मनमोहन को मोदी ने कहा 'नाइट वॉचमैन', 'राजकुमार' को ट्रेनिंग देने में बर्बाद हो गए देश के 10 साल

Last Updated: रविवार, 5 मई 2019 (20:55 IST)
सागर (मध्यप्रदेश)। पूर्व प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू और राजीव गांधी के बाद अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहनसिंह पर निशाना साधा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना नाम लिए की तुलना नाइट वॉचमैन से की है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा नरेन्द्र मोदी को कथित तौर पर एक्टिंग प्रधानमंत्री कहे जाने पर मोदी ने अध्यक्ष राहुल गांधी पर पलटवार करते कहा कि कांग्रेस ने ‘प्राइम मिनिस्टर इन वेटिंग’ (कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी) के ‘समझदार होने के इंतजार में’ 10 साल तक (2004 से 2014 तक) इस देश पर ‘एक्टिंग प्राइम मिनिस्टर’ थोप दिया था। मोदी ने कहा कि 2004 में राजकुमार को ट्रेनिंग देने में ही देश के 10 साल खराब हो गए।
कांग्रेस को हर कोई एक्टर नजर आता है : सागर लोकसभा सीट के भाजपा प्रत्याशी राजबहादुर सिंह के लिए चुनाव प्रचार करने आए मोदी ने यहां आमसभा को संबोधित करते हुए कहा कि साथियो, मैंने कहीं पढ़ा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी तो एक्टर है एक्टर। अब जिस पार्टी (कांग्रेस) के नामदारों को रिमोट की इतनी आदत हो तो उसे हर कोई एक्टर ही नजर आएगा।

मोदी ने आरोप लगाया कि चाहे रिमोट से सरकार चलानी हो या फिर रिमोट से वीडियो गेम खेलना हो। एक्टर से आगे ये लोग कुछ सोच ही नहीं पाते। और इसीलिए एक ‘प्राइम मिनिस्टर इन वेटिंग’ के समझदार होने के इंतजार में कांग्रेस ने 10 साल तक इस देश पर ‘एक्टिंग प्राइम मिनिस्टर’ थोप दिया था। मुझे जो एक्टर कह रहे हैं, उन्हें (यह) पता होना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत दुनिया में आज सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। कांग्रेस के समय में जो महंगाई दर डबल डिजिट में थी, अब उसे 3 या 4 प्रतिशत पर कंट्रोल कर दिया। मोबाइल फोन से लेकर तेज रफ्तार ट्रेन तक आज भारत में ही बन रही है।

मोदी ने कहा कि क्रिकेट में जब दिन का खेल पूरा होने का समय, आखिरी ओवर बाकी हो एक-दो, और कोई आउट होता है, तो जो आखिरी नंबर का होता है, उस खिलाड़ी को लाया जाता है और वो ‘नाइट वॉचमैन’ का काम करता है। नाइट वाचमैन भेजते हैं, जो अच्छे खिलाड़ी हैं उनको नहीं भेजते हैं।
मोदी ने कहा कि कांग्रेस को भी 2004 में अचानक मौका मिल गया। उन्होंने सोचा नहीं था और जब अचानक मौका मिल गया तो राजकुमार (राहुल गांधी) की संभालने की स्थिति नहीं थी। खुद परिवार को राजकुमार में भरोसा नहीं था। कांग्रेस को भरोसा नहीं था। और इसलिए राजकुमार तैयार होने तक परिवार का वफादार वॉचमैन बिठाने की योजना बनी।

मोदी ने आरोप लगाया कि और उन्होंने सोचा कि राजकुमार आज सीखेगा, कल सीखेगा, सब इंतजार करते रहे। भरपूर ट्रेनिंग देने की कोशिश भी की गई, लेकिन सब कुछ बेकार हो गया। इस कोशिश में देश के 10 साल तबाह हो गए, बर्बाद हो गए।
देश की नहीं कुर्सी की चिंता : उन्होंने आरोप लगाया कि एक्टिंग पीएम, रिमोट उनके पास नहीं, कहीं और था। देश की चिंता छोड़, वो कुर्सी की चिंता में ही लगे रहे। 10 साल देश ने ऐसी सरकार देखी कि हर तरफ हताशा एवं निराशा फैल गई। आखिरकार 2014 में देश की जनता ने निकालकर बाहर कर दिया। 21वीं सदी के एक पूरे दशक को कांग्रेस ने व्यर्थ गवां दिया। पीएम मोदी ने कहा कि ये रात-रात भर सोचते हैं कि ये चाय वाला इतना टिक कैसे गया और देश को इतना आगे कैसे ले जा रहा है।
उन्होंने कहा कि तत्कालीन भाजपानीत अटलबिहारी वाजपेयी की सरकार ने करीब 8 प्रतिशत विकास दर एवं बहुत कम महंगाई दर वाला ऐसा भारत 2004 में कांग्रेस के सुपुर्द किया। 2014 में ये (कांग्रेस) करीब 5 प्रतिशत की विकास दर और 10 प्रतिशत की औसत महंगाई दर का भारत हमारे नसीब में छोड़कर गए। एक ऐसा भारत जिसको दुनिया भ्रष्टाचार से जोड़ती थी, आतंक व हिंसा से जोड़ती थी, बेटियों के लिए असुरक्षित मानती थी।
मोदी पिछले 3 दिनों में देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू और राजीव गांधी पर भी हमला कर चुके हैं। 2 मई को कौशांबी की जनसभा में उन्होंने कहा था कि 1954 में जवाहरलाल नेहरू कुंभ में आए थे तो अव्यवस्था के चलते भगदड़ मची और हजारों लोगों की मौत हो गई थी, लेकिन कांग्रेस ने इस खबर को दबा दिया।

शनिवार को एक चुनावी रैली में राहुल के पिता पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी का नाम लिए बगैर कहा था कि आपके पिताजी को आपके राजदरबारियों ने गाजे-बाजे के साथ मिस्टर क्लीन बना दिया था, लेकिन देखते ही देखते भ्रष्टाचारी नंबर 1 के रूप में उनका जीवनकाल समाप्त हो गया। (एजेंसियां)

 

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