Aziz ansari sher shayari poet | याद उसकी सारी दुनिया भुला के...
सारी बस्ती सुला के आई है,
ऐसा लगता है जैसे याद उसकी,
सारी दुनिया भुला के आई है।
ऐसा लगता है जैसे याद उसकी,
सारी दुनिया भुला के आई है।

