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लोकतंत्र को खतरे में डाल रहे नेता प्रतिपक्ष, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले- इस्तीफा दें राहुल गांधी

Chief Minister Mohan Yadav targeted Rahul Gandhi over Election Commission
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने मीडिया को किया संबोधित
- कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जमकर साधा निशाना
- देश की जनता को भ्रम में डाल रहे नेता प्रतिपक्ष
- अक्षम्य है राहुल की गलत बयानबाजी, पार्टी के साथ देश से मांगें माफी
Chief Minister Dr. Mohan Yadav : भारतीय जनता पार्टी और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संसद में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के नेता राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ने राहुल पर जमकर निशाना साधा। भाजपा और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चुनाव आयोग पर अंगुली उठाने और शंका पैदा करने के लिए राहुल गांधी से इस्तीफे की भी मांग की है। दोनों का कहना है कि राहुल गांधी देश में भ्रम की स्थिति उत्पन्न कर रहे हैं और लोकतंत्र को खतरे में डाल रहे हैं। जबकि, नेता प्रतिपक्ष होने के नाते लोकतंत्र को बचाना उनकी भी जिम्मेदारी है।
 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 27 सितंबर को भाजपा कार्यालय में मीडिया से कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस के बयान “नाच न जाने आंगन टेढ़ा” कहावत को चरितार्थ करते हैं। भारत की राजनीति में पिछली 5 पीढ़ी से प्रभाव रखने वाले राहुल गांधी और उनके परिवार के संस्कार में संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े करना, किसी को भी गालियां देना, किसी का भी मजाक बनाना शामिल हैं।
इलाहबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश पर आपातकाल थोपा था, ये इस बात का प्रमाण है कि वे कोर्ट को नहीं मानते। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राहुल गांधी ने बोफोर्स घोटाले पर कोर्ट के निर्णय, बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक समेत सेना के शौर्य पर सवाल खड़े करने के साथ ही अब निर्वाचन आयोग के तीनों आयुक्तों की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। राहुल ने जनता में भ्रम पैदा किया। इस संबंध में राहुल गांधी के पास कोई सुबूत नहीं है।
 

आत्मचिंतन करे कांग्रेस

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इलेक्शन कमीशन, सुप्रीम कोर्ट और पार्लियामेंट में जनप्रतिनिधि के आचरण और व्यवहार को मर्यादा में रहना चाहिए। पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों के उदाहरण से हम सीख ले सकते हैं, कि उनके अमर्यादित बयानों से लोकतंत्र पर सवाल खड़े होते हैं। राहुल गांधी को अपने लापरवाहीपूर्ण बयानों से देश की जनता से माफी मांगना चाहिए। उनके ये बयान अक्षम्य हैं। केरल में कांग्रेस को सत्ता मिली, हिमाचल में सत्ता मिली तो एसआईआर सही है।

वहीं जहां भाजपा की सरकार बनी और कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा वहां वे एसआईआर और निर्वाचन आयोग पर सवाल खड़े कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रायबरेली में अखिलेश जा रहे हैं, तो राहुल सैफई में जाने की बात कर रहे हैं। राहुल सहयोगी दलों का गला दबाकर उन्हें समाप्त करने का काम कर रहे हैं। बिहार, पश्चिम बंगाल, यूपी समेत वे कई राज्यों में सत्ता से बाहर है, इस पर उन्हें आत्मचिंतन करना चाहिए।

अक्षम्य है कांग्रेस का अपराध

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ममता बनर्जी का वो राज हम नहीं भूल सकते हैं, जब चुनाव कराने में कठिनाई आई थी। सुप्रीम कोर्ट के देर रात अधिकारियों को संरक्षण देने का निर्णय लिया था। राहुल गांधी ने चौकीदार चोर है, के विषय पर माफी मांगी थी। वे पहले कुछ भी बोलते हैं फिर माफी मांगते हैं। उन्हें नेता प्रतिपक्ष पद से स्तीफा देना चाहिए। कांग्रेस के लोग भी पहले अपने नेता को बदलें, फिर अपनी नीति पर काम करें।

