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Last Updated: रविवार, 19 मार्च 2023 (22:22 IST)

इंदिरा गांधी का जमाना याद दिला अशोक गहलोत की मोदी सरकार को चेतावनी, सबको पता क्या हुआ था

नई दिल्ली। राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को कहा कि मौजूदा सरकार का हश्र पूर्ववर्ती जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार जैसा होगा जिसे लोगों ने इसी तरह की कार्रवाइयों पर धूल चटा दी थी और इंदिरा गांधी को फिर से चुना। 
 
गहलोत ने यहां कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दिल्ली पुलिस की कार्रवाई सरकार में शीर्ष पद पर बैठे लोगों के निर्देशों के बाद की गई। पुलिस ‘भारत जोड़ो’ यात्रा के दौरान ‘‘महिलाओं का अब भी हो रहा यौन उत्पीड़न’’ वाली टिप्पणी के संबंध में गांधी के आवास पर पहुंची और एक नोटिस दिया। 
 
इससे पहले, यहां गांधी के आवास के बाहर पत्रकारों से गहलोत ने कहा कि दिल्ली पुलिस का नोटिस ‘इंदिरा गांधी के समय की याद दिलाता है जब इसी तरह की घटनाएं हुई थीं’ और सभी ने परिणाम देखा। 
 
प्रेस कॉन्फेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र अपने कार्यों के साथ नयी मिसाल कायम कर रहा है और कहा कि क्या गैर-भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकारें केंद्रीय मंत्रियों द्वारा आलोचना करने पर उनके खिलाफ मामले दर्ज करेगी?.
 
गहलोत ने कहा कि एडोल्फ हिटलर शुरुआत में काफी लोकप्रिय था लेकिन उसके बाद उसके साथ जो हुआ, उसे सभी ने देखा। उन्होंने दावा किया कि ‘ इस देश में लोकतंत्र खतरे में है’  और सरकार न केवल पुलिस को निर्देश दे रही है बल्कि उसके कार्यों की निगरानी भी कर रही है।.
 
गहलोत ने कहा कि इंदिरा जी के समय में जब जनता पार्टी का शासन आया था, वे (तत्कालीन सरकार) इस तरह की गतिविधियों में लिप्त थे और लोगों ने इसका जोरदार जवाब दिया और 1980 में इंदिरा गांधी को भारी बहुमत मिला और वे सत्ता में लौटीं। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार की कार्रवाई से एक बार फिर यही होगा।
 
अधिकारियों के अनुसार पुलिस दल दिन में करीब 10 बजे राहुल के 12, तुगलक लेन स्थित आवास पर पहुंचा और करीब दो घंटे बाद गांधी से मिल सका। पुलिस बल दोपहर करीब एक बजे वापस लौट गया।
 
अधिकारियों ने कहा कि यह तीसरी बार था जब गांधी से इस संबंध में संपर्क किया गया था। अधिकारियों ने कहा कि उन्हें पहले एक प्रश्नावली के साथ एक नोटिस भेजा गया था जिसमें यौन उत्पीड़न के बारे में उनसे संपर्क करने वाली पीड़िताओं का विवरण मांगा गया था क्योंकि पुलिस इस मामले की जांच शुरू करना चाहती है।
 
गांधी के आवास के बाहर, गहलोत ने संवाददाताओं से कहा कि राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें नोटिस मिला था और वह जवाब देंगे, ‘लेकिन इसके बावजूद पुलिस उनके आवास पर गई। (यह) इंदिरा गांधी के समय की याद दिलाती है। इंदिरा गांधी के समय में हुई घटनाएं और परिणाम सबने देखा, जब धूल चाटनी पड़ी। आज की घटना कोई छोटी घटना नहीं है।’’
 
बाद में संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि ...हम यह तानाशाही रवैया नहीं चलने देंगे, हम लोगों के पास जाएंगे।
 
उन्होंने जांच एजेंसियों के कार्यों की भी आलोचना की और कहा कि दुर्भाग्य से, आज ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग का तांडव इस सरकार ने शुरू किया है...न्यायपालिका दबाव में है, प्रधान न्यायाधीश भले कुछ कहें, दबाव उच्च न्यायालयों और उच्चाधिकारियों पर है और दुनिया इसके बारे में जानती है। निर्वाचन आयोग दबाव में है। ऐसे में लोकतंत्र कैसे बचेगा।
 
गहलोत ने कहा कि जब विधायक और सांसद दूसरे राज्यों में जाकर राज्य की स्थिति पर बयान देंगे तो क्या राजस्थान पुलिस उनके खिलाफ मामला दर्ज करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके द्वारा कायम की जा रही मिसाल यह है कि जब केंद्रीय मंत्री आकर बलात्कार या जातिवाद या छुआछूत की बात करेंगे तो क्या हमारी सरकार केंद्रीय मंत्रियों के खिलाफ दिल्ली की तरह मामला दर्ज करेगी या उन्हें नोटिस देगी....वे मिसाल कायम कर रहे हैं जिसमें वे खुद घिरेंगे।
 
उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस के लिए सत्ता के निर्देशों के बिना इस तरह की हिम्मत दिखाना संभव नहीं है। गहलोत ने कहा कि पुलिस बिना किसी कारण के गांधी के आवास में घुसने की हिम्मत कैसे कर सकती है क्योंकि वह एक राष्ट्रीय नेता और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष हैं। उन्होंने प्रेस कॉन्फेंस में कहा कि यह संभवत: पहली बार हो रहा है। मैं इसकी निंदा करता हूं।
 
उन्होंने सवाल किया कि जब भी कोई देश में लोकतंत्र और अन्य चीजों के बारे में बात करता है, तो यह सरकार इतनी परेशान और घबरा क्यों हो जाती है, और कई लेखकों और पत्रकारों को जेलों में डाल दिया गया। उन्होंने दावा किया, ‘‘पूरा देश तनाव में जी रहा है।  भाषा Edited By : Sudhir Sharma