1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. प्रादेशिक
  4. governor CV ananda Boss in Murshidabad

हरगोविंद दास और चंदन दास के परिजनों से मिले राज्यपाल बोस, शव पर मिले थे चाकू के निशान

हिंसाग्रस्त मुर्शिदाबाद पहुंचे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस, मृतकों के परिजनों से मुलाकात की

cv ananda bose in murshidabad
Murshidabad news in hindi : पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में मारे गए हरगोविंद दास और चंदन दास के परिजनों से शनिवार को मुलाकात की और उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। ALSO READ: मुर्शिदाबाद में दंगा पीड़ितों से मिलीं NCW प्रमुख विजया रहाटकर, जानिए क्या कहा?
 
हरगोविंद दास और चंदन दास के शव शमशेरगंज के जाफराबाद इलाके में उनके घर में पाए गए थे और शरीर पर चाकू से वार के कई निशान थे। राज्यपाल उनके (मृतकों के परिजनों के) घर गए, परिवार के सदस्यों से बात की और उन्हें सहायता का आश्वासन दिया। परिजनों ने घटना की सीबीआई जांच की मांग की है।
 
बोस जिले के धुलियान, सुती और जंगीपुर में अन्य हिंसा प्रभावित इलाकों का भी दौरा करेंगे। इन मुस्लिम बहुल इलाकों में 8-12 अप्रैल को वक्फ (संशोधन) अधिनियम के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान भड़की हिंसा में पिता-पुत्र समेत कम से कम 3 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद इस सिलसिले में 274 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
 
अधिकारी ने बताया कि शमशेरगंज के लिए अपना दौरा शुरू करने से पहले बोस ने फरक्का के अतिथि गृह में प्रभावित परिवारों के कुछ सदस्यों से बात की जहां वह ठहरे हुए थे।
 
शुक्रवार को बोस ने मालदा का दौरा किया था और मुर्शिदाबाद जिले के हिंसा प्रभावित इलाकों से भागकर एक अस्थायी शरणार्थी शिविर में रह रहे लोगों से मुलाकात की थी। उन्होंने प्रभावित लोगों को आश्वासन दिया कि उनकी शिकायतों को दूर करने के लिए ठोस कार्रवाई की जाएगी।
edited by : Nrapendra Gupta 
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।.... और पढ़ें
अगला लेख
लाइफ केयर हॉस्पिटल में स्वस्थ प्राणियों और प्रकृति के लिए सस्टेनेबल फूड कार्यशाला