Shri Krishna Janmabhoomi Dispute: श्री कृष्ण जन्मभूमि विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज हुई सुनवाई, मथुरा जिला अदालत को दिया ये आदेश

mathura
Last Updated: सोमवार, 25 जुलाई 2022 (20:04 IST)
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मथुरा। मथुरा की एक अदालत में चल रहे श्रीकृष्ण जन्मभूमि शाही मस्जिद ईदगाह मामले में सोमवार को नाटकीय मोड़ आ गया, जब वाद की पोषणीयता पर आज सोमवार से शुरू होने वाली रुक गई और वादी पक्ष की रिवीजन याचिका को स्वीकार करते हुए रिवीजन कोर्ट ने निचली अदालत से वाद की फाइल ही तलब कर ली। कोर्ट ने इस वाद पर सुनवाई के लिए 11 अगस्त की तिथि निर्धारित की है।

सिविल जज सीनियर डिवीजन ज्योति सिंह की अदालत में चल रहे इस वाद में 18 जुलाई को सुनवाई के दौरान वादी और प्रतिवादी पक्ष अपनी दलील पर पहले बहस करने पर अड़े हुए थे। वादी पक्ष शाही मस्जिद ईदगाह के सर्वे पर अड़ा हुआ था वहीं प्रतिवादी पक्ष वाद की पोषणीयता पर जोर दे रहा था।

वादी पक्ष ने ईदगाह के सर्वे को महत्वपूर्ण बताते हुए रिवीजन कोर्ट के 26 मई के उस आदेश की प्रतिलिपि भी साथ में लगा दी थी जिसमें सर्वे की याचिका को पहले निस्तारित करने के लिए आदेशित किया गया था। इसके बावजूद सिविल जज सीनियर डिवीजन ने अपने 21 जुलाई के आदेश में पोषणीयता को महत्व देते हुए यह आदेशित किया था कि 25 जुलाई से वाद की पोषणीयता पर पहले सुनवाई होगी।
ठा. केशवदेवजी महराज विराजमान मंदिर कटराकेशवदेव मथुरा के वादमित्र एवं भक्त होने का दावा करने वाले दिल्ली निवासी जय भगवान गोयल एवं अन्य के अधिवक्ता राजेन्द्र माहेश्वरी ने बताया कि आज उन्होंने सिविल जज सीनियर डिवीजन ज्योति सिंह के आदेश के खिलाफ जिला जज की अदालत में रिवीजन याचिका दायर की थी जिसकी सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश संजय चौधरी की अदालत में हुई। रिवीजन कोर्ट ने उनकी रिवीजन याचिका को स्वीकार करते हुए निचली अदालत का रेकॉर्ड तलब कर लिया है।
इस वाद के एक वादी होने के साथ साथ इस वाद के अधिवक्ता अधिवक्ता राजेन्द्र माहेश्वरी ने बताया कि सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में वाद की पोषणीयता पर सुनवाई होने के पहले उन्होंने अदालत को लिखित प्रार्थनापत्र दिया था कि उन्होंने 21 जुलाई के सिविल जज के आदेश के खिलाफ रिवीजन कोर्ट में रिवीजन याचिका दायर की है तथा उसका आदेश आने वाला है।
इस वाद के वादी ठा. केशवदेवजी महाराज विराजमान मंदिर कटराकेशवदेव मथुरा के वादमित्र एवं भक्त होने का दावा करते हुए दिल्ली निवासी जय भगवान गोयल, धर्मरक्षा संघ के संस्थापक अध्यक्ष वृंदावन निवासी सौरभ गौड़, मथुरा निवासी अधिवक्ता महेन्द्र प्रताप सिंह एवं राजेन्द्र माहेश्वरी, जो इस वाद के वादी और इसके मुख्य अधिवक्ता हैं तथा इस वाद में प्रतिवादी इंतजामिया कमेटी शाही मस्जिद ईदगाह, यूपी सुन्नी सेन्ट्रल वक्फ बोर्ड, श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट एवं श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान हैं।
वादी पक्ष का दावा है कि कटरा केशवदेव मंदिर की 13.37 एकड़ भूमि के एक भाग में शाही मस्जिद ईदगाह बनी हुई है तथा उसे वहां से हटाया जाना चाहिए। दावे में वादी पक्ष की ओर से श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान और शाही मस्जिद ईदगाह के पदाधिकारियों के बीच 1968 में हुए समझौते को भी चुनौती दी गई है। प्रतिवादी पक्ष वाद की पोषणीयता को मुख्य मुद्दा बनाने का प्रयास कर रहा है।(वार्ता)



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