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Navratri 2025: माता के इस मंदिर में चढ़ता है 12 दिन के नवजात से लेकर 100 साल के बुजुर्ग तक का रक्त, जानिए कौन सा है मंदिर
Friday,September 19, 2025
Navratri 2025: इस मंदिर में युगों से देवी कर रही अपने भक्त की प्रतीक्षा, मूर्ति नहीं जीवंत अग्नि के रूप में विराजमान हैं माता
विश्व का एकमात्र ज्योतिर्लिंग जहां हर रात शयन के लिए आते हैं भोलेनाथ और माता पार्वती, साथ खेलते हैं चौपड़
बागेश्वर धाम का वो मंदिर जहां बल्ब लगाते ही हो जाता है फ्यूज, होता है श्रद्धा से उजाला, जानिए क्या है चमत्कार
सावन में भोलेनाथ के इन 5 तीर्थों पर होता है भव्य मेलों का आयोजन, लगता है शिव भक्तों का तांता
जिस बांके बिहारी मंदिर में कॉरिडोर पर हो रहा विवाद, जानिए वहां भगवान की मूर्ति के प्रकट होने की अद्भुत कहानी और चमत्कार
Tuesday, July 1, 2025
सावन में अपनी राशि के अनुसार ज्योतिर्लिंग के दर्शन से पाएं महादेव का विशेष आशीर्वाद
Friday, June 27, 2025
रथ यात्रा पर निबंध: आस्था, एकता और अध्यात्म का भव्य संगम, जगन्नाथ रथ यात्रा में क्या है इस साल खास?
Thursday, June 26, 2025
श्री जगन्नाथ रथ यात्रा में कैसे जाएं? जानिए पूरी रथ यात्रा की टाइम टू टाइम संपूर्ण जानकारी
Thursday, June 26, 2025
केदारनाथ यात्रा से पहले क्यों गौरी कुंड में स्नान करना माना जाता है विशेष, जानिए पौराणिक मान्यता
Tuesday, June 24, 2025
क्यों अपनी मौसी के घर जाते हैं भगवान जगन्नाथ? यहां जानिए वजह
Thursday, June 12, 2025
क्यों प्रसिद्द है गुवाहाटी का कामाख्या देवी मंदिर, तांत्रिकों के लिए क्यों माना जाता है विशेष
Wednesday, June 11, 2025
इस चमत्कारी मंदिर में शकर चढ़ाने से ठीक हो जाती है डायबिटीज, भक्तों की लगती है कतार
Thursday, May 29, 2025
वट सावित्री व्रत 2025 के नियम, जानिए क्या करें और क्या नहीं
Tuesday, May 20, 2025
वट सावित्री पूजा का धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व
Tuesday, May 20, 2025
जब बर्फ की चादर ओढ़ लेता है केदारनाथ, कौन करता है धाम की रक्षा? जानिए भुकुंट भैरव मंदिर के रहस्य
Monday, May 12, 2025
इन तीन चाबियों से खुलते हैं बद्रीनाथ धाम के कपाट, जानिए मंदिर से जुड़ीं रहस्यमयी बातें
Monday, May 5, 2025
चार धाम के लिए बिना रजिस्ट्रेशन जाने से तीर्थ यात्रियों को होंगी ये दिक्कतें, जानें पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया
Thursday, May 1, 2025
अमरनाथ यात्रा के बीच इन 5 कठिनाइयों का करना पड़ता है सामना
Saturday, April 19, 2025
क्या आपको आ रहा है कैंची धाम से बुलावा? पहचानें नीम करोली बाबा के ये दिव्य संकेत!
Tuesday, April 15, 2025
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वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर: 12 राशियों में किसे होगा फायदा, किसे रहना होगा सतर्क?
Budh ki vakri chaal 2026: 7 जुलाई से 5 अगस्त 2026 के बीच बुद्धि और संवाद के कारक बुध देव अपनी स्वराशि मिथुन में गोचर करने जा रहे हैं। इस दौरान वे 24 जुलाई तक वक्री (उल्टी चाल) और 25 जुलाई तक अस्त रहेंगे। ग्रहों की यह अनोखी स्थिति कुछ राशियों के लिए सुनहरे अवसर लाएगी, तो कुछ को संभलकर चलने का इशारा कर रही है। आइए जानते हैं इस गोचर का आपकी राशि पर क्या और कैसा असर होगा।
गुरु का शनि के नक्षत्र में गोचर: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें 5 उपाय
18 जून से 18 अगस्त 2026 तक बृहस्पति ग्रह शनि के पुष्य नक्षत्र में रहेंगे। इस दौरान 3 राशियों के लिए बेहद ही शुभ समय रहेगा। अन्य राशियों को 5 उपाय करके इस समय को शुभ बनाया जा सकता है। इस दौरान आप इस समय का भरपूर लाभ लेने के लिए गुरु के उपाय के साथ ही अपने अटके कार्यों पर काम करना शुरू करें और जो भी योजनाएं बना रखी है उस पर भी काम शुरू कर दें।
अमरनाथ गुफा के 6 बड़े रहस्य: आखिर कितने हजार साल पुरानी है यह पवित्र यात्रा?
