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क्या सच में खतरा है? अमरनाथ यात्रा के इतिहास की सबसे बड़ी सुरक्षा
Amarnath Yatra 2026 Security: हालांकि अधिकारी इस पर खामोशी अख्तियार किए हुए हैं, पर मिलने वाली सूचनाएं कहती हैं कि आपरेशन सिंदूर से बौखलाया पाकिस्तान अपने प्रशिक्षित आतंकियों के जरिए इस बार अमरनाथ यात्रा में खलल डाल सकता है। यही कारण था कि पहली बार अमरनाथ यात्रा के इतिहास में सबसे बड़ी सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है।
यह सच है कि जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बल 2026 की अमरनाथ यात्रा की तैयारियों के बीच सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। एक अहम कदम के तौर पर, स्पेशल फ्रंटियर फोर्स (एसएफएफ) की खास विकास बटालियन को भी यात्रा मार्ग की सुरक्षा के लिए बनाए गए कई स्तरों वाले सुरक्षा घेरे में तैनात किया गया है। ALSO READ: अमरनाथ यात्रा को क्षति पहुंचाने की साजिश, सुरक्षाबलों ने किया आतंकी षड्यंत्र का भंडाफोड़, लापता 3 युवकों समेत 5 गिरफ्तार
सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हुई
अधिकारियों का दावा था कि इस तैनाती से सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हुई है क्योंकि एसएफएफ के जवानों को ऊंचे पहाड़ी इलाकों और रणनीतिक रूप से अहम जगहों पर तैनात किया गया है, जहां से अमरनाथ यात्रा के रास्तों पर नजर रखी जा सके। उनका काम पहाड़ी इलाकों और यात्रा मार्ग के आस-पास के घने जंगलों पर लगातार नजर रखना है, ताकि किसी भी संभावित खतरे का पता लगाकर उसे तीर्थयात्रियों के लिए खतरा बनने से पहले ही खत्म किया जा सके।
क्या है एसएफएफ?
जानकारी के लिए स्पेशल फ्रंटियर फोर्स भारत की सबसे गुप्त और युद्ध में माहिर यूनिट्स में से एक है। आम सैन्य टुकड़ियों के उलट एसएफएफ लोगों की नजरों से दूर रहकर काम करती है और गुप्त आपरेशन, रेकी (जासूसी/निगरानी) और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में युद्ध करने में माहिर है। दुनिया के सबसे मुश्किल हालात में काम करने के लिए ट्रेंड, इसके जवान अक्सर 17,000 फुट से ज्यादा ऊंचाई पर तैनात रहते हैं, जहां खराब मौसम और कम ऑक्सीजन जैसी बड़ी चुनौतियां होती हैं। ALSO READ: अमरनाथ यात्रियों के लिए खुशखबर, होटल और टैक्सी पर मिलेगी 50% छूट
हाई-लेवल सुरक्षा समीक्षा बैठक
इस बीच, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने शनिवार को श्रीनगर में सालाना अमरनाथ यात्रा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए एक हाई-लेवल सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। अधिकारियों ने बताया कि बैठक में यात्रा के इंतजामों के अलावा जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा की व्यापक स्थिति पर भी चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, श्रीनगर में पुलिस मुख्यालय में हुई इस बैठक में जम्मू-कश्मीर प्रशासन, पुलिस, सेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में ऐसे सुरक्षा प्रबंधों पर जोर दिया गया जिसमें प्लास्टिक बमों और ड्रोन हमलों से निपटने की रणनीति पर भी चर्चा की गई है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala
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