दिग्विजय सिंह के बाद कांग्रेस से कौन जाएगा राज्यसभा, दिग्गज नेताओं की खुलेगी किस्मत या नए को मिलेगा मौका?
अप्रैल में मध्य प्रदेश के कोटे से खाली हो रही राज्यसभा की दो सीटो को लेकर कांग्रेस के अंदर की सियासत गरमा गई है। दरअसल प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का राज्ययसभा का का्र्यकाल अप्रैल में पूरा हो रहा है और दिग्विजय सिंह ने साफ कर दिया है कि वह तीसरी बार राज्यसभा नहीं जाएंगे। मीडिया से चर्चा करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह अपनी सीट खाली कर रहे है। इसके बाद प्रदेश के सियासी गलियारों में कांग्रेस के कोटे से राज्यसभा कौन सा नेता जाएगा इसको लेकर चर्चा का दौर तेज हो गया है।
क्यों देना पड़ा दिग्विजय सिंह को बयान?- मध्यप्रदेश कांग्रेस में चाणक्य के नाम से जाने पहचाने जाने वाले दिग्विजय सिंह को कांग्रेस की अनुसूचित जाति विंग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने एक पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने राज्यसभा में दलितों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का अनुरोध किया था। अपने पत्र में प्रदीप अहिरवार ने अनुसूचित वर्ग के किसी नेता को राज्यसभा भेजने की मांग की थी। गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह ने कहा था कि अगर SCसमुदाय का कोई व्यक्ति कभी मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनता है तो उन्हें खुशी होगी। दिग्विजय सिंह के बयान का हवाला देते हुए प्रदीप अहिरवार ने अपने पत्र में कहा कि मध्य प्रदेश की लगभग 17 प्रतिशतअनुसूचित जाति की आबादी की उम्मीदों को आपके सामने रखते हुए मैं आपसे आग्रह करता हूं कि इस बार राज्यसभा में SC कैटेगरी से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करें।
राज्यसभा में दिग्विजय की जगह कौन?- दिग्विजय सिंह की जगह कांग्रेस में कौन नेता राज्यसभा जाएगा इसको लेकर अटकलों का दौर शुरु हो गया है। अगर देखा जाए तो राज्यसभा रेस में सबसे आगे पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का नाम है। भले कमलनाथ वर्तमान में विधायक है लेकिन वह अब प्रदेश की राजनीति में बेहद कम सक्रिय है और अधिकतर समय दिल्ली बिता रहे है, ऐसे में पार्टी उन्हें राज्यसभा भेजकर उनके अनुभवों का लाभ उच्च सदन में ले सकती है। वहीं कमलनाथ की खाली ही विधानसभा सीट पर उनके बेटे नकुलनााथ को उतारकर उनके राजनीतिक पुर्नवास की कोशिश कर सकती है। वही पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव का नाम भी राज्यसभा की रेस में आगे है। इसके साथ पार्टी माीनाक्षी नटराजन, विजयलक्ष्मी साधौ जैसे किसी महिला चेहरे पर भी दांव लगा सकती है।
क्या होगी दिग्विजय सिंह की आगे की भूमिका?- कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह का राज्यसभा कार्यकाल साल 2026 में समाप्त हो रहा है। ऐसे में उनके राज्यसभा सीट खाली करने वाले बयान के बाद अब कांग्रेस के अंदर उनकी नई भूमिका को लेकर चर्चाओं का दौर शुरु हो गया है। माना जा रहा है कि दिग्विजय सिंह राहुल गांधी की पार्टी में युवा नेताओं को आगे लाने के मिशन को पूरा करने के लिए अपने पैर पीछे खींचे है। दिग्विजय सिंह राज्यसभा न जाकर प्रदेश की जमीनी राजनीति और संगठन को मजबूत करने पर ज्यादा ध्यान दे सकते हैं। वहीं मध्य प्रदेश में कांग्रेस जिस तरह से बदलाव के दौर से गुजर रही है, उसमें अनुभवी नेताओं की भूमिका पर्दे के पीछे से रणनीतिकार के रूप में अहम हो सकती है।