सम्बंधित जानकारी
- सीएम डॉ. मोहन यादव ने बताईं एमपी की विशेषताएं, कहा- जो एक बार यहां आता है, यहीं का होकर रह जाता है
- मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में आएगा UCC विधेयक, 90% लोगों ने किया समर्थन
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन पर लगे आरोपों को भाजपा ने नकारा, पार्टी ने कहा- कांग्रेस के षड्यंत्र को माफ नहीं करेगी जनता
- अखिलेश यादव ने किया CM मोहन यादव का बचाव, कहा- भाजपा के निशाने पर तीन मुख्यमंत्री
- मध्यप्रदेश भाजपा की नई प्रदेश कार्यसमिति घोषित, 106 सदस्यों के नामों का एलान, 15 जुलाई को ओरछा में बैठक
जमीन के मामले पर बीजेपी का कांग्रेस पर काउंटर अटैक, खडगे परिवार पर लगाए जमीन घोटाला का आरोप
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पर जमीन खरीदी के कथित आरोपों के बीच भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और उनके परिवार पर जमीन आवंटन को लेकर गंभीर आरोप लगाए। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने दावा किया कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान खरगे परिवार से जुड़े सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट को नियमों के विपरीत जमीनें आवंटित की गईं और सार्वजनिक भूमि को निजी ट्रस्ट के नियंत्रण में पहुंचाया गया।
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह कथित भूमि लूट का पहला मामला नहीं है, बल्कि ऐसे कई मामलों की श्रृंखला है, जिन्हें भाजपा आने वाले दिनों में सामने रखेगी। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने नियमों को ताक पर रखकर बेंगलुरु में 5 एकड़ जमीन मल्लिकार्जुन खड़गे के प्राइवेट लिमिटेड सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट को आवंटित की है। प्रदीप भंडारी के अनुसार, इस जमीन की बाजार कीमत लगभग 100 करोड़ रुपए है। उन्होंने सवाल उठाया कि यह एक प्राइवेट लिमिटेड ट्रस्ट है और कर्नाटक सरकार ने दो प्रमुख नियमों का उल्लंघन करते हुए यह आवंटन किया है। भाजपा ने यह भी पूछा कि इस ट्रस्ट ने अब तक लोकहित में ऐसा क्या काम किया है जिसके लिए उसे इतनी महंगी जमीन दी गई?
इसके साथ ही खड़गे परिवार के इसी प्राइवेट लिमिटेड सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट को गुलबर्ग में 19 एकड़ जमीन पानी के रिसर्च के लिए दी गई है। भाजपा का दावा है कि मल्लिकार्जुन ख़डगे और उनके बेटे प्रियंक खडगे ने अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर इन जमीनों पर कब्जा जमाया है। प्रदीप भंडारी ने खड़गे पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जो स्वयं को दलितों का मसीहा बताते हैं, वे असल में अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं।
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि भूमि लूट का पहला मामला मैं आपके सामने सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट का रखना चाहता हूं। 2024 में कर्नाटक इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट बोर्ड ने इस ट्रस्ट को पांच एकड़ जमीन आवंटित की थी. उस समय कर्नाटक में कांग्रेस सरकार थी. मल्लिकार्जुन खरगे कांग्रेस अध्यक्ष थे और आज भी हैं, जबकि प्रियांक खरगे मंत्री थे।
भंडारी के अनुसार, इस जमीन का घोषित उद्देश्य एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर में रिसर्च एंड डेवलपमेंट था. उन्होंने आरोप लगाया कि बाजार में इस पांच एकड़ जमीन की कीमत करीब 100 करोड़ रुपये है, लेकिन जिस उद्देश्य से जमीन दी गई थी, उस दिशा में कोई गतिविधि नहीं हुई.
कांग्रेस का हमलावर बीजेपी- भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस पार्टी का दोहरा चरित्र एक बार फिर सामने आ गया है। एक तरफ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कर्नाटक में अपने मंत्री बेटे के साथ मिलकर जमीन घोटाला कर रहे हैं और दूसरी तरफ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भाजपा से सवाल पूछ रहे हैं।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर के इन्वेस्टमेंट को, उनके चचेरे भाइयों के रियल एस्टेट बिजनेस से कनेक्ट करके हल्ला करने की कोशिश की जा रही है। जो जमीन उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ने से पहले खरीद ली थी, कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद खरीदी है। जिस कंपनी को 2017 में छोड़ चुके हैं, आज भी उस कंपनी का डायरेक्टर बताया जा रहा है। एक व्यक्ति जो युवावस्था से जमीनों में इन्वेस्टमेंट कर रहा है, क्योंकि राजनीति के कारण बिजनेस नहीं कर सकता, उसके पुराने इन्वेस्टमेंट पर सवाल उठाए जा रहे हैं जबकि कांग्रेस की अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष खुलेआम जमीन घोटाला कर रहे हैं। सरकारी जमीन अपने प्राइवेट ट्रस्ट के नाम करवा रहे हैं। उनसे कोई सवाल नहीं कर रहा।
