यह बात दिमाग से निकाल दें कि Vaccine से कोरोना होता है...
कोरोनावायरस (Coronavirus) के लगातार बढ़ते मामलों के बीच टीकाकरण का काम भी देश में तेजी से चल रहा है। इस दौर में वैक्सीनेशन (Vaccination) को लेकर लोगों के मन में कई भ्रांतियां भी देखने को मिल रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि जब वैक्सीन लेने के बाद भी कोरोना हो रहा है तो हम क्यों वैक्सीन लें। या फिर वैक्सीन में डैड वायरस होता है, उसके एक्टिव होने के बाद व्यक्ति कोरोना का शिकार हो जाता है।
ऐसी ही कई भ्रांतियां हैं, जो लोगों के दिमाग में हैं। इस सिलसिले में हमने सूरत (गुजरात) मुख्य ऑर्थोपेडिक सर्जन और सलाहकार डॉ. धीरज रस्तोगी से बात की। डॉ. रस्तोगी स्वयं कोरोना वैक्सीन का दूसरा डोज लगवाने के करीब डेढ़ माह बाद संक्रमण का शिकार हो गए। वेबदुनिया से खास बातचीत में डॉ. रस्तोगी कहते हैं कि हमें इस भ्रम मे कतई नहीं रहना चाहिए कि वैक्सीनेशन के बाद कोरोना नहीं होगा। हां, यदि आपने टीका लगवाया है तो आप वायरस से होने वाले घातक परिणामों से अवश्य बच जाएंगे।
डॉ. रस्तोगी कहते हैं कि वैक्सीन इन्फेक्शन से नहीं बल्कि वायरस के घातक परिणामों से बचाती हैं। संक्रमण से बचने के लिए तो आपको नियमित तौर पर सावधानी बरतनी होगी। अर्थात सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क लगाना, सैनिटाइजर का उपयोग करना आदि नियमों का पालन तो आपको करना ही होगा। डॉ. रस्तोगी कहते हैं कि कोरोना वैक्सीन से कभी भी कोरोना नहीं होता है, संक्रमण तब होता है जब आप कोरोना गाइडलाइंस को फॉलो नहीं करते हैं।
आखिर एंटीबॉडी बनने में कितना वक्त लगता है? इस सवाल के जवाब में डॉ. रस्तोगी कहते हैं कि फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक डेटा तो उपलब्ध नहीं है, लेकिन ऐसा माना जाता है कि एंटीबॉडी बनने में करीब डेढ़ महीने का वक्त तो लगता ही है। हालांकि एंटीबॉडी डेवलप होने के बाद भी आपको मास्क तो लगाना ही होगा। क्योंकि भले आपको कोरोना संक्रमण का असर नहीं हो, लेकिन आप करियर का काम तो कर ही सकते हैं। अर्थात दूसरों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
डॉ. रस्तोगी कहते हैं कि वैक्सीन सभी अच्छी हैं। अत: जो भी वैक्सीन उपलब्ध हो, वह आप जरूर लगवाएं। ऐसा करके आप खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित कर सकते हैं। वैक्सीन लगने का मतलब आप कोरोना फ्री नहीं हैं। यह जरूर कह सकते हैं कि आप सीवियर सिम्टम्स से फ्री हैं। अत: वैक्सीन जरूर लगवाएं और इससे जुड़ी किसी भी अफवाह पर ध्यान नहीं दें।
उल्लेखनीय है कि दुनिया में अब तक 13 करोड़ 60 लाख से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमण का शिकार हो चुके हैं, जबकि 29 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या 1 करोड़ 35 से ज्यादा से ज्यादा हो चुकी है, जबकि मरने वालों का आंकड़ा 1 लाख 70 हजार से ज्यादा है।
लेखक के बारे में
वृजेन्द्रसिंह झाला
वृजेन्द्रसिंह झाला पिछले 30 से ज्यादा वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं। प्रिंट एवं डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य का अनुभव। वर्तमान में वेबदुनिया की न्यूज टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।
अनुभव : वृजेन्द्रसिंह झाला तीन दशक से ज्यादा का प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया का अनुभव है। वर्तमान.... और पढ़ें