हनी ट्रैप मामला : कारोबारी के ठिकानों पर छापे, 4 प्राथमिकी दर्ज, 1 गिरफ्तार

भाषा| Last Updated: रविवार, 1 दिसंबर 2019 (21:53 IST)
इंदौर। मध्यप्रदेश के कुख्यात गिरोह के जाल में फंसे कुछ प्रभावशाली लोगों से कथित रूप से जुड़े ऑडियो-वीडियो पर आधारित खबरों को लेकर मचे हड़कंप के बाद यहां एक कारोबारी के और उसके अन्य ठिकानों पर पुलिस और प्रशासन ने शनिवार देर रात छापे मारे।
इसके साथ ही, महिलाओं की मानव तस्करी और अश्लील सामग्री के आपत्तिजनक प्रकाशन-प्रसारण समेत अलग-अलग आरोपों में 4 प्राथमिकी दर्ज कर कारोबारी के बेटे को गिरफ्तार किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रुचिवर्धन मिश्र ने रविवार देर शाम संवाददाता सम्मेलन में बताया कि इन मामलों के आरोपियों में स्थानीय कारोबारी जीतेन्द्र सोनी, उनके बेटे अमित सोनी और उनसे जुड़े अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। मामलों की जांच के संबंध में सोनी के घर, होटल, रेस्तरां, नाइट क्लब और शराब बार पर छापे मारे गये।

सोनी, एक सांध्य दैनिक के मालिक और प्रधान संपादक भी हैं। पुलिस ने इस मीडिया संस्थान के परिसर की भी जांच की। एसएसपी ने बताया कि सोनी की तलाश जारी है, जबकि उनके बेटे अमित को गिरफ्तार कर लिया गया है।
गौरतलब है कि सोनी का सांध्य दैनिक हनी ट्रैप मामले में फंसे राजनेताओं और नौकरशाही से जुड़े रसूखदार लोगों से कथित रूप से संबंधित ऑडियो-वीडियो पर आधारित खबरें पिछले कई दिनों से प्रकाशित और प्रसारित कर रहा था।

इस बीच, इंदौर प्रेस क्लब और प्रदेश के अन्य पत्रकार संगठनों ने सोनी के मीडिया संस्थान और उनके कारोबारी ठिकानों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को डराने का सरकारी प्रयास करार देते हुए इसकी तीखी निंदा की है। सोशल मीडिया पर भी पत्रकार इस कार्रवाई को लेकर विरोध जता रहे हैं।
एसएसपी ने बताया कि सोनी के कार्यालय से कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किये गये हैं। इस कार्यालय में तीन संदिग्ध तिजोरियों को सील कर दिया है। उन्होंने इन खबरों को खारिज किया कि सोनी के सांध्य दैनिक की प्रिंटिंग प्रेस को सील किया गया है।

एसएसपी ने बताया कि हनी ट्रैप मामले के शिकायतकर्ता और इंदौर नगर निगम के निलंबित अधीक्षण इंजीनियर हरभजन सिंह ने सांध्य दैनिक में छपी खबर को लेकर आईटी एक्ट के संबद्ध प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है।
उन्होंने कहा कि सिंह का आरोप है कि सांध्य दैनिक के मालिक ने उनकी निजता का हनन करते हुए उनके खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री प्रकाशित की और इसके ऑडियो-विजुअल अंशों को अलग-अलग माध्यमों पर प्रसारित भी किया।

मिश्र ने बताया कि गीता भवन चौराहे पर सोनी परिवार द्वारा चलाये जा रहे एक नाइट क्लब से 67 युवतियों और महिलाओं को 'बचाया गया' है। इनके साथ सात बच्चे भी थे। इनमें पश्चिम बंगाल और असम की महिलाएं शामिल हैं, जिन्हें कथित तौर पर 'दयनीय स्थिति' में रखकर उनसे डांस बार में काम लिया जा रहा था।
उन्होंने बताया कि नाइट क्लब से जुड़े मामले में भारतीय दंड विधान की धारा 370 (मानव तस्करी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस क्लब से 'बचाई गई' महिलाओं को एक आश्रय स्थल में रखा गया है।

मिश्र ने बताया कि सोनी के एक शराब बार के कर्मचारियों के बारे में क्षेत्रीय पुलिस थाने में विधिवत सूचना नहीं दिए जाने पर भारतीय दंड विधान की धारा 188 (किसी सरकारी अधिकारी के आदेश की अवज्ञा) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एसएसपी ने यह भी बताया कि सोनी के घर पर मारे गए छापे में 36 जिंदा कारतूस और 6 चले कारतूस बरामद होने के बाद आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।




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