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Written By WD Sports Desk
Last Modified: गुरुवार, 11 सितम्बर 2025 (14:28 IST)

तीरंदाजी विश्व चैंपियनशिप में दीपिका कुमारी को ढोना भारी पड़ा, छठवी बार भी लौटी खाली हाथ

तीरंदाजी विश्व चैंपियनशिप: गाथा प्री क्वार्टर फाइनल में

Dipika Kumari
भारत की सबसे प्रतिष्ठित तीरंदाज दीपिका कुमारी छठी बार भी दुर्भाग्यशाली रहीं और बृहस्पतिवार को विश्व चैंपियनशिप के राउंड ऑफ 32 में हारकर बाहर हो गईं जबकि 15 वर्षीय गाथा खडके शानदार प्रदर्शन करते हुए प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने वाली देश की एकमात्र रिकर्व तीरंदाज रहीं।

क्वालीफिकेशन में छठे स्थान पर रहीं चार बार की ओलंपियन दीपिका को इंडोनेशिया की दियानंदा चोइरुनिसा के खिलाफ पांच सेट में 4-6 से हार का सामना करना पड़ा।अब सभी की निगाहें शुक्रवार को होने वाले प्री क्वार्टर फाइनल पर होगी जहां गाथा पेरिस ओलंपिक चैंपियन और दुनिया की नंबर एक लिम सी-ह्योन के रूप में अपने करियर की सबसे बड़ी चुनौती का सामना करेंगी।

शानदार फॉर्म में चल रही 22 वर्षीय कोरियाई खिलाड़ी लिम ने दो सेट में छह परफेक्ट 10 के साथ अंकिता भकत को 6-2 से हराया था।भारत के लिए युवा गाथा आखिरी उम्मीद हैं और यह देखना होगा कि पदार्पण कर रही पुणे की यह खिलाड़ी 2019 में डेन बॉश के बाद रिकर्व वर्ग में देश को पहला पदक दिला पाती हैं या नहीं।

मौजूदा टूर्नामेंट में भारत ने पुरुष टीम वर्ग में ऐतिहासिक स्वर्ण और मिश्रित टीम में रजत पदक जीता है। ये दोनों पदक कंपाउंड वर्ग में आए।दुनिया की पूर्व नंबर एक तीरंदाज दीपिका की शुरुआत खराब रही। उन्होंने पहले सेट में 25 के स्कोर से शुरुआत की जबकि दियानंदा ने 27 के स्कोर से 0-2 की बढ़त बना ली। दूसरा सेट दीपिका ने 28 अंक के साथ जीता और स्कोर 2-2 कर दिया।

इंडोनेशियाई खिलाड़ी ने तीसरे सेट में दो 10 और एक नौ का स्कोर बनाया जिससे दीपिका को 27-29 से हार का सामना करना पड़ा और वह 2-4 से पिछड़ गईं।

दीपिका और दियानंदा दोनों ने चौथे सेट में समान 29 जुटाए जिससे इंडोनेशिया की खिलाड़ी 5-3 से आगे हो गईं।
निर्णायक सेट में अहम मौके पर दीपिका ने आठ अंक पर निशाना साधा जिससे स्कोर 27-27 से बराबर रहा और दियानंदा 6-4 से मुकाबला जीत गईं।

दीपिका विश्व चैंपियनशिप में छठी बार पदक जीतने में नाकाम रहीं जिसने खेल के सबसे बड़े मंच पर उनकी प्रतिष्ठा और परिणामों के बीच के बड़े अंतर का पता चलता है।दीपिका लड़खड़ा गईं तो गाथा ने अपनी उम्र को दरकिनार करते हुए संयम और सटीकता का परिचय दिया।

क्वालीफाइंग में 666 अंक हासिल के साथ 14वीं वरीयता प्राप्त करने वाली इस किशोरी ने पहले दौर में अजरबेजान की फातिमा हुसैनली को 7-1 (26-26, 27-25, 27-26, 28-24) से हराया और फिर ब्रिटेन की थिया रोजर्स को 6-0 (28-27, 27-26, 29-28) से करारी शिकस्त दी।

उनकी सबसे बड़ी परीक्षा तीसरे दौर में दुनिया की आठवें नंबर की जर्मन की ओलंपियन और विश्व कप की पूर्व कांस्य पदक विजेता मिशेल क्रॉपेन बाउर के खिलाफ थी लेकिन दुनिया में 176वें स्थान पर काबिज गाथा ने कोई हड़बड़ी नहीं दिखाई और मुकाबला 6-4 से जीत लिया। भारतीय खिलाड़ी ने 28-26, 27-27, 27-28, 28-28, 28-27 से जीत दर्ज की।

जुलाई में मैड्रिड विश्व कप के दौरान सीनियर वर्ग में पदार्पण करने वाली महाराष्ट्र की गाथा ने वहां प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंचकर अपनी क्षमता पहले ही दिखा दी थी। उन्होंने इस साल की शुरुआत में राष्ट्रीय ट्रायल्स में क्वालीफिकेशन में 686 अंक हासिल करके सबको चौंका दिया था। यह प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सभी खिलाड़ियों के बीच सर्वोच्च स्कोर था।मौजूदा फॉर्म को देखते हुए रिकर्व वर्ग में भारत की उम्मीदें अब इसी युवा खिलाड़ी पर टिकी हैं। (भाषा)
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