया और उसे स्वीकार नहीं करने का फैसला किया है।
गत 24 जनवरी को मंगलूर के एक पब में युवतियों पर हिंदू संगठन श्रीराम सेना के कार्यकर्ताओं के हमले की जाँच के लिए गए आयोग के तीन सदस्यीय दल में निर्मला भी शामिल थीं। निर्मला ने घटना के लिए पब मालिक को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उन्होंने वहाँ पर्याप्त सुरक्षा मुहैया नहीं कराई थी।

उनकी इस टिप्पणी से परोक्ष रूप से नाखुश केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री रेणुका चौधरी ने एक और जाँच दल भेज दिया, जबकि मंत्रालय ने आयोग की सदस्य को समय पर रिपोर्ट नहीं सौंपने को लेकर कल शाम कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने निर्मला से यह स्पष्ट करने को कहा है कि उन्होंने मुद्दे पर अपने विचार सार्वजनिक क्यों किए। निर्मला ने गत मंगलवार रेणुका पर पलटवार करते हुए कहा था कि आयोग की जाँच अंतिम है। संविधान कहता है कि आयोग की जाँच अंतिम होती है।

वे आज भी अपने रुख पर कायम रहीं और इस्तीफे की संभावना को खारिज कर दिया। निर्मला ने कहा कि इस्तीफा क्यों और किसलिए? मैं अपनी किसी भी सिफारिश या पर्यवेक्षण पर कायम रहूँगी।
व्यास ने कहा कि आयोग मंगलूर में तथ्यों का पता लगाने के लिए कोई नया दल नहीं भेजेगा, क्योंकि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का एक स्वतंत्र आयोग पहले ही घटना का आकलन करने के लिए वहाँ का दौरा कर चुका है।



और भी पढ़ें :