कांग्रेस का दावा, ‘मोदी स्लोडाउन’ से पार पाने के लिए अभी लंबा सफर तय करना है
नई दिल्ली। कांग्रेस ने मौजूदा वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आंकड़े जारी होने से पहले कहा कि आंकड़ों में उछाल आ सकता है जिससे सुर्खियां बनेंगी, लेकिन वास्तविक विकास दर 2018 की तुलना में भी कम है।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया कि आर्थिक विकास दर को कोविड से पहले नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा पैदा की गई आर्थिक सुस्ती (मोदी स्लोडाउन) से पार पाने में अभी लंबा समय तय करना होगा।
रमेश ने ट्वीट किया, 'जुमला अलर्ट : अप्रैल-जून, 2022 के लिए जीडीपी के आंकड़े आज जारी होंगे। इसमें पिछले साल के मुकाबले उछाल आ सकता है। सुर्खियां बटोरेने वाले ये आंकड़े पहले कम रही विकास दर की वजह से ज्यादा होंगे।' उन्होंने कहा कि हालांकि वास्तविक विकास दर 2018 की तुलना में भी कम है।
इससे पहले प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के चेयरमैन बिबेक देबरॉय ने अनुमान जताया कि भारत 2047 तक उच्च-मध्य आय वाला देश बन सकता है, बशर्ते अगले 25 साल में औसत वार्षिक वृद्धि 7 से 7.5 प्रतिशत के बीच रहे। उन्होंने साथ ही कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार 2047 तक 20,000 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।Jumla Alert: Apr-Jun 2022 quarterly GDP figure later today could show a jump from a year ago. This headline-grabbing number will be due to low-base effect.
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) August 31, 2022
Real GDP in Apr-Jun 2021 was lower than in Apr-Jun 2018! A long way to go before we reverse the pre-Covid Modi slowdown. pic.twitter.com/s0PPt3JRbt
देबरॉय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। विश्व बैंक की परिभाषा के अनुसार यदि किसी देश की प्रति व्यक्ति आय 12,000 अमेरिकी डॉलर से अधिक है, तो उसे उच्च-आय वाला देश माना जाता है। उन्होंने कहा कि भारत की वृद्धि के लिए राज्यों की वृद्धि महत्वपूर्ण है।

