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Goga Navmi: क्यों मनाई जाती है गोगा नवमी, जानें मुहूर्त और इस पर्व के बारे में
goga navami 2024
Highlights
गोगा नवमी क्यों मनाई जाती है।
2024 में कब है भादवा नवमी।
गोगादेव के बारे में जानें।
Goga Navmi : प्रतिवर्ष भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि पर गोगा नवमी का पर्व मनाया जाता है। जिसमें मुख्य रूप से गोगादेव की पूजा की जाती है। गोगादेव को राजस्थान के लोकदेवता के रूप में जाना जाता है और उन्हें जाहरवीर भी कहते हैं। वे राजस्थान के चमत्कारिक सिद्ध पुरुष माने गए हैं। अत: भाद्रपद कृष्ण नवमी को मनाया जाने वाला गोगा नवमी का यह त्योहार बहुत प्रसिद्ध है।
इस वर्ष गोगा नवमी का पर्व 27 अगस्त 2024, दिन मंगलवार को मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की नवमी के दिन गोगादेव जी का जन्म हुआ था। लोक मान्यताओं के अनुसार गोगा जी को सांपों के देवता के रूप में पूजा जाता है।
क्यों मनाया जाता है यह पर्व : पौराणिक मान्यता के मुताबिक गोगा देव जी का जन्म गुरु गोरखनाथ के वरदान से राजस्थान के ददरेवा/ चुरू चौहान वंश के राजपूत शासक जेवरसिंह की पत्नी बाछल के गर्भ से भाद्रपद सुदी नवमी को हुआ था। उनके संबंध में यह मान्यता है कि गोगा पंचमी और गोगा नवमी के दिन यदि संतान की चाह रखने वाली महिलाएं गोगा देव का पूजन करें तो उनको जल्द ही संतान की प्रप्ति होती है।
गोगा देव जी का यह पर्व भाद्रपद पंचमी से गोगा नवमी तक चलता है। उन्हें राजस्थान के लोक देवता के नाम से एक पीर के रूप में भी जाना जाता हैं। उन्हें गुरु गोरक्षनाथ के प्रमुख शिष्यों में स्थान प्राप्त है।
गोगा नवमी के संबंध में यह मान्यता है कि पूजा स्थल की मिट्टी को घर में रखने से सर्पभय नहीं रहता है। ऐसा माना जाता है कि वीर गोगा देव अपने भक्तों की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। अत: भाद्रपद नवमी पर यह त्योहार मनाया जाता है।
जाहरवीर जोत का महत्व : भाद्रपद नवमी के दिन यह खास त्योहार रहता है। अत: कई स्थानों पर इस दिन मेले लगते हैं व शोभायात्राएं निकाली जाती हैं। कई शहरों में पूरी रात निशानों का यह कारवां निकलता है।
इस अवसर पर कई स्थानों पर गोगा नवमी के दिन खेजड़ी/ जाटी नाम से जाने जाने वाले और गोगा के पौधे की पूजा की जाती है और पूजा किए गए पौधों को विधिपूर्वक जल में प्रवाहित किया जाता है। तथा गोगा जी/ बाबा जाहरवीर के भक्त अपने घरों में ईष्टदेव की वेदी बनाकर अखंड ज्योति जागरण करते हैं तथा उनकी शौर्य गाथा एवं जन्म कथा सुनते हैं। इस प्रथा को जाहरवीर का जोत कथा जागरण कहा जाता है।
गोगा नवमी 2024 के शुभ मुहूर्त और समय :
गोगा नवमी मंगलवार, 27 अगस्त 2024 को
भाद्रपद कृष्ण नवमी तिथि की शुरुआत 26 अगस्त, सोमवार रात 02:20 मिनट से शुरू
नवमी तिथि- 27 अगस्त, मंगलवार रात 01:33 तक रहेगी।
रोहिणी नक्षत्र - दोपहर 03:38 तक
गुलिक काल- अपराह्न 12:22 से 01:59 तक
यमगण्ड- सुबह 09:09 से 10:46 तक
अभिजित मुहूर्त- अपराह्न 11:57 से 12:48 तक
अमृत काल- दोपहर 12:28 से 02:03 मिनट तक।
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