वे क्यों हैं पॉवर वुमन?
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इंदिरा नूयी (सीईओ, पेप्सिको)
महिला होने के नाते आपको दूसरों के मुकाबले अधिक चतुराई से काम लेना होता है, क्योंकि आपके लिए जगह बनाना कुछ ज्यादा मुश्किल है।
नीता अंबानी (उद्यमी, समाजसेवी)
दूसरों की भलाई के लिए पैसे का इस्तेमाल करने से अधिक संतोष मिलता है। मेरा अनुभव कहता है, दूसरों के कल्याण के लिए खर्च करना अच्छी बात है।
फराह खान (फिल्म निर्देशक)
मुझे लगता है पॉवर का मतलब है आपके पास निर्णय लेने की ताकत होना। खासकर इस बात के चुनाव की कि आप क्या करना चाहते हैं। और जरूरत पड़ने पर 'नहीं' कहने का अधिकार भी आपकी ताकत की श्रेणी में ही आता है।
बरखा दत्त (पत्रकार)
मुझे लगता है कि आज के जमाने में भी अच्छी और साहसिक पत्रकारिता का ही कुछ मतलब है। वही अर्थवान पत्रकारिता है।
शबाना आजमी (अभिनेत्री)
मुश्किल यह है कि गलत बात पर मैं खामोश नहीं रह सकती। मैं परिणाम की चिंता किए बगैर आवाज उठाती हूँ।
किरण मजूमदार शॉ (उद्यमी)
मैं उस हर आधुनिक महिला के स्वप्न का प्रतिनिधित्व करती हूँ, जो अपने सपनों को पूरा करने निकली है।

