7 महीने बाद रविंद्र जड़ेजा की वनडे क्रिकेट में वापसी, खेलेंगें इंडीज के खिलाफ
भारत के शीर्ष ऑलराउंडर्स में से एक रविंद्र जड़ेजा को ढलते करियर के बीच एक संजीवनी मिली है। उनको आगामी वेस्टइंडीज सीरीज के लिए टीम इंडिया में चुना गया है। क्रिकेट विशेषज्ञों को लगा था कि जनवरी में न्यूजीलैंड के खिलाफ खराब प्रदर्शन के कारण उनका लौट पाना मुश्किल है लेकिन चयनकर्ताओं ने उनको दूसरा मौका दिया है।
गौरतलब है कि ऑलराउंडर रविंद्र जड़ेजा न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में बल्ले और गेंद दोनों से फ्लॉप रहे। 3 मैचों में उन्होंने 14 की औसत से 43 रन बनाए। पूरी सीरीज में वह सिर्फ एक बार ही गेंद को सीमा पार भेज पाए।
वहीं गेंद से तो वह एक विकेट के लिए तरसते रह गए। पहले मैच में उन्होंने 9 ओवर में 56 रन दिए। दूसरे मैच में उन्होंने 8 ओवर में 44 रन दिए और अंतिम मैच में उन्होंने 6 ओवर में 41 रन दिए। कुल मिलाकर वह 21 ओवर में 141 रन देकर भी एक विकेट नहीं ले सके। रविंद्र जड़ेजा 37 साल के हो चुके हैं और अक्षर पटेल की जगह ले रहे हैं जो टीम को कई अहम मौकों पर गेंद और बल्ले से मैच जितवा चुके हैं।
रविंद्र जड़ेजा के सफेद गेंद के करियर पर नजर डालें तो वह 210 मैच खेल चुके हैं। 32 की औसत के साथ उन्होंने 2905 रन बनाए हैं। इसमें 12 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में गेंद से उन्होंने 232 विकेट निकाले हैं। इसमें 7 बार 4 विकेट और 2 बार 5 विकेट लेना शामिल है।
वहीं टी-20 क्रिकेट में उन्होंने 74 मैच खेले और 21 की औसत से 515 रन बना पाए। इसमें एक भी अर्धशतक शामिल नहीं है। वहीं इस प्रारुप में वह सिर्फ 54 विकेट ही निकाल पाए।
हालांकि टेस्ट क्रिकेट में उनकी उपयोगिता को नकारा नहीं जा सकता। साल 2012 से शुरु हुआ रविंद्र जड़ेजा का क्रिकेट करियर अब ढलान पर है। 89 मैचों में उन्होंने 38.3 की औसत से 4095 रन बनाए हैं। जिसमें 6 शतक और 28 अर्धशतक लगाए हैं। गेंदबाजी की बात करें तो उन्होंने 25 की औसत से 348 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उन्होंने 17 बार 4 विकेट और 15 बार 5 विकेट चटकाए हैं।टेस्ट क्रिकेट में उनको कितना मौका मिलता है यह देखने वाली बात होगी।
वहीं गेंद से तो वह एक विकेट के लिए तरसते रह गए। पहले मैच में उन्होंने 9 ओवर में 56 रन दिए। दूसरे मैच में उन्होंने 8 ओवर में 44 रन दिए और अंतिम मैच में उन्होंने 6 ओवर में 41 रन दिए। कुल मिलाकर वह 21 ओवर में 141 रन देकर भी एक विकेट नहीं ले सके। रविंद्र जड़ेजा 37 साल के हो चुके हैं और अक्षर पटेल की जगह ले रहे हैं जो टीम को कई अहम मौकों पर गेंद और बल्ले से मैच जितवा चुके हैं।
ऐसा रहा है करियरAre you happy to see Ravindra Jadeja is back in India's ODI squad? pic.twitter.com/hqsVHrStoL
— Cricbuzz (@cricbuzz) September 17, 2026
रविंद्र जड़ेजा के सफेद गेंद के करियर पर नजर डालें तो वह 210 मैच खेल चुके हैं। 32 की औसत के साथ उन्होंने 2905 रन बनाए हैं। इसमें 12 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में गेंद से उन्होंने 232 विकेट निकाले हैं। इसमें 7 बार 4 विकेट और 2 बार 5 विकेट लेना शामिल है।
हालांकि टेस्ट क्रिकेट में उनकी उपयोगिता को नकारा नहीं जा सकता। साल 2012 से शुरु हुआ रविंद्र जड़ेजा का क्रिकेट करियर अब ढलान पर है। 89 मैचों में उन्होंने 38.3 की औसत से 4095 रन बनाए हैं। जिसमें 6 शतक और 28 अर्धशतक लगाए हैं। गेंदबाजी की बात करें तो उन्होंने 25 की औसत से 348 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उन्होंने 17 बार 4 विकेट और 15 बार 5 विकेट चटकाए हैं।टेस्ट क्रिकेट में उनको कितना मौका मिलता है यह देखने वाली बात होगी।

