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छत्तीसगढ़ का लोकपर्व छेरछेरा 28 जनवरी को, करेंगे जीवन में खुशहाली की कामना

बुधवार,जनवरी 27, 2021
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पौष माह की पूर्णिमा के दिन स्नान-दान और सूर्य व चंद्र देव को जल देने से पुण्य लाभ मिलता है। हर पूनम की तरह पौष पूर्णिमा पर भी पीपल के वृक्ष पर मां लक्ष्मी का आगमन होता है। सुबह उठकर पीपल के पेड़ के सामने कुछ मीठा चढ़ाकर जल अर्पित करें।
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हिन्दू कैलेंडर का प्रथम माह है चैत्र और अंतिम है फाल्गुन। दोनों ही माह वसंत ऋतु में आते हैं। ईसाई माह अनुसार यह मार्च में आता है। चैत्र की प्रतिपदा तिथि से ही हिन्दू नववर्ष की शुरुआत होती है। फाल्गुन माह के पूर्व माघ माह आता है जिसका पुराणों में ...
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पौष माह में शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को पौष पूर्णिमा कहते हैं। पौष पूर्णिमा को ही भगवती दुर्गा के शाकंभरी स्वरूप का अवतरण हुआ था। इसलिए इसे शाकंभरी पूर्णिमा भी कहते हैं। इस साल यह पूर्णिमा 28 जनवरी 2021 को है।
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भगवान शिव के अनमोल वचनों को 'आगम ग्रंथों' में संग्रहित किया गया है। आगम का अर्थ ज्ञान अर्जन। पारंपरिक रूप से शैव सिद्धांत में 28 आगम और 150 उप-आगम हैं।
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भगवान श्रीकृष्ण हम सबको प्रिय हैं,आइए जानते हैं उन पर किसने क्या रचा है।
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यहां सिर्फ जानकारी हेतु यह लेख है पाठक अपने विवेक का उपयोग करें।
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गरुड़ पुराण में ऐसे कामों के बारे में बताया गया है जिन्हें करने से आपकी उम्र कम हो सकती है। जानिए कौन से 5 काम नहीं करना चाहिए वरना उम्र कम होने का खतरा बढ़ सकता है।
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किसी भी धार्मिक कर्म कांड शुरू होने से पहले कलावा बांधा जाता है। वैसे मांगलिक कार्यक्रमों पर भी इसे बांधा जाता है। माना जाता है कि ये कलावा ही संकटों के समय हमारा रक्षा कवच बनता है, लेकिन इस कलावा को कभी भी नहीं बदलना चाहिए।
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हनुमान जी के पिता वानरराज केसरी कपि क्षेत्र के राजा थे। हरियाणा का कैथल पहले कपिस्थल हुआ करता था। कुछ लोग इसे ही हनुमान जी की जन्म स्थली मानते हैं।
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यदि आप माता लक्ष्मी को प्रसन्न कर लेते हैं तो धन और समृद्धि के सारे बंद रास्ते खुल जाते हैं। आओ जानते हैं कि माता लक्ष्मी को क्या पसंद है और वे किस तरह के कार्य करने से प्रसन्न होकर आप पर कृपा करेंगी।
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आइए जानते हैं कि हर दिन के अनुसार बजरंबली का भोग क्या है?
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गायत्री मंत्र जप के लिए 3 समय बताए गए हैं, जप के समय को संध्याकाल भी कहा जाता है।
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सवाल यह उठता है कि क्या सचमुच ऐसा कोई वृक्ष था या है? यदि था तो क्या आज भी वो है? यदि है तो वह कैसा दिखता है और उसके क्या फायदे हैं? आओ जानते हैं....
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हमने यहां ऐसी 10 बातों को संकलित किया है जो पौराणिक किताबों में मिलती है। हालांकि आजकल इन बातों का कोई महत्व नहीं रहा फिर भी कुछ लोग उनको मानते हैं।
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गणेशजी को तुलसी का पत्र छोड़कर सब पत्र प्रिय हैं। भैरव की पूजा में तुलसी स्वीकार्य नहीं है।
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समय का जो अंतराल गर्भधारण और जन्‍म के बीच मौजूद रहता है। उतना ही समय मृत्‍यु को जानने का रहेगा। अगर कोई व्‍यक्‍ति गर्भ में नौ महीने रहने बाद जन्‍म लेता है
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स्त्री हो या पुरुष अगर मन साफ है, नियत में शुद्धि है, लगन, मेहनत और सचाई है, किस्मत चमकदार है तो धन अवश्य मिलता है, लेकिन यह भी सच है कि स्त्री से घर का भाग्य, सौभाग्य में बदल जाता है। अगर स्त्री में ये 3 लक्षण हैं तो उसके घर में धन की अधिकता बढ़ती ...
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माता सरस्वती को दूध, पंचामृत, दही, मक्खन, सफेद तिल के लड्डू तथा धान का लावा पसंद है।
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दीपक को विभिन्न तिथि और योग और अलग-अलग तेल और घी से प्रज्वलित करने से मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
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