कश्मीर की कुछ ऐसी रहस्यमयी गुफाएं हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि इनका दूसरा सिरा 4,000 किलोमीटर दूर सीधा रूस तक जाता है। पीर पंजाल केव: यहाँ एक प्राचीन और पवित्र शिवलिंग स्थापित है। शिव खाड़ी: यह भी जम्मू में स्थित शिव आराधना का एक प्रमुख केंद्र है और अमरनाथ गुफा जो श्रीनगर से 3 घंटे की दूरी पर स्थित है। चलिए जानते हैं अमरनाथ गुफा के बारे में रोचक बातें।
सूर्य का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें 5 आसान उपाय
6 जुलाई 2026 को सूर्य देव आर्द्रा नक्षत्र की अपनी यात्रा पूरी करके बृहस्पति ग्रह के पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं। सूर्य का गुरु के नक्षत्र में आने का अर्थ है कि पद और सम्मान के साथ ही पुनः धनवान या समृद्ध होने का मार्ग खुलेगा। इस नक्षत्र में सूर्य देव 20 जुलाई तक रहकर शनि के पुष्य नक्षत्र में गोचर कर जाएंगे, तब तक 5 राशियों को इससे कोई बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।
मंगल का रोहिणी नक्षत्र में गोचर: 12 राशियों पर कैसा होगा असर? जानें 5 आसान उपाय
21 जून से 02 अगस्त तक मंगल वृषभ राशि में रहेंगे। इस बीच 5 जुलाई 2026 को साहस, ऊर्जा और पराक्रम के कारक मंगल देव ने रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश किया है, और वे 24 जुलाई 2026 तक इसी स्थिति में रहेंगे।
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धर्म संसार
Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी से शुरू होंगे चातुर्मास, 4 महीने के लिए लग जाएगी मंगल कार्यों पर रोक
Chaturmas 2026: सनातन धर्म में देवशयनी एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी से चातुर्मास का शुभारंभ होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में शेषनाग की शय्या पर योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसके बाद अगले चार महीनों तक वे विश्राम करते हैं और देवउठनी एकादशी के दिन जागते हैं। इसी अवधि को चातुर्मास कहा जाता है।
अगले 5 महीनों में 4 ग्रहों के गोचर से इन 5 राशियों को मिल सकता है बड़ा लाभ
Half-yearly Horoscope: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के गोचर (राशि परिवर्तन) और उनकी चाल (मार्गी व वक्री) का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। आने वाले 5 महीने ग्रहों की स्थिति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं। प्रसिद्ध पंडित और ज्योतिष उमाशंकर शर्मा के अनुसार, आगामी 5 महीनों में राहु-केतु, शनि, सूर्य और गुरु जैसे बड़े ग्रहों के गोचर और चाल में बदलाव के कारण एक दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस ज्योतिषीय फेरबदल से 5 विशेष राशियों के जीवन में अचानक बड़ा लाभ, धन आगमन और तरक्की के योग बन रहे हैं। आइए जानते हैं इस महापरिवर्तन का पूरा गणित और भाग्यशाली राशियों का हाल।
आज से भद्र राजयोग शुरू, 5 राशियों के लिए कर्म और भाग्य के फल मिलने का खुलेगा ताला
Budh ki vakri chaal 2026: 7 जुलाई को बुध ग्रह ने खुद की राशि मिथुन में प्रवेश किया है जहां पर वे 5 अगस्त 2026 रहने वाले हैं। जब बुध खुद की राशि में गोचर करते हैं तो भद्र नामक राजयोग बननता है। इससे बुद्धि, चतुराई, तर्क और वाणी का प्रभाव बढ़ जाता है। कौशल, लेखन, गणित, कारोबार और सलाहकर के क्षेत्र में सफल रहता है। आइए जानते हैं कि बुध का यह पावरफुल गोचर किन 5 राशियों के लिए 'लॉटरी' साबित होने वाला है।
राहु का मंगल के नक्षत्र में गोचर, 5 राशियों को अचानक से मिलेगा धन, जल्दी से करें 2 उपाय
30 जून को राहु का धनिष्ठा नक्षत्र में स्पष्ट गोचर हो गया है और अब राहु यहीं पर 15 नवंबर 2027 तक रहेंगे। धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल देव हैं, जो ऊर्जा, साहस, भूमि और पराक्रम के कारक हैं। राहु के किसी भी प्रकार से मंगल से संयोग अंगारक, विस्फोटक और ऊर्जावान योग बनता है। आइए जानते हैं कि राहु का धनिष्ठा नक्षत्र में यह गोचर कौनसी 5 राशियों को लाभ देगा।
सिंह राशि में केतु-शुक्र का दुर्लभ योग, 4 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन
छाया ग्रह केतु ने 18 मई 2025 को सूर्य की सिंह राशि में प्रवेश किया था, जहाँ वे 31 अक्टूबर 2026 तक रहेंगे। अब 4 जुलाई 2026 को भौतिक सुख और ऐश्वर्य के प्रदाता शुक्र ग्रह ने भी इसी राशि में प्रवेश कर लिया है। सिंह राशि में इन दोनों ग्रहों के मिलन से एक दुर्लभ 'शुक्र-केतु युति' का निर्माण हुआ है। यह अद्भुत संयोग अगले 27 दिनों तक यानी 1 अगस्त 2026 तक बना रहेगा। ज्योतिषियों के अनुसार, शुक्र और केतु की यह जुगलबंदी निम्नलिखित 4 राशियों के लिए भाग्य के द्वार खोलने जा रही है।
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