जनसंपर्क के क्षेत्र में करियर

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संचार और संप्रेषण का एक पहलू है, जिसमें किसी व्यक्ति या संगठन या जनाकर्षण तथा इस क्षेत्र से संबंधित लोगों के बीच संपर्क स्थापित किया जाता है। एक तरह से यह सेवा लेने वालों तथा सेवा देने वालों के बीच एक सेतु का काम करता है। यह एक द्विपक्षीय कार्रवाई है, जिसमें सूचनाओं तथा विचारों का आदान-प्रदान होता है।

जनसंपर्क की प्रक्रिया विज्ञापन या विक्रय प्रमोशन की प्रक्रिया से अलग होती है, क्योंकि इसमें वांछित जानकारी को बढ़ा-चढ़ाकर नहीं बल्कि उसके वास्तविक रूप में लेकिन प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जाता है। आज सभी छोटे-बड़े संस्थानों में जनसंपर्क क्रय तथा जनसंपर्क अधिकारी सूचना संप्रेषण तथा विचारों की अभिव्यक्ति का दायित्व निभा रहे हैं और कैरियर निर्माण की दृष्टि से यह एक सम्मानजनक क्षेत्र माना जाता है।

स्वरूप- जनसंपर्क का स्वरूप केवल दफ्तर खोलकर बैठे रहना ही नहीं है, बल्कि कई तरह से इस काम को अंजाम देना पड़ता है। इसके अंतर्गत मीडिया रिलेशन, क्राइसिस मैनेजमेंट, मार्केटिंग कम्युनिकेशन, फाइनेंशियल, पब्लिक रिलेशंस, सरकारी संबंध, औद्योगिक संबंध शामिल हैं।

संभावनाएँ/कार्यक्षेत्र- जिस तरह आज लोगों की जागरूकता और जिज्ञासा बढ़ती जा रही है, उसे शांत कर उन्हें वास्तविक जानकारी तथा अभिमत प्रदान करने में जनसंपर्क अधिकारी का दायित्व और कार्यक्षेत्र भी बढ़ता जा रहा है। अब जनसंपर्क अधिकारी अपने यहाँ आने वालों की जिज्ञासाओं को नहीं सुलझाते, बल्कि विभिन्न प्रकार के माध्यमों से संपर्क कर अपने संस्थान की जानकारी संप्रेषित कर सकते हैं।

कई बार उन्हें भ्रांतियों को दूर करने के लिए स्पष्टीकरण भी देना पड़ता है और शिकायतों का निवारण भी करना पड़ता है। किसी भी संस्थान को संचालित करने तथा अनुकूल नीतियों के निर्धारण में जनसंपर्क अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण तथा सकारात्मक होती है। चूँकि यह क्षेत्र एक समस्यानिवारक क्षेत्र होने के साथ-साथ प्रचार प्रसार का दायित्व भी निभाता है, इसलिए जनसंपर्क के क्षेत्र में संभावनाएँ बढ़ती जा रही हैं।

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शिक्षण/प्रशिक्षण- जनसंपर्क के क्षेत्र में किताबी ज्ञान और डिग्री के बजाय व्यक्तिगत कौशल और व्यवहार कुशलता का होना ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। वैसे किसी भी विषय का स्नातक इस क्षेत्र में कैरियर बना सकता है, लेकिन इस क्षेत्र में बढ़ती माँग को देखते हुए कई विश्वविद्यालयों में जनसंपर्क के विशेष पाठ्यक्रम चलाए जा रहे हैं। भारतीय जनसंचार संस्थाएँ नई दिल्ली तथा माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल प्रमुख संचालक हैं।

 

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