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अमरनाथ यात्रा में आतंक के साथ मौसम भी चुनौती, यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगाए गए हाईटेक डॉप्लर रडार

amarnath yatra
Amarnath Yatra 2026 : 3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए सुरक्षा के साथ मौसम पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। सरकार ने श्रीनगर, बनिहाल, जम्मू और लेह में डॉप्लर वेदर रडार तैनात किए हैं, जो बादल फटना, भारी बारिश और खराब मौसम का रियल-टाइम अलर्ट देंगे। ALSO READ: अमरनाथ यात्रा 2026 : कश्‍मीर पुलिस का प्रोजेक्ट हाक आई, बाज की आंख से 360 डिग्री निगरानी
 
अधिकारियों का कहना है कि जम्मू कश्मीर सरकार अमरनाथ यात्रा को सुचारू और सफल बनाने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही है। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सरकार और सुरक्षा एजेंसियों, दोनों के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
 

क्यों लगाएं डाप्लर वेदर रडार?

इस साल, सरकार ने अमरनाथ यात्रा के दोनों रास्तों पर मौसम की स्थिति की लगातार और रियल-टाइम निगरानी के लिए श्रीनगर, बनिहाल टाप, जम्मू और लेह में डाप्लर वेदर राडार चालू किए हैं। ये एडवांस्ड राडार सिस्टम मौसम में होने वाले बदलावों पर बारीकी से नजर रखने और ज़रूरत पड़ने पर समय पर अलर्ट जारी करने में मौसम वैज्ञानिकों की मदद करते हैं।
 
दरअसल यह कदम 2022 में अमरनाथ पवित्र गुफा के पास आई विनाशकारी अचानक बाढ़ के बाद उठाया गया है, जिसने एक मजबूत अर्ली वार्निंग सिस्टम की जरूरत को उजागर किया था। तब से, मौसम की निगरानी के बुनियादी ढांचे को मज़बूत करना प्रशासन की मुख्य प्राथमिकता रही है।
 
जानकारी के लिए डाप्लर वेदर राडार बादल फटने, भारी बारिश, अचानक आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और तेज हवाओं जैसी बहुत ही स्थानीय और गंभीर मौसम की घटनाओं का पता लगाने में अहम भूमिका निभाता है। यह जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे और तीर्थयात्रा के दोनों रास्तों पर - बेस कैंप से लेकर पवित्र गुफा तक - मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखेगा। इससे अधिकारियों को खराब मौसम की किसी भी स्थिति में तेजी से कार्रवाई करने और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। ALSO READ: क्या सच में खतरा है? अमरनाथ यात्रा के इतिहास की सबसे बड़ी सुरक्षा
 

क्या बोले कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर?

कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग के अनुसार, बनिहाल और श्रीनगर में डाप्लर राडार हमारे मौसम की निगरानी और सलाह देने वाले सिस्टम की रीढ़ हैं। यह एक इंटीग्रेटेड सिस्टम है जो मौसम से जुड़े अलर्ट और नोटिफिकेशन बनाता है। इन्हें यात्रा के रास्ते पर तैनात कैंप कमांडरों और श्रीनगर में हमारे इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर सहित सभी संबंधित लोगों के साथ शेयर किया जाता है।

उन्होंने कहा कि मौसम की रियल-टाइम जानकारी देने के लिए बालटाल और नुनवान सहित हर बेस कैंप पर डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं। इस पूरी जानकारी के आधार पर, हम यह तय करते हैं कि तीर्थयात्री सुरक्षित रूप से यात्रा जारी रख सकते हैं या नहीं, और मौसम से जुड़ी सभी सलाह संबंधित अधिकारियों और तीर्थयात्रियों तक तुरंत पहुंचाई जाती हैं।
edited by : Nrapendra Gupta 
लेखक के बारे में
सुरेश एस डुग्गर
सुरेश डुग्गर वेबदुनिया के लिए जम्मू कश्मीर से समाचार संकलन के लिए अधिकृत हैं। वे तीन दशक से ज्यादा समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।.... और पढ़ें
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