0

अंगों के फड़कने का क्या है राज, यहां पढ़ें जानकारी खास

शुक्रवार,जनवरी 22, 2021
0
1
गरुड़ पुराण में ऐसे कामों के बारे में बताया गया है जिन्हें करने से आपकी उम्र कम हो सकती है। जानिए कौन से 5 काम नहीं करना चाहिए वरना उम्र कम होने का खतरा बढ़ सकता है।
1
2
किसी भी धार्मिक कर्म कांड शुरू होने से पहले कलावा बांधा जाता है। वैसे मांगलिक कार्यक्रमों पर भी इसे बांधा जाता है। माना जाता है कि ये कलावा ही संकटों के समय हमारा रक्षा कवच बनता है, लेकिन इस कलावा को कभी भी नहीं बदलना चाहिए।
2
3
हनुमान जी के पिता वानरराज केसरी कपि क्षेत्र के राजा थे। हरियाणा का कैथल पहले कपिस्थल हुआ करता था। कुछ लोग इसे ही हनुमान जी की जन्म स्थली मानते हैं।
3
4
यदि आप माता लक्ष्मी को प्रसन्न कर लेते हैं तो धन और समृद्धि के सारे बंद रास्ते खुल जाते हैं। आओ जानते हैं कि माता लक्ष्मी को क्या पसंद है और वे किस तरह के कार्य करने से प्रसन्न होकर आप पर कृपा करेंगी।
4
4
5
आइए जानते हैं कि हर दिन के अनुसार बजरंबली का भोग क्या है?
5
6
गायत्री मंत्र जप के लिए 3 समय बताए गए हैं, जप के समय को संध्याकाल भी कहा जाता है।
6
7
सवाल यह उठता है कि क्या सचमुच ऐसा कोई वृक्ष था या है? यदि था तो क्या आज भी वो है? यदि है तो वह कैसा दिखता है और उसके क्या फायदे हैं? आओ जानते हैं....
7
8
हमने यहां ऐसी 10 बातों को संकलित किया है जो पौराणिक किताबों में मिलती है। हालांकि आजकल इन बातों का कोई महत्व नहीं रहा फिर भी कुछ लोग उनको मानते हैं।
8
8
9
गणेशजी को तुलसी का पत्र छोड़कर सब पत्र प्रिय हैं। भैरव की पूजा में तुलसी स्वीकार्य नहीं है।
9
10
समय का जो अंतराल गर्भधारण और जन्‍म के बीच मौजूद रहता है। उतना ही समय मृत्‍यु को जानने का रहेगा। अगर कोई व्‍यक्‍ति गर्भ में नौ महीने रहने बाद जन्‍म लेता है
10
11
स्त्री हो या पुरुष अगर मन साफ है, नियत में शुद्धि है, लगन, मेहनत और सचाई है, किस्मत चमकदार है तो धन अवश्य मिलता है, लेकिन यह भी सच है कि स्त्री से घर का भाग्य, सौभाग्य में बदल जाता है। अगर स्त्री में ये 3 लक्षण हैं तो उसके घर में धन की अधिकता बढ़ती ...
11
12
माता सरस्वती को दूध, पंचामृत, दही, मक्खन, सफेद तिल के लड्डू तथा धान का लावा पसंद है।
12
13
दीपक को विभिन्न तिथि और योग और अलग-अलग तेल और घी से प्रज्वलित करने से मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
13
14
हिन्दू पंचांग के चंद्रमास के अनुसार वर्ष का ग्यारहवां महीना है माघ। पौष के बाद माघ माह प्रारंभ होता है। पुराणों में माघ मास के महात्म्य का वर्णन मिलता है। भारतीय संवत्सर का ग्यारहवां चन्द्रमास और दसवां सौरमास माघ कहलाता है। इस महीने में मघा ...
14
15
हिन्दू, जैन और बौद्ध सहित सभी भारतीय धर्म में मुंडन संस्कार किए जाने के बहुत ही ज्यादा महत्व है। आओ जानते हैं कि यह संस्कार कब कब और क्यों किया जाता है।
15
16
मकर संक्रांति के दिन भगवान सूर्य के साथ-साथ भगवान गणेश, माता लक्ष्मी और भगवान शिव की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है और मनुष्य का सोया नसीब जाग जाता है।
16
17
सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करते ही देशभर में मकर-संक्रांति के पर्व का शुभारंभ हो जाएगा। मकर संक्रांति पर 14 काम करने से रोका गया है। ये इस प्रकार हैं-
17
18
भारत में हमारे सिख मित्रों ने नंबर 13 को बहुत ही शुभ माना है क्योंकि गुरु नानक देव ने कहा था कि तेरा ही तेरा। लेकिन तेरा ही तेरा और 13 ही 13 में फर्क है। उन्होंने कुछ और कहा था, आपने कुछ और समझ लिया। उनके कहने का अर्थ था कि सब कुछ तेरा ही तेरा है। ...
18
19
मकर संक्रांति, सूर्य पर्व के रूप में मनाया जाता है। इस दिन सूर्य धनु से मकर राशि में प्रवेश करता है इसलिए इस दिन को 'मकर संक्रांति' कहते हैं। इस दिन सूर्य उत्तर दिशा की ओर बढ़ने लगता है जिससे दिन की लंबाई बढ़नी और रात की लंबाई छोटी होनी शुरू हो जाती ...
19