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जानिए उनके संघर्ष और आईपीएस अधिकारी बनने की प्रेरणादायक कहानी
IPS Ankita Sharma
यूपीएससी परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। इस परीक्षा को पास करने के लिए न सिर्फ मेहनत बल्कि धैर्य और हार न मानने का जज्बा भी बहुत जरूरी है।
छत्तीसगढ़ की बेटी अंकिता शर्मा इस बात की जीती जागती मिसाल हैं। उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में दो बार असफल होने के बाद भी हार नहीं मानी और तीसरे प्रयास में 203वीं रैंक हासिल कर छत्तीसगढ़ कैडर की पहली महिला आईपीएस अधिकारी बन गईं।
दुर्ग जिले की रहने वाली अंकिता शर्मा (IPS Ankita Sharma) ने अपनी शुरुआती पढ़ाई सरकारी स्कूल से की। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने एमबीए किया और फिर सिविल सेवा की तैयारी में जुट गईं। दिल्ली में कुछ समय तैयारी करने के बाद वह वापस अपने घर लौट आईं और वहीं से परीक्षा की तैयारी जारी रखी।
यूपीएससी परीक्षा में अंकिता को पहले दो प्रयासों में सफलता नहीं मिली। पहले प्रयास में वह मेन्स में 15 नंबर से चूक गईं और दूसरे प्रयास में प्रीलिम्स ही क्लियर नहीं कर पाईं। लेकिन इन असफलताओं ने उनका हौसला नहीं तोड़ा। अंकिता ने अपनी कमजोरियों को पहचाना और उन पर काम किया। 2018 में अपने तीसरे प्रयास में अंकिता ने जबरदस्त सफलता हासिल करते हुए उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 1035 अंकों के साथ 203 वीं रैंक हासिल की। उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर में आईपीएस अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया।
IPS Ankita Sharma
लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा हैं IPS अंकिता शर्मा
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद एक बड़ी चुनौती रहा है। अंकिता शर्मा ने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में नक्सलवाद के खिलाफ कई अभियान चलाए और उनमें सफलता हासिल की।
अंकिता शर्मा की बहादुरी के किस्से देशभर में मशहूर हैं। बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन भी उनकी प्रशंसक हैं। अंकिता शर्मा किरण बेदी को अपना रोल मॉडल मानती हैं। अंकिता शर्मा की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। आईपीएस अंकिता शर्मा की सोशल मीडिया पर भी काफी अच्छी-खासी फैन फॉलोइंग है। अंकिता की सक्सेस स्टोरी साबित करती है कि लगन और मेहनत से हर मुश्किल काम को आसान बनाया जा सकता है।

