सम्बंधित जानकारी
- राम मंदिर पर स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान से बवाल, महामंडलेश्वर ने 5 लाख इनाम का किया ऐलान
- जमीन के मामले पर बीजेपी का कांग्रेस पर काउंटर अटैक, खडगे परिवार पर लगाए जमीन घोटाला का आरोप
- Weather Update : मानसून ने पकड़ी रफ्तार, मुंबई में भारी बारिश, कई राज्यों में अलर्ट, जानें देशभर का मौसम
- PM मोदी को ईरान से बड़ा न्योता, अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने का मिला निमंत्रण
- मोबाइल छाप आशिक के लिए करोड़पति मंगेतर का कत्ल, कितनी शातिर है 20 साल की सिया गोयल?
अमरनाथ यात्रा 2026: सुरक्षा के लिए शुरू हुआ ‘ऑपरेशन हॉक आई’, ड्रोन से होगी 24 घंटे निगरानी
Amarnath Yatra 2026 : 3 जुलाई से आरंभ हो रही वार्षिक अमरनाथ यात्रा को पूरी तरह से सुरक्षित बनाने की खातिर सुरक्षाबलों ने अब आपरेशन हाक आई अर्थात बाज की आंख शुरू किया है ताकि परिंदा भी पर न मार सके।
अधिकारियों ने बताया कि अमरनाथ यात्रा-2026 के सुरक्षित और शांतिपूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, कश्मीर ने "प्रोजेक्ट हॉक आई" शुरू किया है। यह एक व्यापक निगरानी और सुरक्षा पहल है, जिसका मकसद पूरी यात्रा के दौरान आसमान से लेकर जमीन तक चौबीसों घंटे नजर रखना है।
इस पहल के तहत, अनंतनाग पुलिस ने आधुनिक तकनीक और रणनीतिक रूप से जवानों की तैनाती को मिलाकर एक मल्टी-लेयर सुरक्षा और निगरानी ग्रिड तैयार किया है। हवाई निगरानी के लिए, अहम जगहों पर 5 ड्रोन यूनिट्स तैनात की जा रही हैं, जो रियल-टाइम मानिटरिंग और हालात की बेहतर जानकारी देती हैं। हवाई निगरानी नेटवर्क किसी भी उभरती हुई स्थिति का तुरंत आकलन करने और जमीनी यूनिट्स द्वारा त्वरित कार्रवाई करने में मदद करता है।
अधिकारियों का कहना था कि जमीन पर, संवेदनशील और जोखिम वाली जगहों पर 28 रणनीतिक 'मचान मोर्चे' (ऊंचाई पर बने निगरानी पोस्ट) बनाए गए हैं ताकि निगरानी की क्षमता बढ़ाई जा सके और इलाके पर बेहतर नियंत्रण रखा जा सके। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने और प्रभावी कार्रवाई की तैयारी सुनिश्चित करने के लिए तय जगहों पर 22 खास तौर पर प्रशिक्षित स्नाइपर टीमें भी तैनात की गई हैं। ALSO READ: अमरनाथ यात्रा 2026: जाने से पहले जरूर करें ये 5 जरूरी तैयारियां, तभी रहेंगे सुरक्षित
यही नहीं निगरानी के ढांचे को और बेहतर बनाने के लिए, यात्रा मार्ग की अहम जगहों पर 416 हाई-रिजाल्यूशन सीसीटीवी कैमरे और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम लगाए गए हैं। ये सिस्टम लगातार रियल-टाइम मानिटरिंग करते हैं और संदिग्ध गतिविधियों की समय पर पहचान करने में मदद करते हैं, जिससे सुरक्षा के एहतियाती उपाय मजबूत होते हैं।
अधिकारियों के बकौल, प्रोजेक्ट हाक आई के जरिए, अनंतनाग पुलिस ने आसमान और ज़मीन पर अपनी नजरें प्रभावी ढंग से जमा ली हैं और एक ऐसा बेहतरीन निगरानी नेटवर्क बनाया है जो तीर्थ यात्रा मार्ग की पूरी निगरानी सुनिश्चित करता है। यह पहल सभी तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित माहौल देने के लिए आधुनिक तकनीक और पेशेवर पुलिसिंग के तरीकों का इस्तेमाल करने के प्रति अनंतनाग पुलिस की प्रतिबद्धता को दिखाती है।
पुलिस अधिकारियों का दावा था कि अनंतनाग पुलिस तीर्थ यात्रा के हर पहलू की सुरक्षा और अमरनाथ यात्रा 2026 के सुचारू और सफल आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वे जनता से अपील करते थे कि वे सुरक्षा कर्मियों का सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें ताकि उस पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
