एक और भारतीय जहाज ने पार किया होर्मुज, 20000 टन LPG से लदा है टैंकर, जानिए कब आएगा भारत?
Indian LPG ship have crossed Strait of Hormuz : अमेरिका और ईरान के बीच 2 सप्ताह के अस्थाई संघर्ष विराम के बाद 'जग विक्रम' नामक भारतीय पेट्रोलियम गैस (LPG) के जहाज ने होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर लिया है। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के ऐलान के बाद यह पहला भारतीय एलपीजी जहाज है। खबरों के अनुसार, यह जहाज 15 अप्रैल तक भारत में पहुंचने की संभावना है। यह मध्यम आकार का गैस वाहक जहाज 26000 टन से अधिक वहन क्षमता रखता है और इसमें करीब 20000 टन एलपीजी होने का अनुमान है। होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने वाला यह नौवां भारतीय जहाज है।
सीजफायर के बाद पहला भारतीय जहाज
अमेरिका और ईरान के बीच 2 सप्ताह के अस्थाई संघर्ष विराम के बाद 'जग विक्रम' नामक भारतीय पेट्रोलियम गैस (LPG) के जहाज ने होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर लिया है। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के ऐलान के बाद यह पहला भारतीय एलपीजी जहाज है। यह मध्यम आकार का गैस वाहक जहाज 26000 टन से अधिक वहन क्षमता रखता है और इसमें करीब 20000 टन एलपीजी होने का अनुमान है।
होर्मुज पार करने वाला 9वां LPG जहाज
होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने वाला यह नौवां भारतीय जहाज है। बंदरगाह और नौवहन मंत्रालय, नाविकों के कल्याण और समुद्री संचालन में कोई रुकावट न आए, यह सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े अन्य पक्षों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है। यह जहाज 15 अप्रैल तक भारत में पहुंचने की संभावना है।
भारत अपनी करीब 60 प्रतिशत रसोई गैस जरूरत आयात से पूरी करता है। भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए पश्चिम एशिया पर काफी निर्भर है। ऐसे में इस क्षेत्र में सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करना उसके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत ने ईरान के साथ कूटनीतिक स्तर पर संपर्क बनाए रखते हुए अपने जहाजों के सुरक्षित पारगमन पर जोर दिया है।
इंतजार में हैं 15 भारतीय जहाज
जहाज शुक्रवार रात से शनिवार सुबह के बीच इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरा और शनिवार दोपहर को पूर्व की ओर बढ़ते हुए, जलडमरूमध्य के पूर्व में ओमान की खाड़ी में स्थित था। पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के समय होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में कम से कम 28 भारतीय जहाज मौजूद थे। लगभग 15 भारतीय जहाज अभी भी क्षेत्र में रुके हुए हैं।
भारतीय समुदाय के साथ लगातार संपर्क में है मंत्रालय
बंदरगाह और नौवहन मंत्रालय, नाविकों के कल्याण और समुद्री संचालन में कोई रुकावट न आए, यह सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े अन्य पक्षों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय मिशन और पोस्ट इस क्षेत्र में रहने वाले भारतीय समुदाय के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में बदलती स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है।
करीब 60 प्रतिशत रसोई गैस आयात करता है भारत
भारत अपनी करीब 60 प्रतिशत रसोई गैस जरूरत आयात से पूरी करता है। देश में पिछले साल 33.15 मिलियन टन एलपीजी की खपत हुई। इसमें से करीब 90 प्रतिशत गैस पश्चिम एशिया से आती है। इसी बीच सरकार ने भी साफ कहा है कि देश में गैस और ईंधन की कमी नहीं है और लोगों को घबराकर खरीदारी नहीं करनी चाहिए। एलपीजी संकट को देखते हुए मोदी सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
Edited By : Chetan Gour
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