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Last Updated :देहरादून , रविवार, 18 जनवरी 2026 (09:55 IST)

Char Dham Yatra : चार धाम में अब मोबाइल फोन और कैमरे की No Entry, जानिए कहां तक लगा बैन

Char Dham
उत्तराखंड के पवित्र चार धाम गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के मंदिर परिसरों में इस वर्ष से मोबाइल फोन और कैमरों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर के अलावा अन्य धामों के कपाट खुलने की तिथियां अभी घोषित नहीं हुई हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट अक्षय तृतीया के पर्व पर खोले जाते हैं जो इस वर्ष 19 अप्रैल को है। बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने की तिथि बसंत पंचमी तथा केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने की तिथि महाशिवरात्रि के पर्व पर घोषित की जाती है। 
 

क्या बोले अधिकारी

ऋषिकेश स्थित चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में चारधाम यात्रा की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं के संबंध में संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों तथा विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करने के बाद गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने बताया कि बीते वर्षों में मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन एवं कैमरा ले जाने से दर्शन व्यवस्था में कई समस्याएं सामने आई थीं और इसे देखते हुए मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन एवं कैमरों को पूरी तरह से प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया है। 
पांडेय ने कहा कि चारधाम यात्रा एक पवित्र यात्रा हैं जहां लोग श्रद्धा से आते हैं। उन्होंने कहा कि  श्रद्धालु, मोबाइल और कैमरा जमा कराके मंदिर में दर्शन करें और वहां से निकलने के बाद वे मंदिर की पृष्ठभूमि में अपने फोटो और वीडियो ले लें। उन्होंने बताया कि बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति को श्रद्धालुओं के मोबाइल फोन एवं कैमरा सुरक्षित रखने के लिए मंदिर परिसरों में पृथक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 
 
गढ़वाल आयुक्त ने बताया कि चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाए जाने के उद्देश्य से अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि समीक्षा बैठक में पिछले वर्ष की यात्रा के दौरान सामने आई समस्याओं एवं अनुभवों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया तथा आगामी यात्रा की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। आयुक्त ने कहा कि पिछले यात्रा सीजन में 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चार धामों  गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ की यात्रा की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष यात्रा को और अधिक सुगम एवं सरल बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे।
 

व्लागर्स को बड़ा झटका

यह फैसला उन लोगों के लिए बड़ा झटका है, जो वीडियो और फोटोग्राफी के इरादे से भी चार धाम की यात्रा करने आते हैं। खास तौर से उन सोशल मीडिया क्रिएटर्स के लिए जो व्लॉगिंग करने भी तीर्थ स्थल आते हैं। हालांकि इस फैसले से उन श्रद्धालुओं को जरूर राहत मिलेगी, जो लंबी दूरी तय कर ईष्ट देव के दर्शनों के लिए चार धाम पहुंचते हैं। फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के चलते मंदिर परिसर में अन्य श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। Edited by : Sudhir Sharma
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