Hanuman Chalisa

22% से 30% इथेनॉल वाले पेट्रोल पर टैक्स हुआ ज़ीरो, जानें आपकी गाड़ी के इंजन पर क्या होगा असर?

Updated: गुरुवार, 11 जून 2026 (13:03 IST)
मोदी सरकार ने एक बड़े फैसले के तहत 22%, 25%, 27% और 30% इथेनॉल वाले पेट्रोल पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में छूट बढ़ा दी है। BIS स्टैंडर्ड के मुताबिक फ्यूल ब्लेंड्स पर एक्साइज ड्यूटी की दर शून्य होगी। ALSO READ: HF Deluxe Flex Fuel Price : Hero ने लॉन्च कीं Flex Fuel Splendor और HF Deluxe, E85 इथेनॉल पर चलेंगी ये बाइक्स, जानें कीमत और फीचर्स, कबसे होगी बिक्री
 
सरकार ने ये कदम ऐसे समय में उठाया है जब ईरान युद्ध की वजह से होर्मुज स्‍ट्रेट से गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति बाधित हो रही है। ऊर्जा आपूर्ति निर्बाध होती रहे इसके लिए एनर्जी सिक्‍योरिटी को लेकर नई नीति अपनाई जा रही है।
 

इथेनॉल क्या है?

इथेनॉल (Ethanol) एक प्रकार का अत्यधिक शुद्ध अल्कोहल है जिसे आम बोलचाल में 'एथिल अल्कोहल' भी कहा जाता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से मादक पेय पदार्थों (शराब, बीयर आदि) में पीने योग्य अल्कोहल के रूप में भी किया जाता है। यह मुख्य रूप से फर्मेंन्टेशन प्रक्रिया द्वारा बनता है। इसके लिए गन्ने का रस, शीरा, या स्टार्च वाले अनाज (जैसे मक्का, टूटे चावल) का इस्तेमाल होता है।
 

इथेनॉल के फॉयदे क्या है?

पर्यावरण को लाभ: पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने से गाड़ियों से होने वाला कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन का उत्सर्जन बहुत कम हो जाता है जिससे प्रदूषण नहीं होता है और पर्यावरण के लिए यह अच्छा माना जाता है। ALSO READ: भारत की पहली Flex Fuel कार लॉन्च! Maruti Suzuki WagonR अब चलेगी E85 इथेनॉल पर
 

क्या इससे वाहनों के इंजन पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है?

1. पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने से इंजन पर बुरा असर पड़ेगा या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि गाड़ी कितनी पुरानी है और पेट्रोल में कितने प्रतिशत इथेनॉल मिलाया गया है।
 
2. इथेनॉल Hygroscopic (नमी सोखने वाला) होता है। यह हवा से पानी को सोख लेता है। अगर गाड़ी लंबे समय तक (जैसे 2-3 महीने) एक ही जगह खड़ी रहे, तो पेट्रोल में मौजूद इथेनॉल टैंक की हवा की नमी सोखकर पानी के साथ मिलकर टैंक के नीचे बैठ जाता है और शुद्ध पेट्रोल ऊपर आ जाता है। जब आप गाड़ी स्टार्ट करते हैं, तो इंजन में पेट्रोल की जगह पानी और इथेनॉल का मिश्रण चला जाता है, जिससे इंजन स्टार्ट नहीं होता है।
 
3. जब ईंधन टैंक में पानी की मात्रा बढ़ती है, तो इंजन के अंदरूनी लोहे के पुर्जों में जंग (Rust) लगने लगती है। साथ ही, इथेनॉल एल्युमिनियम, पुरानी गाड़ियों के फ्यूल पाइप, गास्केट और ओ-रिंग्स जो रबर या प्लास्टिक के बने होते हैं, इथेनॉल के संपर्क में आकर गलने या कड़क होकर टूटने लगते हैं। इससे फ्यूल लीक होने का खतरा बढ़ जाता है।

यदि आपकी गाड़ी नई (E20 रेडी) है, तो डरने की कोई बात नहीं है। लेकिन बहुत पुरानी गाड़ियों में उच्च मात्रा वाला इथेनॉल पेट्रोल लंबे समय में इंजन के पुर्जों को कमजोर कर सकता है।

सरल शब्दों में समझें: इथेनॉल हवा से नमी यानी पानी सोख लेता है। अगर गाड़ी महीनों तक खड़ी रहे, तो यह पानी पेट्रोल के नीचे बैठ जाता है, जिससे इंजन स्टार्ट होने में दिक्कत आ सकती है। हालांकि, 2023 के बाद बनी नई गाड़ियों को इसी हिसाब से अपग्रेड किया गया है, इसलिए नई गाड़ियों के मालिकों को चिंता करने की जरूरत नहीं है।

edited by : Nrapendra Gupta
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज़ टीम
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत, बोले- मेरे विधायक बनने से बांकीपुर बेंगलुरू नहीं बन जाएगा

विदेश में पढ़ाई के खर्चे पर अभिजीत दीपके ने बताया सच, कहा अब लोन चुकाना है

दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार का ठीकरा किसके सिर फूटेगा?

लिव-इन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, शादी जैसा रिश्ता है तो महिला पार्टनर को पत्नी जैसा हक

ड्रैगन का 'परमाणु सीक्रेट' बेनकाब! सच निकला अमेरिका का दावा, भारत के लिए भी खतरे की घं

सभी देखें

E20 पर AAP का बड़ा प्रदर्शन, केजरीवाल 100 समर्थकों के साथ पीएम आवास की ओर करेंगे मार्च

बांकीपुर से प्रशांत किशोर की जीत के क्या हैं मायने

Top News 4 August: जम्मू कश्मीर में बादल फटे, चीन का न्यूक्लियर सीक्रेट बेनकाब, EPFO वेतन सीमा बढ़ाने को मंजूरी

योगी सरकार ने शुरू किया 'हर घर तिरंगा' अभियान, विद्यालयों से घर-घर पहुंचेगा राष्ट्रभक्ति का संदेश

अगला लेख