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उजाले की परछाई : दो गांधी आमने-सामने

शुक्रवार,अक्टूबर 2, 2020
उजाले की परछाई
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ओशो रजनीश ने अपने एक प्रवचन में कहा था कि यदि मैं आपको समझ में नहीं आता हूं तो मेरी आलोचना जरूर करना, क्योंकि उपेक्षा से मुझे डर लगता है। समर्थन भले ही कम हो, लेकिन आलोचक होना चाहिए।...उपरोक्त बातें लिखने का आशय यह कि ओशो रजनीश महात्मा गांधी के सबसे ...
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गांधीजी को यदि गोली नहीं मारी जाती तो अनुमानित रूप से कम से कम 5 से 10 साल के बीच तक अवश्‍य जीवित रहते अर्थात उनकी उम्र 85 से 90 वर्ष के बीच होती, परंतु ओशो रजनीश ने अपने किसी प्रवचन में कहा था कि महात्मा गांधी 110 वर्ष तक जीना चाहते थे। अब बात करते ...
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2 अक्टूबर को भारत में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्मदिवस 'गांधी जयंती' के रूप में मनाया जाता है। चूंकि महात्मा गांधी जी द्वारा अहिंसा आंदोलन आंदोलन चलाया गया था,
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अपने अंदर की स्वच्छता पहली चीज है जिसे पढ़ाया जाना चाहिए। बाकी बातें इसके बाद होनी चाहिए।
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तुम, सिर्फ एक दिन जीने के लिए क्यों जिए बापू और/ क्यों शहीद हुए? तुम्हारे ही देश में-जहां देखा था
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महात्मा गांधीजी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। उनका जन्म 2 अक्टूबर को पोरबंदर में हुआ था। महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन, मार्टिन लूथर किंग जूनियर और साउथ अफ्रीका के नेल्सन मंडेला महात्मा गांधी को पसंद करते थे।
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गांधी को लेकर सवाल यह है कि गांधी किस हद तक ऐसे संतत्व से एक विनम्र और चेतनाशील फकीर के रूप में संचालित थे, जो बिना संत हुए भी चटाई पर बैठकर प्रार्थना गाते-गाते दुनिया के सबसे बड़े
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सुभाष चंद्र बोस और भगत सिंह एक ही विचारधारा के थे, जबकि गांधी और नेहरू उनसे थोड़ा अलग मत रखते थे। महात्मा गांधी तो हिंसा के सख्त खिलाफ थे। लेकिन इसके बावजूद अगर नेहरू और गांधी चाहते तो भगत सिंह राजगुरू और सुखदेव को फांसी से बचा लेते।
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2 अक्टूबर, 1869 को पोरबंदर गुजरात में जन्‍में महात्‍मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। उन्‍हें भारत का राष्ट्रपिता भी कहा जाता है।
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महात्मा गांधी के 10 अनमोल वचन

गुरुवार,अक्टूबर 1, 2020
महात्मा गांधी एक नेता ही नहीं, बल्कि युगपुरुष थे। वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक हैं। जिन्होंने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए देश आजादी दिलाई। यहां पाठकों के लिए प्रस्तुत हैं महात्मा गांधी के 10 खास अनमोल वचन-
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खैर बापू तुझे पता है कितने नामी हीरो-हीरोइन सुट्टा के चक्कर में घनचक्कर बने हुए हैं। सीबीआई, एनसीबी, पुलिस और न जाने कितनी एजेंसियां हर रोज नया खुलासा कर रही हैं। बस बापू इतना जान लें कि एक पूरी प्याज है और उसकी परत उतारते रहो। उसी माफिक धड़ाधड़ ...
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गांधीजी के शब्दों में- लाखों-करोड़ों गूंगों के हृदयों में जो ईश्वर विराजमान है, मैं उसके सिवा अन्य किसी ईश्वर को नहीं मानता। वे उसकी सत्ता को नहीं जानते, मैं जानता हूं।
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हिन्दी निबंध : महात्मा गांधी

गुरुवार,अक्टूबर 1, 2020
महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर नामक स्थान पर हुआ था। इनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। इनके पिता का नाम करमचंद गांधी था।
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दिल्ली में 20 जनवरी 1948 को प्रार्थना सभा में बापू के भाषण के दौरान उनकी हत्या के प्रयास किए गए और इस दौरान विस्फोट भी किया गया। हमलावरों की मूल योजना भीड़ में हथगोला फेंकने की भी थी।
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संत का अंत नहीं होता बल्कि संत देहमुक्त होकर अनंत हो जाता है। आज आदमी, आदमी के बीच नफरत, जाति-जाति के बीच दुश्मनी और घृणा तथा मुल्क-मुल्क के बीच आतंक, तनाव और एक-दूसरे को मिटा देने की कट्टरता व्याप्त है। आखिर इतने सारे धर्म, मजहब पालने वाले दुनिया ...
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महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर नामक स्थान पर हुआ था। इनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। महात्मा गांधी जब 30 जनवरी 1948 की शाम को 5 बजकर 17 मिनट पर दिल्ली स्थित बिड़ला भवन में संध्याकालीन प्रार्थना के लिए जा रहे थे तभी ...
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1948 में जब नाथूराम गोडसे द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या की गई, उन लम्हों की एकमात्र गूंज इतिहास में आज भी सुनाई देती है, जो कहती है... हे राम।
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मुझे जो कहना था, वह मैं आप लोगों से कल ही कह चुका हूँ। आज मैं अपनी बात केवल वहीं तक सीमित रखूंगा, कि मेरे और अन्‍य साथियों के गिरफ्तार होने के बाद आप लोगों को क्‍या करना होगा।
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महात्मा गांधी को प्रिय 'वैष्णव जन तो तेने कहिए' यह भजन 15वीं शताब्दी के गुजरात के संत कवि नरसी मेहता द्वारा रचित एक अत्यंत लोकप्रिय भजन है।
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