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राम मंदिर ट्रस्ट में अंतरर्कलह, नृपेंद्र मिश्रा बोले- मुझे बैठक में नहीं बुलाया, धर्म सेना प्रमुख का पलटवार- ट्रस्ट नहीं ये गिरोह है

राम मंदिर ट्रस्ट
Ayodhya Ram Mandir Conflict: अयोध्या राम मंदिर निर्माण और ट्रस्ट के आंतरिक तालमेल को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा दो दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। जब मीडिया ने उनसे आगामी 22 जुलाई को दिल्ली में होने वाली ट्रस्ट की अहम बैठक के बारे में सवाल किया, तो वे भड़क गए। उन्होंने कहा कि मुझे इस बैठक के बारे में कोई जानकारी नहीं है। 
 
​नृपेंद्र मिश्रा ने बेहद तल्ख अंदाज में अपनी अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि मुझे इस बैठक के बारे में न तो कोई जानकारी दी गई है और न ही मुझे इसमें बुलाया गया है। मैं मंदिर की व्यवस्थाओं से संबंधित काम नहीं देखता हूं। ​गौरतलब है कि इससे पहले नृपेंद्र मिश्रा ने दिल्ली में राम मंदिर से जुड़े मामलों में 'रामधन गमन' को "डकैती" करार दिया था। उनके इस बयान के बाद से ही ट्रस्ट की आंतरिक व्यवस्था और जिम्मेदारियों के बंटवारे पर सवाल उठने लगे थे। ALSO READ: अयोध्या ​राम मंदिर में नई समस्या! 23 कर्मचारियों का सामूहिक इस्तीफा

संतोष दूबे का तीखा हमला

नृपेंद्र मिश्रा के इस ताजा बयान के बाद विवाद और गहरा गया है। धर्म सेना के प्रमुख संतोष दूबे ने ट्रस्ट और निर्माण समिति पर सीधा और तीखा हमला बोला है। संतोष दूबे ने कहा कि ​ट्रस्ट में बैठे लोग अपनी जिम्मेदारियों से पूरी तरह भाग रहे हैं। अगर ट्रस्ट और निर्माण समिति के पदाधिकारियों के बयानों को मिलाकर देखा जाए, तो यह राम मंदिर का ट्रस्ट नहीं बल्कि एक 'गिरोह' (गैंग) नजर आता है। इस गिरोह के लोग अब आपस में ही 'गैंगवार' में उलझे हुए हैं। ALSO READ: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद श्रद्धालुओं की संख्या घटी, अयोध्या की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर

​चोरी पकड़े जाने का डर

यह जो आपसी खींचतान और आक्रोश दिखाई दे रहा है, यह कोई धर्म का काम नहीं है। मुमकिन है कि ट्रस्ट के लोगों ने जो वित्तीय गड़बड़ियां की हैं, वे अब सामने आ रही हैं, जिसके चलते ये लोग झुंझलाहट और गुस्से में हैं। दूबे ने सीधे नृपेंद्र मिश्रा को घेरते हुए आरोप लगाया कि मिश्रा जी निर्माण समिति के अध्यक्ष हैं। मंदिर निर्माण में 40% का कमीशन लेने की बात सामने आई है। उन्हें जनता को जवाब देना चाहिए कि इस खेल में उनका हिस्सा कितना बना? इन लोगों ने मिलकर राम के नाम पर आए धन की खुली लूट की है। इनकी आने वाली पीढ़ियां दुनिया को क्या मुंह दिखाएंगी कि उन्होंने प्रभु श्रीराम के धन की चोरी की थी?
लेखक के बारे में
संदीप श्रीवास्तव
संदीप श्रीवास्तव करीब 25 वर्ष से ज्यादा समय से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वेबदुनिया के लिए उत्तर प्रदेश में स्ट्रिंगर के रूप में कार्य करते हैं। .... और पढ़ें
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