अयोध्या राम मंदिर में सुरक्षा में बड़ी सेंध, हैकर ने कंप्यूटर ID हैक कर बनाए फर्जी VVIP दर्शन पास, जांच शुरू
Ayodhya Ram Mandir VVIP Pass Scam: राम जन्मभूमि मंदिर में काउंटर ऑपरेटरों की कंप्यूटर लॉग-इन ID हैक कर बड़े पैमाने पर फर्जी विशिष्ट (VVIP) दर्शन पास बनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मंदिर परिसर के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा जांच के दौरान फर्जी पास पकड़े जाने के बाद इस साइबर सेंधमारी का खुलासा हुआ।
ऐसे पकड़ा गया फर्जीवाड़ा
- सुरक्षा जांच में संदेह : प्रवेश द्वार पर चेकिंग के दौरान सुरक्षाकर्मियों को एक VVIP पास पर शक हुआ।
- सिस्टम में रिकॉर्ड गायब : CRPF ने वायरलेस के जरिए जब पास के रेफरेंस नंबर की पुष्टि की, तो सिस्टम में उसका कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
- श्रद्धालुओं के दर्शन निर्बाध : धोखाधड़ी पकड़े जाने के बावजूद सुरक्षाबलों ने श्रद्धालुओं को नहीं रोका और उन्हें सुगमता से रामलला के दर्शन करने दिए।
साइबर सेंधमारी और ऑपरेटर ID हैक
- ID का गलत इस्तेमाल : शुरुआती जांच के अनुसार, पास जारी करने वाले ऑपरेटरों की कंप्यूटर लॉग-इन ID को हैक कर कई VVIP और निशुल्क दर्शन पास बनाए गए थे।
- TEC की तकनीकी जांच : सॉफ्टवेयर निर्माण और संचालन करने वाली कंपनी टाटा इंजीनियरिंग कंसलटेंसी (TEC) की टीम को जांच सौंपी गई है। टीम लॉग-इन हिस्ट्री खंगाल रही है ताकि सेंधमारी का तरीका पता चल सके।
राम मंदिर की दर्शन पास व्यवस्था
- रोजाना रेफरल के आधार पर 9000 निशुल्क दर्शन पास जारी किए जाते हैं।
- सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक, दो-दो घंटे के 6 अलग-अलग स्लॉट (प्रति स्लॉट 1500 पास) में वितरण होता है।
- इनका कोटा राम मंदिर ट्रस्ट, जिला प्रशासन, पुलिस, सेना और CRPF के लिए तय रहता है।
- सबसे संवेदनशील 'आरती दर्शन पास' होते हैं, जो सीधे ट्रस्टियों के रेफरेंस पर जारी किए जाते हैं।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई : नए CEO जितेंद्र मिश्र और मंदिर प्रबंधन इस तकनीकी खामी को सुधारने और सुरक्षा प्रोटोकॉल को कड़ा करने के लिए लगातार समीक्षा बैठकें कर रहे हैं।

