बाबरी विध्वंस : जोशी ने CBI अदालत के फैसले को बताया ऐतिहासिक

Last Updated: बुधवार, 30 सितम्बर 2020 (14:49 IST)
नई दिल्ली। वरिष्ठ भाजपा नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने बुधवार को मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत द्वारा सभी आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को करार देते हुए उम्मीद जताई कि इसी के साथ ही विवाद की भी इतिश्री हो जानी चाहिए।
वयोवृद्ध भाजपा नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी व अन्य के साथ जोशी भी इस मामले में आरोपी थे। फैसले के बाद बातचीत करते हुए जोशी ने कहा कि अदालत ने एक एतिहासिक निर्णय सुनाया है। इस मामले में उनकी ओर से पेश हुए अधिवक्ताओं का धन्यवाद करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि उन्होंने सही पक्षों और तथ्यों को न्यायालय के सामने रखा।
जोशी ने कहा कि उनका परिश्रम था जिससे इस जटिल मामले में भरपूर प्रयत्नों के बाद सीबीआई अपना पक्ष नहीं रख पाई और न्यायाधीश ने सच को सबके सामने रख दिया। इस निर्णय ने सिद्ध कर दिया है कि हमारे कार्यक्रम किसी षड्यंत्र के तहत नहीं थे।
फैसले पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि इसके बाद ये विवाद समाप्त होना चाहिए। सारे देश को भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए तत्पर होना चाहिए। इस अवसर पर मैं एक ही बात कहूंगा कि 'जय-जय श्रीराम' और 'सबको सन्मति दे भगवान।'

गौरतलब है कि सीबीआई की विशेष अदालत ने 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में बुधवार को अपना फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया। विशेष न्यायाधीश एसके यादव ने फैसला सुनाते हुए कहा कि बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना पूर्व नियोजित नहीं थी, यह एक आकस्मिक घटना थी। आरोपियों के खिलाफ कोई पुख्ता सुबूत नहीं मिले, बल्कि आरोपियों ने उन्मादी भीड़ को रोकने की कोशिश की थी। (भाषा)



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