रोहित शर्मा को शामिल करने पर अड़ी BCCI इसलिए आगरकर ने चिढकर ज्वाइन नहीं की मीटिंग
बुधवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की रिव्यू मीटिंग में पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर बीसीसीआई और मुख्य चयनकर्ता एक राय पर नहीं दिखे। जब यह खबर आई कि चयनकर्ता 2027 वर्ल्ड कप के लिए रोहित को नहीं चाहते और लॉर्ड्स वनडे उनका आखिरी मैच होगा, तो बीसीसीआई ने तुरंत इसका खंडन किया। लगभग ऐसा ही जवाब बीसीसीआई सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने इस बार दिया है।
उन्होंने यह कहा कि रोहित शर्मा अभी औसत से बेहतर खेल रहे हैं और टीम की योजना को लेकर उनकी भूमिका पर कोई संशय नहीं है। मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर इस मीटिंग में हीं थे। शायद उनको पहले ही बोर्ड का विचार पता लग गया होगा। यह अफवाह है कि रोहित की पैरवी के कारण ही वह इस मीटिंग में शामिल नहीं हुए थे।
माना जा रहा था रोहित शर्मा ने अपने PR यानि कि जनसंपर्क के कारण अफगानिस्तान सीरीज में अपनी जगह बचा ली थी लेकिन इंग्लैंड उनकी अंतिम सीरीज मानी जा रही थी।रोहित शर्मा ने फिर जबरदस्त जनसंपर्क की बिसात बिछाकर अपनी जगह एक बार फिर बचा ली और आलोचकों के मुंह शतक लगाकर बंद कर दिए।
आगरकर से जुड़ी खबर में इस बात का भी जिक्र है कि कई चयनकर्ताओं को लगता है कि उनके साथ धोखा हुआ है क्योंकि उनको लगता है कि रोहित के रहते भारतीय टीम 2027 वनडे विश्व कप नहीं जीत सकती जबकि बीसीसीआइ के कुछ बड़े लोग सोशल मीडिया को देखकर अपनी रणनीति बदल रहे हैं।
एकदिवसीय विश्वकप 2027 के लिए मुख्य चयनकर्ता और चयन समिती की पहली पसंद यशस्वी जासवाल है जो 3 पारियो में दो एकदिवसीय शतक लगा चुके हैं। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका और अफगानिस्तान के खिलाफ शतक जमाया था। लेकिन बोर्ड संभवत प्रसारणकर्ता के दबाव के कारण बुरे फॉर्स से गुजर रहे रोहित शर्मा को बरकरार रखना चाहती है।
रोहित शर्मा का साल भर रहा बुरा फॉर्म, लॉर्ड्स पर मिली संजीवनी
गौरतलब है कि रोहित शर्मा खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और इंग्लैंड के पहले दो एकदिवसीय मैच में फ्लॉप रहे थे। जिसके बाद उनकी संन्यास की अटकलें लगनी शुरु हो गई थी। हालांकि आज उन्होंने बेहतरीन पारी खेली। रोहित शर्मा ने 110 गेंदो में 138 रन बनाए। उन्हें जैकब बैथल ने बोल्ड किया।
रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे। दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था।
अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।
इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।
माना जा रहा था रोहित शर्मा ने अपने PR यानि कि जनसंपर्क के कारण अफगानिस्तान सीरीज में अपनी जगह बचा ली थी लेकिन इंग्लैंड उनकी अंतिम सीरीज मानी जा रही थी।रोहित शर्मा ने फिर जबरदस्त जनसंपर्क की बिसात बिछाकर अपनी जगह एक बार फिर बचा ली और आलोचकों के मुंह शतक लगाकर बंद कर दिए।
आगरकर से जुड़ी खबर में इस बात का भी जिक्र है कि कई चयनकर्ताओं को लगता है कि उनके साथ धोखा हुआ है क्योंकि उनको लगता है कि रोहित के रहते भारतीय टीम 2027 वनडे विश्व कप नहीं जीत सकती जबकि बीसीसीआइ के कुछ बड़े लोग सोशल मीडिया को देखकर अपनी रणनीति बदल रहे हैं।
मुख्य चयनकर्ता और चयनसमिती की पसंद यशस्वी जायसवालPower struggle within the BCCI.
— Indian Cricket (@Indiancric1cm) September 3, 2026
- Ajit Agarkar deliberately stayed away from this meeting because BCCI office bearers are pressuring the selection committee to select a specific senior player [Rohit Sharma], even though a decision regarding him had already been made.… pic.twitter.com/00uOGQlT0m
रोहित शर्मा का साल भर रहा बुरा फॉर्म, लॉर्ड्स पर मिली संजीवनी
गौरतलब है कि रोहित शर्मा खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और इंग्लैंड के पहले दो एकदिवसीय मैच में फ्लॉप रहे थे। जिसके बाद उनकी संन्यास की अटकलें लगनी शुरु हो गई थी। हालांकि आज उन्होंने बेहतरीन पारी खेली। रोहित शर्मा ने 110 गेंदो में 138 रन बनाए। उन्हें जैकब बैथल ने बोल्ड किया।
रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे। दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था।
अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।

