Weather updates : MP में बारिश से त्राहिमाम्, 38 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, नदी-नाले उफान पर

Last Updated: बुधवार, 11 सितम्बर 2019 (14:04 IST)
में बीते कई दिनों से अलग-अलग हिस्सों में का क्रम बना हुआ है। आसमान पर बादलों के छाने के साथ कहीं बौछारें पड़ीं तो कहीं हो रही है, जिससे प्रदेश के कई नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। लगता है बारिश से बेहाल प्रदेश में आफत अभी थमती नहीं दिख रही है। विभाग ने मंगलवार शाम को एक बार फिर प्रदेश के 38 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
खबरों के मुताबिक, मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश के 38 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें से 18 जिलों में रेड अलर्ट है तो वहीं 20 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। भारी बारिश से प्रदेश की राजधानी भोपाल भी बेहाल है। बीते एक हफ्ते से लगातार हो रही बारिश के बाद भोपाल के सबसे बड़े कोलार डैम के सभी 8 गेट खोल दिए गए हैं।
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3 साल में पहली बार कोलार डैम के गेट खोले गए हैं। मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे कोलार डैम में पानी फुल टैंक लेवल 462.20 मीटर तक पहुंच गया। लगातार हो रही बारिश के बाद होशंगाबाद में नर्मदा नदी खतरे के निशान को पार कर गई है। मौसम विभाग के भोपाल केंद्र ने अगले 2 दिन बारिश से कोई राहत नहीं मिलने का अनुमान लगाया है।

मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के इंदौर, धार, खंडवा, खरगोन, अलीराजपुर, झाबुआ, बड़वानी, बुरहानपुर, उज्जैन, रतलाम, शाजापुर, आगर, देवास, नीमच, मंदसौर, होशंगाबाद, बेतुल और हरदा जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं प्रदेश की राजधानी भोपाल, छिंदवाड़ा, जबलपुर, मंडला, कटनी, बालाघाट के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
इसके अलावा नरसिंहपुर, सिवनी, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, अनूपपुर, डिंडोरी, उमरिया, शहडोल, गुना, अशोकनगर, रीवा और सागर जिले में भी ऑरेंज अलर्ट जारी है। मौसम विभाग का कहना है कि सेंट्रल मध्‍यप्रदेश के ऊपर मानसूनी हवाओं की वजह से कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसकी वजह से राज्य में 15 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहेगा।

राज्य के करीब आधे हिस्से को पिछले 4 दिन से भारी बारिश से कोई राहत नहीं मिली है। इसके चलते नदी-नाले सड़कों पर आकर बह रहे हैं और विभिन्न स्थानों का एक-दूसरे से सड़क संपर्क टूटा हुआ है। अशोकनगर जिले में बेतवा नदी का उफान जारी रहने से नदी पर बने 2 पुल डूबे हुए हैं, जिसके कारण जिले का बीना और ललितपुर से सड़क संपर्क टूट गया है।

बारिश से सीहोर, विदिशा, बड़वानी, हरदा और रायसेन जिले सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं। सीहोर में जिला मुख्यालय पर भी निचली बस्तियों में पानी भर गया है। वहीं विदिशा में भी 900 से ज्यादा लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। लगभग सभी बड़े बांध एवं जलाशयों के गेट खोले जाने से नर्मदा, चंबल, बेतवा, पार्वती एवं कालीसिंध नदियों में उफान आने, जल स्तर बढ़ने से नदियों के आसपास बसे लोग प्रभावित हुए हैं।

 

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