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Last Updated : रविवार, 18 जनवरी 2026 (10:25 IST)

भोपाल गैस त्रासदी के आरोपी एंडरसन को भगाकर कांग्रेस ने लोगों को मरने के लिए छोड़ा: CM डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री जिन्होंने कार्बाइड परिसर में जाकर बिना मास्क के किया मुआयना

Chief Minister Dr. Mohan Yadav visited the Union Carbide Complex in Bhopal
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को भोपाल में यूनियन कर्बाइड परिसर का  मुआयना किया। मुख्यमंत्री ने कहा कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि भोपाल गैस त्रासदी के मुख्य आरोपी वॉरेन एंडरसन को भगाकर कांग्रेस ने लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 और 3 दिसम्बर 1984 की दरमियानी रात भोपाल में मिथाइल आइसोसायनाइड (एमआईसी) गैस के रिसाव की एक भीषण घटना हुई। घटना में कईयों ने अपने परिजन खोए। करीब 40 साल तक रासायनिक कचरा यहां पड़ा रहा। सरकार ने उच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में बिना किसी पर्यावरण नुकसान और मानव हानि के यहां पड़े रासायनिक कचरे का सफलतापूर्वक निष्पादन करवाया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अब हम समाज के सभी वर्गों एवं प्रभावित पक्षों को विश्वास में लेकर और माननीय उच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में अब स्वच्छ हो चुके इस परिसर में 'भोपाल गैस त्रासदी में दिवंगत व्यक्तियों की स्मृति में एक स्मारक' बनाने की ओर आगे बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सभी गैस पीड़ितों के साथ हर कदम पर साथ खड़ी है। प्रभावितों के कल्याण के लिए हम कोई कमी नहीं रखेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड फैक्ट्री परिसर में पड़े रासायनिक कचरे का माननीय उच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में समुचित निष्पादन किया जा चुका है। अब हम भोपाल मेट्रोपोलिटन एरिया के निर्माण के साथ-साथ इस परिसर के समुचित विकास के लिए सभी जरूरी प्रबंध कर रहे हैं।  उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश राज्य के इतिहास में मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने शनिवार को इस फैक्ट्री परिसर की ज़मीन पर उतरकर बिना किसी सेफ्टी मास्क के फैक्ट्री के कोर एरिया का बारीकी से मुआयना किया।
 
मुआयने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड कारखाने से जहरीली गैस का रिसाव विपक्षी दल के शासनकाल में घटी मध्यप्रदेश की ही नहीं, देश की सबसे भीषण गैस त्रासदी थी। वर्ष 1984 में 2 और 3 दिसंबर की रात इस फैक्ट्री से गैस के दुष्प्रभाव के कारण भोपाल ने मौत का जो मंज़र देखा, वह हमारी स्मृतियों से कभी हटेगा नहीं। गैस त्रासदी के बाद तत्कालीन सरकार ने इस क्षेत्र को लावारिस छोड़कर बड़ी लापरवाही की। उन्होंने फैक्ट्री में फैले जहरीले कचरे को हटाने के लिए कोई निर्णय नहीं लिया और इस डरावनी त्रासदी के बाद फैक्ट्री को सबके लिए बंद कर दिया। तत्कालीन सरकार के जिम्मेदारों ने फैक्ट्री के मालिक वॉरेन एंडरसन को यहां से भगाने में मदद की। इसके लिए वर्तमान नेता प्रतिपक्ष को देश से माफी मांगनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र में यूपीए सरकार रहते हुए भी इस गैस प्रभावित क्षेत्र के विकास के लिए कुछ नहीं किया गया। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अब हमारी सरकार ने कोर्ट के सभी निर्देशों पर अमल करते हुए पिछले साल यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे का निष्पादन कराया। यह दुनिया के लिए एक संदेश भी है कि किस प्रकार आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों से जहरीले कचरे को बिना पर्यावरण/मानव हानि के खत्म किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने राजधानी के माथे से इस कलंक का शमन करने का कार्य किया है। इसके लिए गैस राहत विभाग सहित सभी संबंधित प्रभावित पक्ष भी बधाई के पात्र हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि शहरी विकास और सुशासन की व्यवस्थाएं स्थापित करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार, केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। अब हमारी सरकार कोर्ट के मार्गदर्शन में फैक्ट्री के स्थान पर मेमोरियल बनाने सहित अन्य विकास कार्यों के लिए सुझावों पर अमल करेगी। इसमें सभी पक्षों से चर्चा कर विश्वास में लिया जाएगा। राज्य सरकार इस क्षेत्र के नव निर्माण के लिए कार्य करेगी। प्रदेश में विकास कार्यों को गति प्रदान करते हुए राज्य सरकार ने भोपाल और इंदौर को मेट्रोपोलिटन सिटी बनाने का निर्णय लिया है। भोपाल सहित 6 जिले इस मेट्रोपोलिटन एरिया के दायरे में आएंगे। ऐसे में भोपाल शहर के विकास के लिए सभी बाधाओं को हरसंभव प्रयासों से दूर किया जा रहा है। जनता का उत्साह बढ़ाने के लिए हमारी सरकार विकास के कारवां को निरंतर गति दे रही है।

जब मुख्यमंत्री ने महिला के अनुरोध पर अपना काफिला रूकवाया-यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड फैक्ट्री परिसर का सघन मुआयना करने के बाद यहां से लौटते वक्त मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आरिफ नगर में पूजा कर रही एक महिला के अनुरोध पर अपना काफिला रूकवाया। महिला ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि भगवान भोलेनाथ को दो अगरबत्ती लगा दीजिए। महिला ने अगरबत्ती जलाकर मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री ने मूर्ति पर महिला के आग्रह पर अगरबत्ती लगाकर भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने यहां क्षेत्रीय महिलाओं से आत्मीय संवाद करते हुए पूछा सब ठीक है, लाडली बहना के पैसे मिल रहे हैं ? इस पर लाडली बहनों ने कहा कि हाँ, उन्हें हर महीने 1500 रुपए मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्कूल जा रहे बच्चों से पूछा किस क्लास में पढ़ते हो, बच्चों से सलीके से जवाब दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने किसी का मोबाइल लेकर सभी स्कूली बच्चों के साथ खुद सेल्फी लेकर उन सबको खुश कर दिया। यहीं पर एक महिला श्रीमती मंजु बाई ने बताया कि उसके पति बीमार हैं। कुछ आर्थिक मदद कर दीजिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमती मंजु को दिलासा दी और एक अन्य महिला श्रीमती प्रभा बाई कुशवाहा सहित दोनों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 50-50 हज़ार रुपए मौके पर ही मंजूर कर दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगर निगम कमिश्नर भोपाल श्रीमती जैन को इन दोनों महिलाओं के बैंक खाता नंबर नोट कर जल्द से जल्द बीमारी सहायता राशि इन्हें पहुंचाने के निर्देश दिए। नगर निगम कमिश्नर ने बताया कि तात्कालिक रूप से दोनों महिलाओं को 10-10 हजार रूपए शनिवार को ही दे दिए जाएंगे। शेष राशि भी जल्द ही उनके बैंक खातों में पहुंचा दी जाएगी।