हंगामे पर सभापति सख्‍त, तृणमूल कांग्रेस के सदस्य राज्यसभा से निलंबित

पुनः संशोधित बुधवार, 4 अगस्त 2021 (12:39 IST)
मुख्‍य बिंदु
  • हंगामे पर सभापति सख्‍त, तृणमूल कांग्रेस के सदस्य राज्यसभा से निलंबित
  • पेगासस जासूसी विवाद पर राज्यसभा में हंगामा
  • सभापति वेंकैया नायडू की अपील भी बेअसर
  • हंगामाई सांसदों के खिलाफ नियम 22 के तहत कार्रवाई
  • तृणमूल कांग्रेस के सदस्य पूरे दिन के लिए राज्यसभा से निलंबित
नई दिल्ली। राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने बुधवार को पेगासस जासूसी विवाद को लेकर आसन के समक्ष हंगामा कर रहे तृणमूल कांग्रेस के कुछ सदस्यों को पूरे दिन के लिए सदन से निलंबित कर दिया।

सुबह जब सभापति ने किसानों के मुद्दे पर चर्चा के लिए दिए गए नोटिस स्वीकार करने और अन्य नोटिस खारिज किए जाने के बारे में सूचना दी तो तृणमूल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्य आसन के समक्ष आ कर पेगासस जासूसी विवाद पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा करने लगे।

सभापति ने इन सदस्यों से अपने स्थानों पर लौट जाने और कार्यवाही चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो सदस्य आसन के समक्ष आ गए हैं और तख्तियां दिखा रहे हैं, उनके नाम नियम 255 के तहत प्रकाशित किए जाएंगे और उन्हें पूरे दिन के लिए निलंबित कर दिया जाएगा।
इतने पर भी हंगामा नहीं थमा तब सभापति ने आसन की अवज्ञा कर हंगामा कर रहे सदस्यों से नियम 255 के तहत सदन से बाहर जाने को कहा। उन्होंने स्वयं किसी का नाम नहीं लिया और राज्यसभा सचिवालय से इन सदस्यों के नाम देने को कहा। सदन में व्यवस्था बनते न देख उन्होंने 11 बज कर करीब 15 मिनट पर बैठक दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

गौरतलब है कि नियम 255 के तहत नाम लिए जाने पर सदस्यों को पूरे दिन के लिए सदन की कार्यवाही से निलंबित कर दिया जाता है।



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