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Tue, 18 Aug 2026

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धोनी ने भुवनेश्वर को दी यह टिप्स, और मैच जीत गया इंडिया...

MS Dhoni
पल्लेकेले। महेंद्र सिंह धोनी के साथ मिलकर श्रीलंका के खिलाफ दूसरे वनडे में भारत को हार की कगार से निकालकर जीत दिलाने वाले भुवनेश्वर कुमार ने कहा कि पूर्व कप्तान ने उनसे टेस्ट क्रिकेट की तरह पारी खेलने को कहा था।
 
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भुवनेश्वर ने 53 रन बनाए और धोनी के साथ आठवें विकेट की नाबाद साझेदारी में 100 रन जोड़े । भारत ने यह मैच तीन विकेट से जीता।
 
भुवनेश्वर ने मैच के बाद कहा कि जब मैं बल्लेबाजी के लिए उतरा तो धोनी ने मुझे टेस्ट क्रिकेट की तरह अपना स्वाभाविक खेल दिखाने को कहा। उन्होंने कहा कि दबाव नहीं लूं क्योंकि काफी ओवर बाकी है। हमें पता था कि आराम से खेलने पर लक्ष्य हासिल करना मुश्किल नहीं होगा।
 
उन्होंने कहा, 'मुझे पता था कि उन हालात में खोने के लिये कुछ नहीं था क्योंकि हमारे सात विकेट पहले ही गिर चुके थे। मैं सोच रहा था कि जितना हो सके, एमएस की मदद करूं। मैने वही कोशिश भी की।
 
श्रीलंका के आफ स्पिनर अकिला धनंजया ने 54 रन देकर छह विकेट लिए और भारतीय मध्यक्रम की धज्जियां उड़ा दी। इससे पहले रोहित शर्मा और शिखर धवन ने आक्रामक शुरुआत की थी।
 
भुवनेश्वर ने कहा, 'यह हैरानी की बात थी क्योंकि शुरुआती साझेदारी बहुत अच्छी हुई थी। इसके बाद तीन चार विकेट गिर गए तो हम दबाव में आ गए। ड्रेसिंग रूम या एमएस धोनी की ओर से कोई संदेश नहीं था। उन्होंने सिर्फ यही कहा कि जितनी देर हो सके, क्रीज पर डटा रहूं। मैं भी यही चाहता था क्योंकि पूरे ओवर टिके रहने पर ही हम जीत सकते थे।'

यह पूछने पर कि उन्होंने धनंजया का सामना कैसे किया, भुवनेश्वर ने कहा कि मैने उसके खिलाफ रणनीति बनाई थी। वह ऑफ स्पिनर है लेकिन लेग स्पिन और गुगली डाल रहा था जो हैरानी की बात थी। मैं उसकी खराब गेंदों का इंतजार कर रहा था। बाहर जाती गेंदों से मुझे कोई दिक्कत नहीं थी।
 
भुवनेश्वर ने कहा कि धनंजया ने सारे विकेट गुगली पर लिए लिहाजा मेरी रणनीति उसकी इनकमिंग गेंदों को बखूबी खेलने की थी। शुरुआत में दिक्कत आई लेकिन बाद में ठीक हो गया।
 
भुवनेश्वर ने कहा कि हमें कुछ अलग नहीं करना था। हमने एक दो रन लेने का कोई मौका नहीं छोड़ा। हम कुछ खास करने की कोशिश में नहीं थे। हमने स्वाभाविक खेल दिखाया।
 
उन्होंने कहा कि यह बिल्कुल टेस्ट मैच जैसी स्थिति थी। मैं संजय बांगड़ को धन्यवाद दूंगा जिन्होंने टेस्ट श्रृंखला में मुझ पर काफी मेहनत की। मैं इस तरह के हालात से निपटने के लिये पूरी तरह तैयार था। (भाषा) 
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