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  4. CM Dr. Mohan Yadav met the PM and invited him for the groundbreaking ceremony of the Gadarwara Super Thermal Power Project
Last Updated :भोपाल , शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 (10:20 IST)

CM डॉ. मोहन यादव ने PM से की मुलाकात, गाडरवारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट भूमिपूजन का दिया न्योता

Prime Minister Narendra Modi
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से नई दिल्ली में गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सौजन्य भेंट कर नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा के सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन के विस्तार की परियोजना के भूमिपूजन के लिए न्योता दिया। प्रधानमंत्री मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट के आयोजन, प्रदेश में वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाए जाने, नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड-सांची सहकारिता अनुबंध की प्रगति रिपोर्ट के साथ प्रदेश में एनटी नक्सल अभियान की प्रगति से अवगत कराया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में एनटीपीसी लिमिटेड का सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन स्थित है। ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 1600 मेगावॉट (स्टेज II, 2×800 MW) क्षमता के विस्तार की अनुमति प्रदान की गई है। इसकी कुल लागत 20 हजार 446 करोड़ रुपए है। परियोजना को वर्ष 2029-30 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। यह परियोजना अत्याधुनिक अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल टेक्नोलॉजी पर आधारित है और इसमें एयर कूल्ड कंडेंसर टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल किया गया है, जो पारंपरिक वॉटर कूल्ड कंडेंसर (कूलिंग टॉवरों के साथ) की तुलना में पानी की खपत को 1/3 कम करता है। 
 
2026 कृषक कल्याण वर्ष
प्रधानमंत्री  मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वर्ष-2026 में 'समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश' के लक्ष्य को साकार करने के लिए 'कृषक कल्याण वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को मध्यप्रदेश में 'उद्योग एवं रोजगार वर्ष' के रूप में मनाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि कृषक कल्याण वर्ष-2026 के आयोजन के लिए जनवरी, 2026 से नवम्बर 2026 तक विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों का विस्तृत कैलेंडर तैयार किया गया है। सभी गतिविधियां 3 साल का लक्ष्य निर्धारित कर संचालित की जाएंगी। इसमें 16 से अधिक विभागों की सहभागिता रहेगी। कृषक कल्याण वर्ष-2026 में सरकार के 10 संकल्प प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना, शीघ्रनाशी फसलों वाले स्थानों पर फूड पार्क और फूड प्रोसेसिंग यूनिट बनाये जाना, कृषि उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिये सब्सिडी उपलब्ध कराना, कृषि उद्योगों में किसानों की भागीदारी को बढ़ाना के लिये कार्य करेगी। प्रदेश सरकार अगले 3 साल में 30 लाख किसानों के खेतों में सोलर पंप की स्थापना के लक्ष्य प्राप्ति के लिये कार्य करेगी।
 
अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट
प्रधानमंत्री मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अवगत कराया कि 25 दिसंबर 2025 को ग्वालियर में भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटलबिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के विशेष अवसर पर 'अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट' का आयोजन किया गया। समिट का शुभारंभ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया। इस अवसर पर 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक की लागत से औद्योगिक/निर्माण इकाइयों का सामूहिक भूमि-पूजन एवं 5,810 करोड़ रुपए लागत से औद्योगिक विकास परियोजनाओं एवं सड़क विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया।  इसके अतिरिक्त प्रदेश की 860 वृहद औद्योगिक इकाइयों को 725 करोड़ रुपए की निवेश प्रोत्साहन सहायता राशि भी सिंगल क्लिक से वितरित की गई।
प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड एवं सांची के मध्य सहकार्यता अनुबंध के पश्चात दुग्ध संघो द्वारा दूध खरीद मूल्यों में  2.50 रुपये से 8.50 रुपये. प्रति लीटर तक की वृद्धि की गई है। प्रदेश में 1394 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन तथा 661 निष्क्रिय दुग्ध समितियों को क्रियाशील बनाया गया है। इसमें लगभग 150 बहुउद्देशीय सहकारी समितियों का गठन भी सम्मिलित है। उन्होंने बताया कि 22 दिसम्बर, 2025 को दुग्ध संघों द्वारा 12 लाख कि.ग्रा. प्रतिदिन दुग्ध संकलन का स्तर प्राप्त किया गया, जो कि गत वर्ष की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है। हमारा लक्ष्य 50 लाख कि.ग्रा. प्रतिदिन दुग्ध संकलन का स्तर प्राप्त करना तथा प्रदेश के 26 हजार ग्रामों को दुग्ध सहकारी समितियों के कार्य क्षेत्र में लाना है। इसके लिए हम दृढ़ संकल्पित होकर कार्यरत हैं।
 
नक्सलमुक्त मध्यप्रदेश
प्रधानमंत्री मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आपके द्वारा मार्च 2026 तक नक्सल समस्या के खात्मे के निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण करते हुए प्रदेश ने 'नक्सल मुक्त मध्यप्रदेश' का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। अब न सिर्फ मध्यप्रदेश में बल्कि मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ (एमएमसी) जोन में भी कोई भी सशस्त्र और सक्रिय नक्सली नहीं बचा है। वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश में 10 सशस्त्र नक्सलियों को धराशायी किया है, जिन पर 1.46 करोड़ रुपए का इनाम था और 13 नक्सलियों ने हथियारों सहित आत्मसमर्पण किया।
 
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आत्म-समर्पित नक्सलियों से सघन पूछताछ कर समर्थक व्यक्तियों, संगठनों व वित्त पोषण के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। उनके द्वारा जंगल में छुपाई गई नगद राशि, हथियारों आदि को बरामद किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वे पुनः नक्सली विचारधारा की तरफ न लौट पायें। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में त्वरित विकास के लिए चिन्हित 100 अत्यंत नक्सल प्रभावित गांवों का माइक्रो डेवलपमेंट प्लान तैयार किया गया है। इसमें गांवों के सर्वांगीण विकास, आजीविका वृद्धि, मूलभूत सुविधाओं में सुधार आदि को शामिल किया गया है। नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए 'बस्तर ओलम्पिक' की तरह बालाघाट में वृहद स्तर पर खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया जा रहा है। Edited by : Sudhir Sharma
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