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Covid-19 : योग की इन 3 नेती क्रियाओं से होता है चमत्कारिक लाभ

मंगलवार,जून 23, 2020
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अनियमित और मसालेदार भोजन के अलावा आरामपूर्ण जीवनशैली के चलते तोंद एक वैश्विक समस्या बन गई है जिसके चलते डायबिटीज, हार्टअटैक, किडनी, मूत्राशय, रीढ़ की हड्डी, कमर दर्द जैसे आदि कई रोगों का खतरा बढ़ जाता है। कुछ भी नहीं है फिर भी तोंद के चलते व्यक्ति ...
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योग शब्द के दो अर्थ हैं और दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। पहला है- जोड़ और दूसरा है समाधि। जब तक हम स्वयं से नहीं जुड़ते, समाधि तक पहुंचना कठिन होगा। इस सांसार में दो मार्ग है सांसारिक रहकर श्रेष्ठ जीवन जिना और दूसरा संन्यासी बनकर मोक्ष की ओर गमन करना। ...
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जीवन में हास्य नहीं है तो जीवन निरस और व्यर्थ लगता है। हंसने से कई तरह के शारीरिक और मानसिक रोग दूर होते हैं। सेहत के लिए जीवन में हास्य और मनोरंजन होना जरूरी है। जानवर हंसते हैं या नहीं लेकिन आदमी मैं ही यह क्षमता है कि वह खुलकर हंस सकता है। जीवन ...
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आयुर्वेद शास्त्र के अनुसार मनुष्य की आयु लगभग 120 वर्ष बताई गई है लेकिन वह अपने योगबल से लगभग 150 वर्षों से ज्यादा जी सकता है। कहते हैं कि प्राचीन मानव की सामान्य उम्र 300 से 400 वर्ष हुआ करती थी, क्योंकि तब धरती का वातावरण व्यक्ति को उक्त काल तक ...
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21 योग दिवस 2020 के अवसर पर हमने आपके लिए जुटाएं हैं योग के कुछ खास वीडियो जिसमें हर तरह के रोग और शोक को मिटाने के साथ ही आपको मिलेंगे सेहतमंद बने रहने के लिए कुछ खास टिप्स।
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कहते हैं कि शरीर मजबूत तो मन और मस्तिष्क भी मजबूत रहेगा लेकिन यह धारणा गलत है। मजबूत शरीर वाले में मानसिक रूप से रोगी रहते हैं। अखाड़े या जिम में की जाने वाली कसरत से शरीर मजबूत जरूर होता है लेकिन मन और मस्तिष्क वैसा ही रहता है। योग आपने मन और ...
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अपने शरीर को लचीला या स्लिम बनाने के लिए किसी भी प्रकार की कसरत काम नहीं आती है योग ही यह कार्य कर सकता है। आजकल पुरुष लोग तो फिगर की फिकर नहीं करते हैं लेकिन अधिकतर महिलाएं तो करने लगी हैं। प्रदूषण भरे वातावरण और नकली खानपान के चलते शरीर को सेहतमंद ...
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ऑफिस या घर की डेस्क पर कार्य करते हुए मन और शरीर दोनों पर प्रभाव पड़ता है। मन तनाव से ‍घिर जाता है तो शरीर में गर्दन, रीढ़, कंधे और आंखें अकड़न और दर्द का शिकार हो जाती हैं। तनाव जहां हमें कुंठा से ग्रस्त कर हमारे स्नायुतंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव ...
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हर साल 21 जून को विश्व योग दिवस मनाया जाता है। योग दिवस आखिर क्यों मनाया जाता है और इसकी शुरुआत कब से हुई जानिए संक्षिप्त में कुछ खास।
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योग में कई तरह की शरीरिक मुद्रा और हस्त मुद्राओं का उल्लेख मिलता है। मुद्राओं का उल्लेख घेरंड संहितता और हठयोग प्रदीपिका मिलता है। आओ जानते हैं काली मुद्रा कैसे करें और क्या है इसके लाभ।
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अवसाद अर्थात डिप्रेशन। जीवन में अफसलता या अन्य किसी कारण से व्यक्ति अवसाद का शिकार हो जाता है। इसके चलते भय, हताशा, निराशा, चिड़चिड़ापन और अनावश्यक तनाव बना रहता है। यदि समय पर इसे समझा नहीं गया तो यह कई पर अपने चरम स्तर पर पहुंचकर हत्या या खुदकुशी ...
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आपने कभी भी योग के अंतर्गत आने वाले ध्यान और आसन को नहीं किया है जो यहां प्रस्तुत है कुछ ऐसा आसान तरीकें जिसके माध्यम से योग सीख सकेंगे।
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तंबाखू और शराब के नशे के चलते व्यक्ति अति भोजन, तनाव, कुंठा, अवसाद, निराशा और नकारात्मक विचार से ग्रस्त हो जाता है। जिस तंबाखू, शराब आदि की लत लग जाती है उसी तरह चिंतित रहने, तनाव में रहने, अवसाद या डिप्रेशन में रहने और नकारात्मक विचार करते रहने की ...
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योग का वर्णन वेदों में, फिर उपनिषदों में और फिर गीता में मिलता है, लेकिन पतंजलि और गुरु गोरखनाथ ने योग के बिखरे हुए ज्ञान को व्यवस्थित रूप से लिपिबद्ध किया। योग हिन्दू धर्म के छह दर्शनों में से एक है। ये छह दर्शन हैं- 1.न्याय 2.वैशेषिक 3.मीमांसा ...
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आधुनिक दौर में अस्पताल के खर्चे, दवाओं के साइड इफेक्ट और भागदौड़ भरी जिंदगी के तनाव, अवसाद और निराशा ने व्यक्ति के जीवन को यंत्रवत और बस काटने वाला बना दिया है। अनियमित जीवन शैली से मन और शरीर में संताप बने रहते हैं। रात में नींद अच्छे से नहीं आती ...
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योग के अंग संचालन को सूक्ष्म व्यायाम भी कहा जाता है। आजकल इसे योगा एक्सरसाइज कहते हैं। अंग संचालन या योगासन तीन तरीके से करते हैं- A.बैठकर B.लेटकर और C.खड़े रहकर। बैठकर किए जाने वाले की शुरुआत दंडसन से, लेटकर किए जाने वाले की शुरुआत शवासन और मकरासन ...
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यहां योग के मात्र 5 ऐसे आसन दिए जा रहे हैं जिन्हें अच्‍छे से सीखकर यदि आप इन्हें प्राणायाम और इनके पूरक आसन के साथ नियमित करते रहेंगे तो शर्तिया आप जीवन में कभी शारीरिक और मानसिक रूप से बीमार नहीं होंगे।
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योग का उद्भव भारत से ही माना जाता है। भारत में योग का इतिहास लगभग 2000 वर्ष पुराना बताया गया है। भार‍त में स्‍वामी विवेकानंद ने योग की शुरुआत बहुत पहले कर दी थी
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शायद ही आपको पता हो कि पेट संबंधी समस्या में कुछ ऐसी एक्सरसाइज भी है, जो पाचन संबंधी कई समस्याओं को दूर कर सकती हैं।
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