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आषाढ़ मास में क्यों नहीं खाते हैं ये 7 चीजें

शुक्रवार,जुलाई 1, 2022
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Gupt Navratri 2022 30 जून से 8 जुलाई तक गुप्त नवरात्रि पर्व मनाया जा रहा है। साधारण व्यक्ति भी गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना करते हैं। माना जाता है कि इस दौरान मां की पूजा करने से जीवन के सभी संकटों का नाश होता है। तथा घर में सुख-समृद्धि ...
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Jagannath Rath yatra 2022: ओड़ीसा के पुरी में निकलने वाली विश्‍व प्रसिद्ध जगन्नाथ यात्रा इस बार 1 जुलाई दिन शुक्रवार से शुरू हो रही है। यह हिन्दू कैलेंडर के अनुसार प्रतिवर्ष आषाढ़ माह की द्वितीया तिथि को निकलती है। इस यात्रा में शामिल होने के लिए ...
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पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर भारत के चार पवित्र धामों में से एक है। यह मंदिर करीब 800 वर्ष से भी अधिक समय से विद्यमान है। प्रतिवर्ष आषाढ़ माह में ओडीसा के समुद्र के किनारे बसे पुरी शहर में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का आयोजन होता है। इस विश्‍व प्रसिद्ध ...
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Baba Amarnath Yatra started : अमरनाथ यात्रा प्रारंभ हो गई है जो कि 11 अगस्त तक चलेगी। जिन्होंने यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करवा रखा है उन्हें ही यात्रा में जाने की अनुमति होगी। अमरनाथ यात्रा के लिए 3.25 लाख तीर्थयात्री अब तक रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। ...
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Halharini Amavasya: आषाढ़ माह की अमावस्या यानी हलहारिणी अमावस्या कब है? 28 या 29 जून 2022 को। साथ ही जानिए अमावस्या के शुभ मुहूर्त और इस अमावस्या का महत्व।
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ज्योतिष में राहु काल को अशुभ माना जाता है। अत: इस काल में शुभ कार्य नहीं किए जाते है। यहां आपके लिए प्रस्तुत है सप्ताह के दिनों पर आधारित राहुकाल का समय, जिसके देखकर आप अपना दैनिक कार्य कर सकते हैं।
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Chanakya Niti : आचार्य चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में कई बातों पर अपना मत रखा है। उनकी कई बातें आज भी प्रासंगिक है। हालांकि कुछ बातों को लोग अब नहीं मानते हैं, लेकिन नीति क्या कहती है यह जानना जरूरी है। आचार्य चाणक्य ने, सेहत, धन, राजनीति, शासन, ...
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वर्ष 2022 में चातुर्मास, चौमासा (Chaturmas 2022) का शुभारंभ 10 जुलाई से हो रहा है तथा 4 नवंबर 2022 को इसकी समाप्ति होगी। चातुर्मास का समय भगवान के पूजन-आराधना और साधना का समय माना जाता है, chaturmas 2022 start date
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ज्योतिष शास्‍त्र में हरा रंग और किन्नर (Kinnar) दोनों ही बुध ग्रह से संबंधित माने गए हैं। बुध ग्रह का ज्योतिष में एक खास स्‍थान हैं और इसे शुभ बनाने की सलाह दी जाती है। अत: बुधवार के दिन किन्नरों को हरे रंग (green cloth) के कपड़ों का दान शुभ फलदायी ...
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आषाढ़ मास चल रहा है। इस माह में सूर्य पूजन का विशेष महत्व है। इस महीने में सूर्य आराधना से ना सिर्फ अक्षय पुण्य मिलता है बल्कि सेहत के भी लाभ मिलते हैं। सुबह के समय जब हम सूर्य को जल चढ़ाते हैं तो सूर्य से निकलने वाली किरणें हमें हेल्‍थ बेनिफिट्स देती ...
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आपने अक्सर यह सुना होगा कि घर की रसोई में मां अन्नपूर्णा की वह तस्वीर लगानी चाहिए जिसमें वे भोलेनाथ को भिक्षा दे रही हैं। आइए जानते हैं क्या है कहानी, क्यों लगाना चाहिए भगवान शिव और दान करती मां अन्नपूर्णा की खास तस्वीर....
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इस वर्ष आषाढ़ी पूर्णिमा (Ashadhi Purnima 2022) 13 जुलाई 2022, बुधवार के दिन मनाई जाएगी। शास्त्रों के अनुसार आषाढ़ मास की पूर्णिमा को आषाढ़ी पूर्णिमा, गुरु पूर्णिमा कहा जाता है। Ashadhi Purnima 2022 Date
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आषाढ़ मास 15 जून 2022, बुधवार से प्रारंभ हो गया है और 13 जुलाई, गुरु पूर्णिमा तक रहेगा। इस दिन महीने में भगवान शंकर व भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है। जानिए इस लेख में खास बातें...
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Ashadh Maas 2022 Ka Mahatva : हिन्दू कैलेंडर के अनुसार ज्येष्ठ माह के बाद आषाढ़ माह प्रारंभ हो गया है जो 15 जून 2022 बुधवार से प्रारंभ होगा।
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आषाढ़ माह 2022 : हिन्दू कैलेंडर के अनुसार ज्येष्ठ माह के बाद आषाढ़ माह लगता है। इस बार आषाढ़ का प्रारंभ अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 15 जून 2022 बुधवार से प्रारंभ हो गया है जो 13 जुलाई गुरु पूर्णिमा तक रहेगा। इस माह में शिवजी और विष्णुजी की पूजा का ...
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.'प्रदोष में दोष' यही था कि चंद्र क्षय रोग से पीड़ित होकर मृत्युतुल्य कष्टों को भोग रहे थे। 'प्रदोष व्रत' इसलिए भी किया जाता है कि भगवान शिव ने उस दोष का निवारण कर उन्हें पुन:जीवन प्रदान किया अत: हमें उस शिव की आराधना करनी चाहिए जिन्होंने मृत्यु को ...
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यहां पढ़ें मां गंगा की स्तुति, पावन चालीसा, गंगा मैया की आरती और पौराणिक तथ्य...
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बनारस के शिव मंदिर के सामने अगर कोई संत आपको यह कहते हुए मिले कि 'खुश रहा बाबा' तो चौंकिए नहीं... यह अंदाज है काशी के निवासियों का कि वे बाबा भोलेनाथ को आशीष देते हैं...आपको अचरज हो सकता है कि जिन बाबा भोलेनाथ से लोग आशीर्वाद मांगते हैं उन्हें ...
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Skanda Purana Katha gyan : भगवान शंकर के बड़े पुत्र कार्तिकेय का ही एक नाम स्‍कन्‍द है। उन्हीं के नाम पर लिखा गया स्कंद पुराण। इसे महापुराण माना जाता है। पुराणों के क्रम में इसका तेरहवां स्थान है इसके खंडात्मक और संहितात्मक उपलब्ध दो रूपों में से ...
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