स्मृति और जेमीमा की धीमी पारी से कप्तान और फैंस नाराज, हारने की बड़ी वजह
17 dot balls
— TukTuk Academy (@TukTuk_Academy) June 28, 2026
14 single/double
103 strike rate
37 balls
What an extraordinary TukTuk knock from Greatest of some times Queen Mandhana in virtual knockout match pic.twitter.com/3iBlNUkP1A
Smriti Mandhana and Jemimah Rodrigues are pain to watch in a T20 game, They just does not have that power hitting skills. Specially Smriti never performs in crucial matches; overrated tbh. Only Harman Preet Kaur and Deepti Sharma are big match player in this team. #INDWvsAUSW
— Ezhil (@Ezhil_Goveas) June 28, 2026
Couple goals pic.twitter.com/VosIoVznnF
— Gagan (@1no_aalsi_) June 28, 2026
31(20) & 25(23) in front of kohli pic.twitter.com/7leLEyjM0T
— Rahul (@BeingTrickyy) June 28, 2026
Prime example of why you should never make someone a superstar just because of one innings. pic.twitter.com/N5Sr4wsaZr
— Shah (@Shahhoon1) June 28, 2026कप्तान हरमनप्रीत कौर ने आस्ट्रेलिया से मिली हार के बाद महिला टी20 विश्व कप से बाहर होने के बाद रविवार को कहा कि भारतीय टीम अपने स्तर की क्रिकेट नहीं खेल सकी और अब पुनर्विचार का समय आ गया है।हरमनप्रीत ने मैच के बाद कहा , हम कुछ समय तक मैच में थे लेकिन अपने स्तर का खेल नहीं दिखा सके। एक ईकाई के रूप में हमें कई चीजों पर विचार करना होगा।
उन्होंने कहा , हमारा स्कोर ठीक ठाक था। एक समय हमें लगा कि हम कुछ पीछे रह गए हैं लेकिन आखिरी ओवर में मैने भरपाई की। लेकिन हम अच्छा नहीं खेले। आस्ट्रेलिया ने उम्दा गेंदबाजी की। पूरे टूर्नामेंट में अच्छी टीमों के खिलाफ हमारा प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा।
कोच ने भी कोसा धीमी बल्लेबाजी को
भारत के महिला टी20 विश्व कप के ग्रुप चरण से बाहर होने के बाद मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने स्वीकार किया कि टीम ने तीनों विभाग में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया और उसे खेल के सबसे छोटे प्रारूप में अपनी रणनीति पर फिर से विचार करने की जरूरत है।मजूमदार ने मैच के बाद पत्रकारों से कहा, हमें अपनी रणनीति या अपने टी20 खेल पर फिर से विचार करना होगा। हमें वास्तव में यह तय करना होगा कि हम किस संयोजन के साथ खेलने जा रहे हैं।
भारतीय कोच ने हालांकि कहा कि उनकी टीम ने चुनौती पूर्ण स्कोर बनाया था लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने उनसे बेहतर प्रदर्शन किया।उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि हमने अच्छा स्कोर बनाया था। हमने पारी के अंत में लय भी हासिल कर ली थी और मुझे लगता है कि हमने इसे मैदान पर भी बरकरार रखा। लेकिन आखिर में ऑस्ट्रेलिया हमसे बेहतर टीम साबित हुई।
बल्लेबाजी कभी भी लय में नहीं दिखी
असल में पूरे टूर्नामेंट में भारत की बल्लेबाजी कभी भी लय में नहीं दिखी। शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों के नियमित योगदान के बावजूद मध्य क्रम के बल्लेबाज अच्छी शुरुआत का फायदा उठाने में बार-बार नाकाम रहे।टूर्नामेंट के दौरान भी तेज आक्रमण, मध्यक्रम के संयोजन और हरफनमौलाओं के विकल्प को लेकर सवालों के जवाब नहीं मिल सके।
तेज गेंदबाजी में विकल्प कम
पांच ग्रुप मैचों में तेज आक्रमण में कई बदलाव किये गए। नंदनी शर्मा और क्रांति गौड़ ने तीन तीन मैच खेले जबकि रेणुका सिंह और अरूंधति रेड्डी को दो ही मैचों में उतारा गया। हरफनमौला तेज गेंदबाज अमनजोत कौर और आफ स्पिनर श्रेयंका पाटिल की चोट ने मुश्किलें बढाई।बायें हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने छह से कम की किफायत दर से 14 विकेट चटकाये। रेणुका जैसी अनुभवी गेंदबाज का पूरा इस्तेमाल नहीं करना भी समझ से परे रहा।
बल्लेबाजी में बीच के ओवरों में रनगति बहुत ही कम रही। यास्तिका भाटिया और जेमिमा रौड्रिग्स ने निराश किया जिससे रिचा घोष और दीप्ति शर्मा पर दबाव बना। स्मृति मंधाना का स्ट्राइक रेट भी चिंता का विषय रहा।
लचर फील्डिंग ने बढ़ाई टेंशन
इसके अलावा भारत की फील्डिंग काफी लचर रही। भारतीय टीम ने पांच मैचों में दस कैच टपकाये और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मरियाने काप का कैच छोड़ना भारी पड़ा जिससे भारत को पराजय का सामना करना पड़ा।बांग्लादेश के खिलाफ भी पहले पांच ओवर में चार कैच छूटे।

