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राम मंदिर पर स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान से बवाल, महामंडलेश्वर ने 5 लाख इनाम का किया ऐलान
उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने भगवान राम को लेकर विवादित बयान देते हुए कहा कि अगर भगवान राम में ताकत होती, तो जिस समय लुटेरे ने चोरी की, तभी वो भस्म हो जाता। लेकिन, उस चोर का बाल भी बांका नहीं हुआ। बयान पर बवाल मच गया और महामंडलेश्वार विष्णु दास ने उनकी जीभ काटने वाले को 5 लाख के इनाम देने का एलान कर दिया। ALSO READ: अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की खुलती जा रहीं परतें, SIT ने सौंपी रिपोर्ट, चंपत की भूमिका संदिग्ध
स्वामी प्रसाद मौर्य ने 23 जून को गाजीपुर में कहा कि राम मंदिर से करोड़ों रुपये लुटेरे लूट ले गए। चांदी-सोना भी उड़ा ले गए। लेकिन, भगवान राम उन लुटेरों को सजा नहीं दे पाए, तो आपका भला क्या करेंगे? जो अपने मंदिर की रक्षा नहीं कर सकता, वह आपकी क्या रक्षा करेगा? सवाल उठता है।
उन्होंने हनुमान को लेकर भी विवादित दिया। उन्होंने कहा कि हनुमानजी पृथ्वी पर पैदा हुए। भगवान राम भी अयोध्या में पैदा हुए। जमीन पर रहने वाले राजा का कोई सेवक है, तो वह भी जमीन पर ही रहेगा। पृथ्वी से 13 लाख गुना बड़ा सूर्य है। इस पृथ्वी पर पैदा होने वाला छोटा-सा बंदर सूर्य भगवान को निगल गया। यही अज्ञानता है। ALSO READ: हे राम! चढ़ावा चोरी के बाद अब 40% कमीशन के आरोप से गरमाई अयोध्या
क्या बोले महामंडलेश्वर विष्णु दास?
भगवान राम पर दिए इस बयान को लेकर बवाल मच गया। महामंडलेश्वर विष्णु दास ने स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काटकर लाने वाले को पांच लाख रुपये का इनाम देने का एलान किया। उन्होंने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य को संस्कृति और सनातन धर्म के विषय में कुछ भी ज्ञान नहीं है। स्वामी प्रसाद मौर्य सनातन धर्म के खिलाफ बोलते हैं।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम भक्तों का मंदिर है और स्वामी प्रसाद मौर्य राम के भक्त नहीं हैं। वे संस्कृति, सनातन और राम मंदिर के दुश्मन हैं। उनकी जीभ कट जाएगी तो वे राम मंदिर और सनातन धर्म के खिलाफ नहीं बोल सकेंगे। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी कांड, अब सर्विलांस स्टाफ रडार पर! RMO की भी खुलेगी कुंडली
क्या है राम मंदिर चढ़ावा विवाद?
अयोध्या में राम मंदिर में हुए कथित चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने जांच के बाद प्राथमिक रिपोर्ट सौंप दी है जिसमें कई गड़बड़ियों का जिक्र किया गया है। SIT ने चढ़ावा प्राप्त होने के जरिए का भी जिक्र किया है, जिसमें चढ़ावा हुंडी, ऑनलाइन के अलावा कैश काउंटर पर रसीद की बात कही गई है। SIT को राम मंदिर ट्रस्ट के बैंक खाते और पूछताछ से पता चला है कि औसतन हर महीने 25 लाख श्रद्धालु राम मंदिर दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन कुंभ के दौरान एक महीने में करीब एक करोड़ श्रद्धालु आए।
जांच में पता चला कि औसतन प्रति श्रद्धालु 15-18 रुपये चढ़ावा आता है लेकिन इस चढ़ावे में अनाज, तेल और घी के साथ सोने चांदी के आभूषण का चढ़ावा नहीं जोड़ा गया क्योंकि इनके दान का कोई ठोस सबूत और साक्ष्य नहीं मिला। रिपोर्ट में जिक्र है कि बैक स्टेटमेंट और श्रद्धालुओं के नंबर को देखकर चढ़ावे में बड़ा उतार चढ़ाव देखने को मिला।
edited by : Nrapendra Gupta
