भोपाल में करणी सेना का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी, भेल इलाके में सड़क पर बैठ कार्यकर्ता, सरकार से नहीं बनी बात
भोपाल। राजधानी भोपाल में करणी सेना का प्रदर्शन आज तीसरे दिन भी जारी है। रविवार का जंबूरी मैदान पर अपना शक्ति प्रदर्शन करने वाली कऱणी सेना अब सड़क पर देकर धरना दे रही है। राजधानी के भेल इलाके में अवधपुरी जाने वाली सड़क पर कऱणी सेना परिवार के मुखिया जीवन सिंह शेरपुर की अगवाई में करणी सेना के सैकड़ों कार्यकर्ता धरने पर बैठे है। वेबदुनिया से बातचीत में करणी सेना परिवार के मुखिया जीवन सिंह शेरपुर ने साफ कहा कि वह अपना आंदोलन तब तक नहीं खत्म करेंगे जब सरकार उनकी मांगों को लेकर लिखित आश्वासन नहीं देगी।
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पुलिस ने इलाके को घेरा-राजधानी के व्यस्त अवधपुरी इलाके में कऱणी सेना के सड़क पर धरना देने से पूरा इलाके को पुलिस ने घेर लिया है। सड़क के दौरान पुलिस ने बैरिकैंडिग कर आना जाने के रास्ते को सील कर दिया है। सोमवार को जब करणी सेना के प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर जंबरी मैदान ने एमपी नगर जाने की ओर बढ़े तो पुलिस ने भेल के गांधी नगर चौराहे पर उनको रोक लिया। इसके बाद जीवन सिंह शेरपुर के नेतृत्व में करणी सेना के सैकड़ों कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए है।
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पुलिस ने इलाके को घेरा-राजधानी के व्यस्त अवधपुरी इलाके में कऱणी सेना के सड़क पर धरना देने से पूरा इलाके को पुलिस ने घेर लिया है। सड़क के दौरान पुलिस ने बैरिकैंडिग कर आना जाने के रास्ते को सील कर दिया है। सोमवार को जब करणी सेना के प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर जंबरी मैदान ने एमपी नगर जाने की ओर बढ़े तो पुलिस ने भेल के गांधी नगर चौराहे पर उनको रोक लिया। इसके बाद जीवन सिंह शेरपुर के नेतृत्व में करणी सेना के सैकड़ों कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए है।
सरकार से बातचीत में नहीं बनी सहमति- करणी सेना और सरकार की बातचीत में कई दौरों के बातचीत के बाद भी सहमति नहीं बन पाई है। कऱणी सेना अपनी 21 सूत्रीय मांगों पर सरकार से लिखित सहमति चाहते है। वेबदुनिया से बातचीत में जीवन सिंह शेरपुर कहते हैं कि वह बिना लिखित आश्वासन के अपना धरना प्रदर्शन नहीं खत्म करेंगे।
करणी सेना की क्या है प्रमुख मांग?- वेबदुनिया से बातचीत में करणी सेना प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर कहते हैं कि अपनी 21 सूत्रीय मांगों को लेकर अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे है जिसमें सबसे प्रमुख मांग एंट्रोसिटी एक्ट में परिवर्तन की मांग है। वह कहते हैं कि एट्रोसिटी एक्ट में बिना जांच की गिरफ्तारी और जेल भेजने का जो प्रवाधान है उसका दुरुपयोग किया जा रहा है। अगर एट्रोसिटी एक्ट में किसी के खिलाफ FIR होती है तो पहले जांच और अगर व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो तभी गिरफ्तारी की जाए। वेबदुनिया से बातचीत में जीवन सिंह शेरपुर कहते हैं कि सरकार ने अपने फायदे के लिए एट्रोसिटी एक्ट का उपयोग जातीय संघर्ष को बढ़ावा देने के लिए किया है।
इसके अलावा दूसरी प्रमुख मांग आर्थिक आधार पर सहीं तरीके से आरक्षण देने की है। वह कहते हैं कि समजा के सभी गरीबों को आरक्षण आर्थिक आधार पर दिया जाए। आज आरक्षण की व्यवस्था का खामियाजा क्षत्रिय समाज भुगत रहा है। वह कहते हैं कि गरीब में जाति नहीं हो और सभी गरीबों को आरक्षण मिले।
करणी सेना की अन्य प्रमुख मांग-
एससी एसटी एक्ट की तर्ज पर सामान्य पिछड़ा एक्ट बने तो सामान्य पिछड़ा वर्ग को भी कानूनी सहायता दे।
ईडब्ल्यूएस आरक्षण में भूमि और मकान की बाध्यता खत्म कर 800000 क वार्षिक आय कोई आधार मानकर
आरक्षण का लाभ दिया जाए सभी भर्तियों में ईडब्ल्यूएस के छात्रों को उम्र सीमा में छूट दी जाए।
हर साल नियमित भर्ती की जाए भर्ती कानून बनाया जाए व्यापम के 100000 पदों में भर्ती की जाए भर्ती नहीं होने पर
बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाए।
किसानों के हित में स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों को लागू किया जाए।
खाद्यान्न को जीएसटी से मुक्त किया जाए बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाई जाए।
क्षत्रिय महापुरुष के इतिहास में छेड़छाड़ को तुरंत रोका जाए इतिहास के संरक्षण की समिति बने।
पद्मावत फिल्म के विरोध और किसान आंदोलन में दर्ज किए गए प्रकरण वापस किए जाएं।
गौ माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिया जाए गोमूत्र और गोबर को सरकारी स्तर पर खरीदने की व्यवस्था करें।
मध्य प्रदेश की भर्तियों में यहां के युवाओं को प्राथमिकता दी जाए।
सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली को सुधारा जाए प्राइवेट स्कूलों में मिशनरी स्कूल की तानाशाही समाप्त कर पीस नियंत्रण के लिए कमेटी बनाई जाए।
करणी सेना की अन्य प्रमुख मांग-
एससी एसटी एक्ट की तर्ज पर सामान्य पिछड़ा एक्ट बने तो सामान्य पिछड़ा वर्ग को भी कानूनी सहायता दे।
ईडब्ल्यूएस आरक्षण में भूमि और मकान की बाध्यता खत्म कर 800000 क वार्षिक आय कोई आधार मानकर
आरक्षण का लाभ दिया जाए सभी भर्तियों में ईडब्ल्यूएस के छात्रों को उम्र सीमा में छूट दी जाए।
हर साल नियमित भर्ती की जाए भर्ती कानून बनाया जाए व्यापम के 100000 पदों में भर्ती की जाए भर्ती नहीं होने पर
बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाए।
किसानों के हित में स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों को लागू किया जाए।
खाद्यान्न को जीएसटी से मुक्त किया जाए बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाई जाए।
क्षत्रिय महापुरुष के इतिहास में छेड़छाड़ को तुरंत रोका जाए इतिहास के संरक्षण की समिति बने।
पद्मावत फिल्म के विरोध और किसान आंदोलन में दर्ज किए गए प्रकरण वापस किए जाएं।
गौ माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिया जाए गोमूत्र और गोबर को सरकारी स्तर पर खरीदने की व्यवस्था करें।
मध्य प्रदेश की भर्तियों में यहां के युवाओं को प्राथमिकता दी जाए।
सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली को सुधारा जाए प्राइवेट स्कूलों में मिशनरी स्कूल की तानाशाही समाप्त कर पीस नियंत्रण के लिए कमेटी बनाई जाए।