उन्होंने कहा कि जनसंघ के जमाने से लेकर भाजपा तक हमने सड़क पर संघर्ष किया है, हमने झूठ और भ्रम नहीं फैलाया है। कांग्रेस लंबे समय से सत्ता से बाहर है, इसलिए उसके नेता बौखला रहे हैं। एसआईआर पर कांग्रेस का झूठ एक बार फिर बेनकाब हुआ है। उनका ये अपराध अक्षम्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि  पात्र नागरिकों को मताधिकार देने के निर्वाचन आयोग के निर्णय के हम साथ हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तक ईवीएम की तारीफ करते हैं, लेकिन कांग्रेस सवाल खड़े कर रही है। इसलिए राहुल गांधी को कोई गंभीरता से नहीं लेता।

राहुल गांधी समेत पूरी कांग्रेस को अपने झूठे कृत्यों के लिए माफी मांगना चाहिए। चुनाव के दौरान जनता फैसला करती है, इसमें चुनाव आयोग केवल माध्यम होता है। बेहतर रहे कि जनता के निर्णय को सहर्ष स्वीकार कर आगामी चुनाव की तैयारी में लगा जाए, लेकिन कांग्रेस एसआईआर और निर्वाचन आयोग पर सवाल खड़े करती है। लोकतंत्र के महत्वपूर्ण स्तंभ को तोड़कर कांग्रेस आखिर क्या करना चाहती है? 

उज्जैन का विकास सर्वोपरि

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि  उज्जैन में महाकाल लोक के निर्माण के बाद धार्मिक पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मध्यप्रदेश सरकार के अनुसार प्रदेश में 2023 में 11 करोड़ से अधिक पर्यटकों का फुटफॉल दर्ज किया गया था और उज्जैन प्रदेश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में शामिल है। सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शहर के लोग स्वयं आगे आकर विकास कार्यों में सहयोग कर रहे हैं। कई लोग अपने मकान और दुकानों को स्वेच्छा से पीछे करने तथा आवश्यक स्थान उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन से संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरे लिए यह केवल भवन या जमीन का विषय नहीं है। यह उज्जैन के विकास, श्रद्धालुओं की सुविधा और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर शहर बनाने की भावना है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में मैं प्रदेश की जनता के सामने यह विषय लेकर जाऊंगा कि उज्जैन के विकास में जनभागीदारी का यह उदाहरण पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायी है। आज हम एक ऐसे दौर में हैं, जहां विरासत से विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में काम हो रहा है। उज्जैन इसका एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन रहा है। उन्होंने कहा कि महाकाल की नगरी में विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ना हम सभी का संकल्प होना चाहिए।
 

राहुल गांधी के सभी आरोप गलत

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि एसआईआर को लेकर कांग्रेस चुनाव आयोग पर आरोप लगा रही है। वह जनता में भ्रम पैदा कर रही है। 26 सितम्बर को तीनों चुनाव आयुक्तों ने एसआईआर के निर्णय को सही बताया है। इसके बावजूद कांग्रेस सामान्य प्रक्रिया को राजनीति में भुनाने का काम कर रही है, ताकि लोगों का ध्यान भटके और संवैधानिक संस्था को लेकर आशंका पैदा हो।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के आरोप तभी गलत हो गए जब चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि विचार विमर्श एक सामान्य प्रक्रिया होती है, इसमें राजनीति गलत है। फॉर्म-6 को लेकर चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि इसमें कोई मनमाना या अवैध बदलाव नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इसको लेकर निर्णय दिया है। चुनाव आयोग को एसआईआर का पूर्ण अधिकार है। 
 

अपना नेतृत्व बदले कांग्रेस

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि राहुल गांधी की अराजक राजनीति करने, संवैधानिक संस्थाओं को टार्गेट करने और अपमानित करने की आदत है। उन्होंने 2019 में न्यायपालिका, 2016 से 2024 में सेना और सर्जिकल स्ट्राइक तथा 2024 में ईवीएम पर भी सवाल खड़े किए। विदेशों में जाकर भारत को बदनाम करना उनकी आदत है। विभिन्न राज्यों में कांग्रेस की हार का कारण असल में राहुल गांधी और उनके नेता हैं।

राहुल गांधी और कांग्रेस के पास कोई ठोस दस्तावेज नहीं है, वे किस आधार पर ईवीएम, सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आय़ोग पर सवाल खड़े करती है। क्या उनका सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं है? मैं राहुल गांधी और कांग्रेस के इन बयानों की निंदा करता हूं। कांग्रेस से कहूंगा कि अपने विफल नेतृत्व को बदलने पर चिंता करे।
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