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अमरनाथ यात्रा 2026: जम्मू से रवाना हुआ पहला जत्था, कल होंगे बाबा बर्फानी के दर्शन, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

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Amarnath Yatra 2026 : अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का पहला जत्था आज जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से पहलगाम और बालटाल के लिए रवाना हो गया। कल श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन-पूजन करेंगे। शुक्रवार से शुरू हो रही 57 दिवसीय अमरनाथ यात्रा को लेकर यात्रा के सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। ALSO READ: Top News 2 July: अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था रवाना, WhatsApp के Username फीचर पर रोक
 
जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने सुबह 4 बजे अमरनाथ यात्रा 2026 के तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाई। 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित बाबा बर्फानी के दर्शन की पवित्र यात्रा 48 किमी लंबे पहलगाम मार्ग और 14 किमी लंबे बालटाल मार्ग से 3 जुलाई को शुरू होगी। बालटाल से पवित्र गुफा तक लगभग 14 किलोमीटर लंबे कठिन मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुगम बनाया जा रहा है।

मनोज सिन्हा ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, हर-हर महादेव! बाबा बर्फानी के पावन धाम की पवित्र यात्रा का शुभारंभ हो गया है। जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से श्री अमरनाथ जी यात्रा 2026 के श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। श्री अमरनाथ जी की यात्रा केवल एक तीर्थयात्रा नहीं, बल्कि गहन आध्यात्मिक जागृति का अनुभव है। इस पवित्र मार्ग पर उठाया गया हर कदम बाबा अमरनाथ के प्रति अटूट श्रद्धा, आस्था और पूर्ण समर्पण का प्रतीक है।
 
सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित, मंगलमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण यात्रा की कामना करता हूँ। भगवान शिव आप सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। भारतीय सेना ऑपरेशन शिवा के तहत ऊंचाई वाले इलाकों, संवेदनशील मार्गों और दर्रों पर लगातार निगरानी रख रही है। वहीं जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ऑपरेशन हॉक आई के माध्यम से खुफिया निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है। सेना, पुलिस तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से यात्रा मार्ग की सुरक्षा में तैनात हैं। ALSO READ: अमरनाथ यात्रा 2026 : कश्‍मीर पुलिस का प्रोजेक्ट हाक आई, बाज की आंख से 360 डिग्री निगरानी
 
जमीन पर, संवेदनशील और जोखिम वाली जगहों पर 28 रणनीतिक 'मचान मोर्चे' (ऊंचाई पर बने निगरानी पोस्ट) बनाए गए हैं ताकि निगरानी की क्षमता बढ़ाई जा सके और इलाके पर बेहतर नियंत्रण रखा जा सके। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने और प्रभावी कार्रवाई की तैयारी सुनिश्चित करने के लिए तय जगहों पर 22 खास तौर पर प्रशिक्षित स्नाइपर टीमें भी तैनात की गई हैं।

मौसम भी चुनौती

3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए सुरक्षा के साथ मौसम पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। सरकार ने श्रीनगर, बनिहाल, जम्मू और लेह में डॉप्लर वेदर रडार तैनात किए हैं, जो बादल फटना, भारी बारिश और खराब मौसम का रियल-टाइम अलर्ट देंगे। यह कदम 2022 में अमरनाथ पवित्र गुफा के पास आई विनाशकारी अचानक बाढ़ के बाद उठाया गया है, जिसने एक मजबूत अर्ली वार्निंग सिस्टम की जरूरत को उजागर किया था। तब से, मौसम की निगरानी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना प्रशासन की मुख्य प्राथमिकता रही है। ALSO READ: अमरनाथ यात्रा में आतंक के साथ मौसम भी चुनौती, यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगाए गए हाईटेक डॉप्लर रडार
edited by : Nrapendra Gupta
लेखक के बारे में
नृपेंद्र गुप्ता
नृपेंद्र गुप्ता पिछले 21 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं। प्रिंट एवं डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य का अनुभव। वर्तमान में वेबदुनिया की न्यूज टीम में सहायक संपादक के रूप में कार्यरत हैं।   अनुभव : नृपेंद्र गुप्ता 2 दशक से ज्यादा समय से प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में कार्य.... और पढ़ें