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गोवा में विवाह पंजीकरण से पूर्व एचआईवी टेस्ट अनिवार्य करने पर विचार कर रही सरकार
गोवा सरकार शादी से पहले एचआईवी टेस्ट कराने को कानूनी बनाने पर विचार कर रही है। इससे पहले भी राज्य में इसे लागू करने की पहल की गई थी।
गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने मंगलवार को कहा कि तटीय राज्य की सरकार विवाह के पंजीकरण से पहले एचआईवी टेस्ट अनिवार्य करने पर विचार कर रही है। राणे ने आईएएनएस को बताया, "हम गोवा में विवाह के पंजीकरण से पहले भावी जोड़ों के लिए एचआईवी टेस्ट अनिवार्य करने पर विचार कर रहे हैं। यह अभी अनिवार्य नहीं है।"
राणे वे, जो प्रांत के कानून मंत्री भी हैं, कहा कि शादी से पहले एचआईवी टेस्ट को अनिवार्य बनाने के प्रस्ताव पर कानून विभाग द्वारा गौर किया जा रहा है। राणे ने कहा, "अगर इसे जल्द ही विभाग द्वारा मंजूरी दे दी जाती है, तो हम राज्य विधान सभा के मानसून सत्र में कानून बनाएंगे।" मानसून सत्र 15 जुलाई से शुरू होगा।
महाराष्ट्र और गोवा में इस तरह की पहल पहले भी हो चुकी है। 2008 में महाराष्ट्र में विधायकों की एक समिति ने इसका प्रस्ताव दिया था। 2006 में, गोवा के तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री दयानंद नारवेकर ने एक प्रस्ताव रखा था, जिसमें गोवा कैबिनेट ने विवाह से पहले एचआईवी परीक्षण को अनिवार्य बनाने वाले कानून को मंजूरी दी थी। लेकिन पहल फलीभूत नहीं हुई।
आरआर/एमजे (आईएएनएस)
