ganesh chaturthi

बच्चों की कविता : मजे से

Updated: शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2020 (13:09 IST)
हंसों मजे से, गाओ मजे से,
हंसकर खाना, खाओ मजे से।
 
बच्चों फिर दादी से बोलो,
अच्छी कथा सुनाओ मजे से।
 
दादी कथा सुनाएं तो फिर,
हूंका देते जाओ मजे से।
 
सुनते-सुनते कथा कहानी,
चुपके से सो जाओ मजे से।
 
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लेखक के बारे में
प्रभुदयाल श्रीवास्तव
12, शिवम सुंदरम नगर, छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश (Mo.-+919131442512).... और पढ़ें

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