होंडा और टाटा मोटर्स ने पकड़ी रफ्तार

नई दिल्ली| वार्ता| पुनः संशोधित सोमवार, 4 जनवरी 2010 (10:31 IST)
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वैश्विक मंदी से जहाँ एक ओर दुनिया भर में कयी दिग्गज ऑटो कंपनियों में ताला लगाने की नौबत आ गई, वहीं भारत में वाहनों की बिक्री में इजाफा होता रहा जिसके दम पर ऑटो कंपनियों ने खासा मुनाफा बटोरा।

चालू वित्त वर्ष के 31 दिसंबर को समाप्त पहले नौ महीनों में बिक्री के लिहाज से ऑटो कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर रहा। इस अवधि में लक्जरी यात्री कारें बनाने वाली होंडा मोटर्स इंडिया और व्यावसायिक वाहन बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी की बिक्री में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खासी बढ़ोतरी दर्ज हुई।

इस अवधि में टाटा मोटर्स की बिक्री पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 19 फीसदी बढ़ी। कंपनी ने इस दौरान कुल 19 फीसदी अधिक 4 लाख 32 हजार 630 वाहन बेचे जबकि वित्त वर्ष 2008 की समान अवधि में यह आँकड़ा 3 लाख 63 हजार 353 वाहनों का रहा था। इस अवधि में कंपनी की ओर से घरेलू बाजार में बेचे गए व्यावसायिक वाहनों की संख्या 2 लाख 55 हजार 168 रही, जो कि वित्त वर्ष 2008-09 की समान अवधि के मुकाबले 31 फीसदी अधिक थी।
खासतौर पर दिसंबर का महीना कंपनी के लिए अच्छी खबरें लेकर आया। इस दौरान कंपनी की बिक्री में वर्ष 2008 के दिसंबर महीने की तुलना में 104.71 फीसदी का इजाफा हुआ। कंपनी ने इस अवधि मे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कुल 5।627 वाहन बेचे जबकि वर्ष 2008 के दिसंबर महीने में यह आँकड़ा 25219 वाहनों तक सीमित रहा था। इस अवधि में घरेलू बाजार में बेचे गए वाहनों की संख्या 48173 रही जबकि वर्ष 2008 के दिसंबर में कुल 23894 वाहन ही बेचे जा सके थे।
निर्यात स्तर पर भी कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा। कंपनी ने इस दौरान कुल 3 हजार 454 वाहनों का निर्यात किया जबकि वर्ष 2008 के दिसबंर में कुल 1 हजार 325 वाहनों का निर्यात हुआ था।

कंपनी की सबसे चर्चित नैनो का प्रदर्शन दमदार रहा। बाजार में मौजूद एक से बढ़कर एक डिजाइनर और लक्जरी कारों को बिक्री के लिहाज से इस लखटिया ने कड़ी टक्कर दी। अकेले दिसंबर माह में कंपनी 3 हजार 610 नैनो बेची जबकि मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में इसकी कुल बिक्री 17 हजार 534 इकाई रही ।
उधर होंडा की प्रीमियम मॉडल वाली लक्जरी कार ने भी चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में बिक्री के मोर्चे पर अच्छा प्रदर्शन किया। इस दौरान कंपनी ने 43 हजार 626 गाड़ियाँ बेचीं, जो कि पिछले वित्त वर्ष 2008 की समान अवधि के 33 हजार 700 गाड़ियों के मुकाबले 29.45 फीसदी अधिक रही।
खासतौर पर दिसंबर 2009 में कंपनी ने खासा मुनाफा बटोरा। इस दौरान उसने वर्ष 2008 के दिसंबर में बेची गई 3668 गाड़ियों की तुलना में 10.71 फीसदी अधिक 4 हजार 061गाड़ियों बेचीं। इनमें 3269 होंडा सिटी, 269 जैज, 363 सिविक, 113 एकार्ड और 47 सीआरवी के मॉडल शामिल थे। (वार्ता)



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