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Supreme Court on Protest: शांतिपूर्ण विरोध संवैधानिक अधिकार, पुलिस कार्रवाई पर CJI सूर्यकांत की बड़ी टिप्पणी

Supreme Court on cjp protest
छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार है। CJI सूर्यकांत की बेंच ने पुलिस की कथित ज्यादती पर सवाल उठाते हुए देशभर में विरोध प्रदर्शनों के लिए एक समान प्रोटोकॉल बनाने की जरूरत बताई। ALSO READ: 'बेटी के बयान से दुखी हूं, लेकिन पिता को दोष नहीं दे सकते'— केशव महंता के बचाव में बोले हिमंत बिस्वा सरमा

CJI सूर्यकांत ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार संविधान में है। शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार पूरी तरह से गारंटीकृत है। इससे इनकार नहीं किया जा सकता। सिर्फ इसलिए कि आंदोलन हो रहा है, पुलिस की ज्यादती को सही नहीं ठहराया जा सकता। हालांकि, कोर्ट ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमले के आरोपों पर भी चिंता जताई।
 

पुलिस को चोट पहुंचना भी उतनी ही चिंता की बात

जब एक वकील ने बेकाबू भीड़ द्वारा पुलिसकर्मियों के घायल होने और उनके परिवारों पर हमले की घटनाओं का ज़िक्र किया, तो जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा, 'पुलिस को चोट पहुंचना भी उतनी ही चिंता की बात है। हम राज्य से जवाब मांग सकते हैं कि पर्याप्त सुरक्षा उपाय क्यों नहीं किए गए? ALSO READ: Rahul Gandhi : राहुल गांधी का अमित शाह को पत्र, छात्रों पर कार्रवाई को लेकर मांगा जवाब; पूछा- क्या पेलट गन इस्तेमाल की मंजूरी दी गई थी?
 

शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट के लिए हो प्रोटोकॉल

CJI ने कहा कि देश भर में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के लिए एक प्रोटोकॉल होना चाहिए। जब कोई शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करना चाहता है, तो एक प्रोटोकॉल होना चाहिए। उसके लिए उचित जगह होनी चाहिए। इस मामले में कोई बाधा नहीं है। लेकिन अगर कोई असामाजिक तत्व है, तो उससे निपटा जा सकता है। 
 
कोर्ट ने आगे कहा कि इस मुद्दे के लिए पूरे देश में एक जैसा नजरिया अपनाने की ज़रूरत है और एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए ज़रूरी गाइडलाइंस बनाने की बात कही। इस मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को होगी।
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